क्या अयोध्या में राम मंदिर में भक्तों की संख्या बढ़ने से श्रद्धालुओं का मनोबल बढ़ा है?
सारांश
Key Takeaways
- अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए भक्तों की बड़ी संख्या का आगमन।
- भाजपा के विकास कार्यों से अयोध्या का रूप बदल रहा है।
- श्रद्धालुओं का आध्यात्मिक अनुभव और अयोध्या का महत्व।
- मंदिर में सुरक्षा और सुविधाओं का प्रबंध।
- भविष्य में भक्तों की संख्या में वृद्धि की संभावना।
अयोध्या, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बसंत पंचमी और राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने के बाद, अयोध्या के राम मंदिर और हनुमानगढ़ी मंदिर में भक्तों की बड़ी संख्या में उपस्थिति देखी जा रही है।
ब्रह्म मुहूर्त से भक्त रामलला के दर्शन के लिए कतार में खड़े हैं। राम मंदिर में अद्भुत दर्शन के अलावा, श्रद्धालु अयोध्या के विकासशील रूप को देखकर भी खुश हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि अयोध्या का विकास भाजपा के कारण ही संभव हो पाया है।
राम लला के दर्शन करने आए एक श्रद्धालु ने कहा, "मैं महाराष्ट्र से भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या आया हूँ। इस पवित्र नगर के दर्शन से श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक शुद्धता का अनुभव होता है। यह पवित्र भूमि उल्लेखनीय विकास देख चुकी है। भाजपा ने राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में कई विकास कार्य किए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए लाभकारी होंगे।"
कोलकाता से आए एक श्रद्धालु ने बताया, "अयोध्या बेहद सुंदर है और मुझे यह बहुत भा रही है, विशेष रूप से राम जन्मभूमि क्षेत्र, जिसे सरकार ने बहुत अच्छे से संभाला है। हनुमानगढ़ी भी प्रभावशाली है। मैंने यहां के पुराने और ऐतिहासिक मंदिरों में भी दर्शन किए, और वहां अद्भुत अहसास हुआ।"
मंदिर की व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए श्रद्धालु ने कहा कि मंदिर में पुलिस बल की तैनाती की गई है, जो भक्तों को आसानी से दर्शन करा रहे हैं। अन्य मूलभूत सुविधाएं, जैसे पानी और चिकित्सा इमरजेंसी, का भी उचित प्रबंध किया गया है। हर किसी को अच्छे से दर्शन कराए जा रहे हैं।
बिहार से राम मंदिर के दर्शन करने आई एक महिला श्रद्धालु ने कहा, "हम विशेष रूप से राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए आए हैं। हम काफी समय से रामलला के दर्शन के लिए उत्सुक थे, लेकिन जब तक श्री राम का बुलावा नहीं आता, तब तक आना मुश्किल है।"
यह ध्यान देने योग्य है कि राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद, वर्ष २०२४ में लगभग २५ करोड़ भक्त दर्शन के लिए आए थे, जबकि वर्ष २०२५ में २० करोड़ के आस-पास भक्तों ने दर्शन किए। आने वाले दिनों में भक्तों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।