20 सितंबर 2026
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'हनुमान अंश' प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर बागेश्वर धाम पहुंचीं, बोलीं — भारतीय संस्कृति को विश्व तक पहुंचाना है लक्ष्य

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'हनुमान अंश' प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर बागेश्वर धाम पहुंचीं, बोलीं — भारतीय संस्कृति को विश्व तक पहुंचाना है लक्ष्य

सारांश

फिल्म 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर बागेश्वर धाम पहुंचीं और बागेश्वर महाराज पर फिल्म बनाने की अफवाह को गलतफहमी बताया। उन्होंने धाम की सेवाओं की तारीफ की और कहा कि भारतीय संस्कृति को विश्व मंच तक पहुंचाना उनका असली लक्ष्य है।

मुख्य बातें

अनुप्रिया नागर , फिल्म 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर, 20 सितंबर 2026 को बागेश्वर धाम, छतरपुर पहुंचीं।
उन्होंने बागेश्वर महाराज पर फिल्म बनाने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे गलतफहमी बताया।
फिल्म को शुरुआती दौर में इंडस्ट्री की नकारात्मक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा, पर टीम ने नीम करौली बाबा की कृपा पर भरोसा रखा।
धाम के गुरुकुल में संस्कृत, अंग्रेज़ी के साथ घुड़सवारी जैसी गतिविधियाँ भी सिखाई जा रही हैं।
धाम में कैंसर अस्पताल का निर्माण जारी है, जो भविष्य में जरूरतमंद मरीजों को इलाज की सुविधा देगा।
अनुप्रिया का लक्ष्य सिनेमा के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करना है।

फिल्म 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर 20 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम पहुंचीं, जहाँ उन्होंने धाम की विभिन्न सेवाओं का जायज़ा लिया और अपनी भावी योजनाओं को साझा किया। नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित इस फिल्म की निर्माता ने कहा कि उनका उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मूल्यों को वैश्विक मंच पर ले जाना है।

बागेश्वर धाम फिल्म की अफवाह पर सफाई

अनुप्रिया नागर ने पहले उस चर्चा को स्पष्ट रूप से खारिज किया जिसमें यह कहा जा रहा था कि वह बागेश्वर धाम या बागेश्वर महाराज पर फिल्म बनाने की तैयारी में हैं। उन्होंने इसे सिरे से गलतफहमी बताया और कहा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा।

उन्होंने यह ज़रूर स्वीकार किया कि धाम और गुरुजी के प्रति उनकी गहरी आस्था है। उनके शब्दों में, यहाँ आने पर ऐसा लगता है जैसे वह अपने परिवार के बीच आई हों। भविष्य में किसी भी कार्य के लिए गुरुजी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद की उनकी चाहत बनी रहेगी।

धाम का अनुभव और ऊर्जा

यह अनुप्रिया की बागेश्वर धाम की दूसरी यात्रा थी — इससे पहले वह भिवंडी मठ भी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने यहाँ की सभी व्यवस्थाएँ देखी हैं। यहाँ की ऊर्जा और आस्था बहुत मज़बूत है और मैंने व्यक्तिगत रूप से इसे महसूस किया है।'

उन्होंने धाम में संचालित अन्नपूर्णा रसोई और भंडारे की विशेष प्रशंसा की, जहाँ रोज़ाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाता है। साथ ही उन्होंने गौशाला का दौरा किया और निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल की योजना के बारे में जानकारी ली।

'हनुमान अंश' का सफर और चुनौतियाँ

अपनी फिल्म के शुरुआती दौर को याद करते हुए अनुप्रिया ने बताया कि पहले सप्ताह के बाद उद्योग में तरह-तरह की बातें होने लगी थीं और चिंता का माहौल बन गया था। इसके बावजूद पूरी टीम ने हिम्मत नहीं खोई।

उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा नीम करौली बाबा की कृपा पर भरोसा रहा और इसी विश्वास ने उन्हें आगे बढ़ाया। गुरुजी से मिले मार्गदर्शन ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में आगे के काम के लिए प्रेरित किया है। वह कहती हैं कि वह अभी भी सीखने की स्थिति में हैं।

गुरुकुल और कैंसर अस्पताल की पहल

अनुप्रिया ने धाम के गुरुकुल का भी दौरा किया। उन्होंने बताया कि यहाँ बच्चों को संस्कृत और अंग्रेज़ी के साथ-साथ घुड़सवारी और अन्य गतिविधियाँ भी सिखाई जा रही हैं — जो पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा के अनूठे संगम का उदाहरण है।

निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल के बारे में उन्होंने कहा कि यह जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी राहत होगी। अभी गुरुजी व्यक्तिगत स्तर पर लोगों की मदद करते हैं, लेकिन अस्पताल पूरा होने पर इलाज की सुविधा और अधिक व्यापक हो जाएगी।

भविष्य की योजनाएँ

अनुप्रिया नागर ने स्पष्ट किया कि उनका फोकस केवल व्यावसायिक फिल्में बनाने तक सीमित नहीं है। वह भारतीय संस्कृति और मूल्यों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक — और विश्व स्तर पर — पहुँचाना चाहती हैं। यह लक्ष्य 'हनुमान अंश' जैसी आध्यात्मिक सामग्री पर केंद्रित फिल्मों के माध्यम से आगे बढ़ाने की उनकी मंशा को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'भारतीय संस्कृति को विश्व तक पहुँचाने' जैसे बड़े दावों को ठोस सामग्री से सिद्ध करना बाकी है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'हनुमान अंश' फिल्म किस पर आधारित है?
'हनुमान अंश' नीम करौली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित फिल्म है, जिसे अनुप्रिया नागर ने प्रोड्यूस किया है। रिलीज़ के बाद शुरुआती सप्ताह में फिल्म को इंडस्ट्री की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी।
क्या अनुप्रिया नागर बागेश्वर महाराज पर फिल्म बनाने जा रही हैं?
नहीं। अनुप्रिया नागर ने स्पष्ट किया है कि बागेश्वर महाराज या बागेश्वर धाम पर फिल्म बनाने की बात पूरी तरह गलतफहमी है और उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा। भविष्य में किसी भी काम के लिए गुरुजी का मार्गदर्शन लेने की इच्छा उन्होंने ज़रूर जताई है।
बागेश्वर धाम में कौन-सी सेवाएँ और सुविधाएँ संचालित हो रही हैं?
बागेश्वर धाम में अन्नपूर्णा रसोई और भंडारे के माध्यम से रोज़ाना बड़ी संख्या में लोगों को निःशुल्क भोजन कराया जाता है। इसके अलावा एक गुरुकुल है जहाँ संस्कृत, अंग्रेज़ी और घुड़सवारी जैसी गतिविधियाँ सिखाई जाती हैं, और एक कैंसर अस्पताल निर्माणाधीन है।
बागेश्वर धाम का कैंसर अस्पताल कब तक पूरा होगा?
अनुप्रिया नागर के अनुसार धाम में कैंसर अस्पताल का निर्माण कार्य अभी जारी है। पूरा होने की निश्चित तिथि की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह जरूरतमंद मरीजों को इलाज की सुविधा देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
अनुप्रिया नागर की भविष्य की फिल्म योजनाएँ क्या हैं?
अनुप्रिया नागर ने कहा है कि उनका लक्ष्य भारतीय संस्कृति और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर पहुँचाना है। उन्होंने किसी विशेष फिल्म की घोषणा नहीं की है, लेकिन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर काम जारी रखने की इच्छा जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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