दिल्ली और बठिंडा में हनुमान जन्मोत्सव: भक्तों की उमड़ी भीड़ और मंदिरों का उत्सव

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दिल्ली और बठिंडा में हनुमान जन्मोत्सव: भक्तों की उमड़ी भीड़ और मंदिरों का उत्सव

सारांश

दिल्ली और पंजाब में हनुमान जन्मोत्सव की धूम है, जहां भक्त प्राचीन मंदिरों में श्रद्धा के साथ पहुंचे हैं। कनॉट प्लेस की कतार और श्रद्धालुओं का उत्साह इस पर्व को खास बना रहा है। जानें इस विशेष दिन के बारे में और क्या खास हुआ।

Key Takeaways

  • दिल्ली और बठिंडा में हनुमान जन्मोत्सव की धूम है।
  • प्राचीन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है।
  • भक्तों में भक्ति और उत्साह का माहौल है।
  • भाजपा सांसद ने देशवासियों को बधाई दी।
  • सुंदरकांड का पाठ और भंडारे का आयोजन हो रहा है।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली और पंजाब के विभिन्न शहरों में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर प्राचीन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के बाहर लगभग एक से दो किलोमीटर लंबी कतार लगी हुई है। भक्त सुबह-सुबह से ही दर्शन के लिए पहुंचे हैं, और हर दिशा में उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है।

दर्शन के लिए आए भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, "आज हनुमान जन्मोत्सव के दिन मैं देशवासियों को बधाई देना चाहता हूं। हनुमान जी की कृपा सभी पर बनी रहे। यह हमारे लिए बहुत बड़ा आशीर्वाद है कि आज परिवार के साथ दर्शन का अवसर मिला है।" उन्होंने कहा, "मैं रोजाना मंदिर आता हूं, लेकिन हनुमान जन्मोत्सव का दिन विशेष होता है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति के लिए प्रार्थना करता हूं।"

एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि हनुमान जी का जन्मोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है। उनका कहना है कि हनुमान जी के दर्शन से कष्ट और विघ्न दूर होते हैं। इसलिए सभी को भगवान के दर्शन के लिए अवश्य आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे हम अपने बच्चों का जन्मदिन मनााते हैं, वैसे ही आज हनुमान जी का जन्मदिन मनाना चाहिए।

सुहानी, जो रोहिणी के सेक्टर 11 से आई थीं, ने बताया कि वह सुबह 6 बजे घर से निकल गईं और तभी से कतार में खड़ी थीं। उन्होंने कहा कि अब कोई परेशानी नहीं हो रही है, बल्कि बहुत आनंद आ रहा है। उनके अनुसार, इसी भीड़ में रहकर श्रद्धालुओं के साथ जुड़ना और भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेना सबसे बड़ा सुख है।

शालीमार बाग से आए योगेश कहते हैं कि वह हर साल बड़े उत्साह से बजरंगबली महाराज जी के जन्मोत्सव में शामिल होते हैं। वह बताते हैं कि वह दो घंटे से कतार में खड़े हैं और हर बार यहाँ आने का अनुभव अद्भुत होता है।

एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि यह मंदिर बहुत प्राचीन और मान्यता प्राप्त है, इसलिए लोग यहाँ आने को प्राथमिकता देते हैं। तुगलकाबाद, दिल्ली में भी भक्त सुबह-सुबह प्राचीन हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे।

पंजाब के बठिंडा में भी हनुमान जयंती की धूम देखने को मिली। प्राचीन हनुमान मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद हैं। एक श्रद्धालु वरुणा जैन ने बताया कि सुबह 10 बजे सुंदरकांड का पाठ रखा गया और शाम को भी पाठ और भंडारा होगा। उनका कहना है कि सभी लोग अपनी क्षमता अनुसार यहाँ आएं और हनुमान जी के आशीर्वाद का लाभ लें।

वहीं, एक अन्य श्रद्धालु ने जय सियाराम कहते हुए बताया कि आज चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्मोत्सव पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस मौके पर प्राचीन हनुमान मंदिर में भक्तों की कतार लगी हुई है। सभी भक्त सुबह से ही दर्शन करने और भंडारा में शामिल होने के लिए आ रहे हैं।

विजय कालिया, जो सुंदरकांड पाठ के साधक हैं, ने बताया कि वह हर साल इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्राचीन मंदिर 93 वर्षों से महावीर संकीर्तन सेवा करता आ रहा है। आज भी सुंदरकांड पाठ के बाद बालाजी और राम जी का गुणगान होगा। इसके बाद भंडारा और प्रसाद वितरण होगा। मंदिर की मान्यता बहुत पुरानी है और लोग दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं।

Point of View

जहां श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या प्राचीन मंदिरों में पहुँचकर भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए तत्पर हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

हनुमान जन्मोत्सव कब मनाया जाता है?
हनुमान जन्मोत्सव हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।
दिल्ली में हनुमान जन्मोत्सव का प्रमुख स्थल कौन सा है?
दिल्ली में कनॉट प्लेस का हनुमान मंदिर इस अवसर पर प्रमुख स्थल है।
हनुमान जी के दर्शन का क्या महत्व है?
हनुमान जी के दर्शन से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और उन्हें आशीर्वाद मिलता है।
बठिंडा में हनुमान जयंती कैसे मनाई जा रही है?
बठिंडा में भक्तों ने प्राचीन हनुमान मंदिर में सुंदरकांड का पाठ और भंडारे का आयोजन किया है।
क्या हनुमान जन्मोत्सव में भाग लेना आवश्यक है?
यह पर्व भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इसमें भाग लेना उन्हें आध्यात्मिक लाभ देता है।
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