हनुमान जयंती पर इन प्रसिद्ध मंदिरों में करें दर्शन, पाएं कृपा और मुक्ति
सारांश
Key Takeaways
- हनुमान जयंती पर मंदिरों में विशेष आयोजन होते हैं।
- दर्शन से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं।
- प्रमुख मंदिरों में यात्रा का महत्व है।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत में भगवान शंकर के ग्यारहवें रुद्र अवतार हनुमान जी के मंदिरों की भरपूर उपस्थिति है। इनकी अमरता और कलयुग में उनके अस्तित्व की मान्यता लोगों को आकर्षित करती है।
मान्यता है कि हनुमान जी का जीवंत रूप आज भी मौजूद है और जहां राम कथा होती है, वहां उनकी उपस्थिति अनिवार्य है। 2 अप्रैल को हनुमान जी की जयंती के अवसर पर हम आपको देश के कुछ प्रमुख मंदिरों की जानकारी देंगे, जहाँ जाकर आप हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
पहला मंदिर है इलाहाबाद का लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर। यह मंदिर हनुमान जी की अनोखी प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ वे लेटने की अवस्था में हैं। यहाँ दर्शन मात्र से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं। जब इलाहाबाद में बाढ़ आती है, तो मंदिर और प्रतिमा डूब जाती हैं, और हनुमान जी की प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाता है।
दूसरा स्थान है हनुमानगढ़ी का मंदिर, जहाँ भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है। जो भक्त प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए आते हैं, उन्हें यहाँ हनुमान जी के दर्शन भी करने होते हैं। इस मंदिर के गर्भगृह में हनुमान जी बाल रूप में माता अंजनी की गोद में विराजमान हैं।
तीसरे स्थान पर हैं राजस्थान के दो प्रमुख मंदिर। सालासर बालाजी में हनुमान जी दाढ़ी-मूंछ वाले रूप में हैं, जहाँ दर्शन करने से पैसे से संबंधित समस्याएँ हल होती हैं। वहीं, मेंहदीपुर बालाजी में भक्त दुष्ट आत्माओं से मुक्ति के लिए आते हैं।
चौथे स्थान पर चित्रकूट का हनुमान धारा मंदिर है, जहाँ भक्तों को स्वयं बालाजी के दर्शन होते हैं। यहाँ दो कुंड हैं जो हमेशा पानी से भरे रहते हैं और उनकी धारा बालाजी की प्रतिमा पर गिरती रहती है, इसलिए इस मंदिर को हनुमान धारा कहा जाता है।
पाँचवे स्थान पर पटना का महावीर हनुमान मंदिर है, जो पटना का सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है। यहाँ संकटमोचन रूप में हनुमान जी की पूजा होती है। इस मंदिर में कई बड़े अधिकारी और राजनेता भी दर्शन के लिए आते हैं।
इसके अलावा, तमिलनाडु के श्री पंचमुख आंजनेयर हनुमान, पुणे का डुल्या मारुति मंदिर, गुजरात का श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर और हंपी का यंत्रोद्धारक हनुमान मंदिर भी दर्शनीय हैं। इन सभी मंदिरों में हनुमान जयंती के अवसर पर विशेष आयोजन किया जाता है।