प्रयागराज: बड़े मंगल पर लेटे हुए हनुमान मंदिर में उमड़ी आस्था की बाढ़, सुबह 4 बजे से लगीं कतारें

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प्रयागराज: बड़े मंगल पर लेटे हुए हनुमान मंदिर में उमड़ी आस्था की बाढ़, सुबह 4 बजे से लगीं कतारें

सारांश

ज्येष्ठ माह के दूसरे बड़े मंगल पर प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर में सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। विश्व के इस अनूठे मंदिर में पुलिस-प्रशासन की कड़ी व्यवस्था के बीच दूर-दूर से आए भक्तों ने घंटों कतार में खड़े होकर दर्शन किए।

मुख्य बातें

12 मई 2025 को ज्येष्ठ माह के दूसरे बड़े मंगल पर प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
सुबह तड़के 4 बजे से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारें लग गईं और परिसर जयकारों से गूंज उठा।
लेटे हुए हनुमान मंदिर को विश्व में अपनी तरह का अनूठा मंदिर माना जाता है, जहाँ हनुमान जी की प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में है।
पुजारी के अनुसार इस दिन पूजा से सुख, सौभाग्य, आयु, आरोग्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति ने बैरिकेडिंग, लाइन व्यवस्था और पेयजल की सुविधाएँ सुनिश्चित कीं।

प्रयागराज के संगम तट पर स्थित प्रसिद्ध लेटे हुए हनुमान मंदिर में 12 मई 2025 को ज्येष्ठ माह के दूसरे बड़े मंगल पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा। सुबह तड़के 4 बजे से ही मंदिर के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं और परिसर 'जय श्री राम' तथा 'बजरंगबली की जय' के जयकारों से गूंजता रहा। दूर-दूर से आए श्रद्धालु घंटों प्रतीक्षा करके भी भगवान हनुमान के दर्शन और पूजा-अर्चना करने के लिए उत्साहित नज़र आए।

बड़े मंगल का धार्मिक महत्व

मंदिर के पुजारी ने बताया कि ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़े मंगल अत्यंत पवित्र और विशेष माना जाता है। यह दिन पूर्णतः भगवान हनुमान को समर्पित होता है और मान्यता है कि इस दिन विधिवत पूजा करने से सुख, सौभाग्य, आयु, आरोग्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि राम भक्त हनुमान अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं, इसीलिए इस दिन देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहाँ खिंचे चले आते हैं।

अनोखा है यह मंदिर

एक श्रद्धालु ने बताया कि प्रयागराज का यह लेटे हुए हनुमान मंदिर विश्व में अपनी तरह का अनूठा मंदिर माना जाता है, जहाँ भगवान हनुमान की प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में स्थापित है। उन्होंने बताया कि उन्होंने भगवान से देश की रक्षा और सुख-शांति की प्रार्थना की। एक अन्य श्रद्धालु ने भी कहा कि इस पावन स्थल पर मन से माँगी हर मुराद पूरी होती है।

प्रशासन की व्यवस्था रही चुस्त-दुरुस्त

भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति ने मिलकर कड़े प्रबंध किए। श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग, लाइन व्यवस्था और पेयजल की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी लगातार भीड़ पर नज़र बनाए रहे ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। एक श्रद्धालु ने कहा कि इतनी विशाल भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था काफी सुचारू रही और सभी लोग सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कर सके।

आगे भी जारी रहेगा श्रद्धालुओं का तांता

ज्येष्ठ माह में अभी और बड़े मंगल आने हैं, जिनमें भी इसी तरह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगामी बड़े मंगलों पर भी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। संगम नगरी प्रयागराज में आस्था का यह सिलसिला हर बड़े मंगल के साथ और गहरा होता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ और सीमित प्रशासनिक संसाधनों के बीच भगदड़ जैसी घटनाओं का जोखिम हमेशा बना रहता है — जिसे गंभीरता से लेने की ज़रूरत है। मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन को चाहिए कि वे तकनीकी समाधान जैसे ऑनलाइन दर्शन स्लॉट और भीड़ नियंत्रण के आधुनिक तरीके अपनाएँ, ताकि आस्था और सुरक्षा दोनों साथ-साथ चल सकें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रयागराज का लेटे हुए हनुमान मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
प्रयागराज का लेटे हुए हनुमान मंदिर विश्व में अपनी तरह का अनूठा मंदिर माना जाता है, जहाँ भगवान हनुमान की प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में स्थापित है। यह मंदिर संगम तट पर स्थित है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
बड़े मंगल का धार्मिक महत्व क्या है?
ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को 'बड़ा मंगल' कहा जाता है और यह दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पूजा-अर्चना करने से सुख, सौभाग्य, आयु, आरोग्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
12 मई 2025 को लेटे हुए हनुमान मंदिर में कितनी भीड़ थी?
12 मई 2025 को ज्येष्ठ माह के दूसरे बड़े मंगल पर सुबह तड़के 4 बजे से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारें लग गईं और दूर-दूर से आए श्रद्धालु घंटों प्रतीक्षा में खड़े रहे। भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति को विशेष व्यवस्था करनी पड़ी।
प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए क्या इंतज़ाम किए?
पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने बैरिकेडिंग, लाइन व्यवस्था और पेयजल की सुविधाएँ सुनिश्चित कीं। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए और अधिकारी लगातार भीड़ पर नज़र बनाए रहे।
ज्येष्ठ माह में कितने बड़े मंगल होते हैं?
ज्येष्ठ माह में जितने मंगलवार पड़ते हैं, उतने बड़े मंगल मनाए जाते हैं — आमतौर पर चार से पाँच। प्रयागराज में इन सभी बड़े मंगलों पर लेटे हुए हनुमान मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है।
राष्ट्र प्रेस