सेंसेक्स 626 अंक उछला, निफ्टी 24,669 पर; वैश्विक तनाव घटा, RBI-MPC फैसले का इंतजार
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स बुधवार, 5 अगस्त को शुरुआती कारोबार में 626.43 अंक (0.80 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 79,055.38 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 54.30 अंक (0.22 प्रतिशत) की तेजी के साथ 24,669.20 पर था। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की गिरती कीमतों ने घरेलू बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।
किन सेक्टरों ने दिखाई तेजी
शुरुआती कारोबारी सत्र में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी इन्फ्रा शीर्ष बढ़त वाले सूचकांक रहे। इसके अलावा निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑटो, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी पीएसई भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
दूसरी ओर, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लाल निशान में थे।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक में IndiGo, M&M, बजाज फिनसर्व, L&T, ट्रेंट, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, Eternal, मारुति सुजुकी, SBI, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और NTPC बढ़त में रहे। वहीं Sun Pharma, Titan, TCS और BEL गिरावट में थे।
वैश्विक संकेत और कच्चे तेल का असर
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के उस बयान ने बाजार को बड़ा सहारा दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए ईरान के साथ जल्द समझौते की संभावना है। इस खबर से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई — ब्रेंट क्रूड 1.35 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78.29 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 1.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
यह भारत के लिए विशेष रूप से राहत की बात है, क्योंकि देश अपनी कुल जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल घटता है, जिसका सीधा असर चालू खाता घाटे और मुद्रास्फीति पर पड़ता है।
एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख रहा। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे, जबकि हांगकांग में सपाट कारोबार हो रहा था। मंगलवार को अमेरिकी बाजार में डाओ जोन्स 1.71 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स 2.59 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए थे।
RBI-MPC फैसले पर निगाहें
घरेलू निवेशकों की नजर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के उस फैसले पर टिकी है, जिसका ऐलान सुबह 10 बजे IST किया जाना था। ब्याज दरों को लेकर समिति का रुख बाजार की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधि
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय इक्विटी बाजार में लगातार खरीदार बने हुए हैं। मंगलवार को FII ने ₹2,446.47 करोड़ की इक्विटी खरीदी, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹936.14 करोड़ की निकासी की। FII की यह निरंतर खरीदारी बाजार में तरलता बनाए रखने में सहायक है।
आगे की चाल काफी हद तक RBI-MPC के फैसले, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।