हनुमान जन्मोत्सव पर प्राचीन मंदिरों में उमड़ी श्रद्धा की लहर, लाखों भक्त पहुंचे
सारांश
Key Takeaways
- हनुमान जयंती पर लाखों श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे।
- प्रशासन ने दर्शन के लिए अच्छी व्यवस्थाएं की हैं।
- अयोध्या और अंजनेरी के मंदिरों की पुरानी मान्यता है।
- श्रद्धालुओं ने प्रशासन की तारीफ की।
- हनुमान जी की प्रतिमाएं विभिन्न मंदिरों में स्थापित हैं।
अयोध्या, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में हनुमान जयंती के अवसर पर भक्तों की विशाल भीड़ देखने को मिली। प्राचीन हनुमान मंदिरों में श्रद्धालु रामभक्त हनुमान के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।
अयोध्या के राम मंदिर में व्यवस्थाएं काफी बेहतर रहीं। यहां पर आए श्रद्धालु प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों से संतुष्ट दिखाई दिए। उनका कहना है कि प्रशासन ने पूरी तैयारी की है और दर्शन में कोई कठिनाई नहीं हुई।
असम से आए एक श्रद्धालु ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं हनुमान जयंती के दिन हनुमान और राम मंदिर के दर्शन के लिए अयोध्या आया हूं। यहां काफी भीड़ है क्योंकि चारों ओर से लोग आ रहे हैं, लेकिन अंदर की व्यवस्था अच्छी है। लोगों को लाइन में लगाकर ले जाया जा रहा है। मैंने ऊपर जाकर अच्छे से दर्शन किए। अब मैं राम मंदिर जाऊंगा और फिर अयोध्या नगरी का भ्रमण करूंगा। जितना मैंने सुना था, उससे कहीं ज्यादा अच्छा लग रहा है। यहां की सड़कें, सुविधाएं और दुकानें सभी बेहतर हैं। अयोध्या में काफी विकास हुआ है।"
एक अन्य श्रद्धालु ने अयोध्या में प्रशासन की व्यवस्था की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "यहां आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। अयोध्या नगरी का प्रशासन बहुत अच्छे तरीके से कार्य कर रहा है। इतनी बड़ी भीड़ को संभालना आसान नहीं है। मैं प्रशासन को धन्यवाद देना चाहता हूं। आप देख सकते हैं कि यहां कितनी भीड़ है, फिर भी सब कुछ सुव्यवस्थित है।"
अमेठी के एक प्राचीन हनुमान मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। वहां के एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, "मेरी यही इच्छा है कि मेरा पूरा परिवार, गांव और समाज हमेशा खुश रहे। लोग यहां उत्साह से आ रहे हैं। यह जगह बहुत प्रसिद्ध है। यह हनुमान जी का प्राचीन मंदिर है। हर मंगलवार को यहां कम से कम आठ लाख लोग दर्शन के लिए आते हैं।"
उन्होंने मंदिर के बारे में बताया, "यहां विराजमान हनुमान जी सभी भक्तों का कल्याण करते हैं। इस मंदिर का निर्माण बाबूसाहब ने करवाया था। यहां हनुमान जी की 155 प्रतिमाएं स्थापित हैं। इसके अलावा 45 सुरसा जी, 45 लक्ष्मी और विष्णु जी, 35 शंकर और पार्वती जी और 5 दुर्गा जी की प्रतिमाएं भी हैं। मंदिर में सभी देवी-देवताओं की शक्ति विद्यमान है।"
मुंबई के हनुमान मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा-अर्चना की। वहां पर एक महिला श्रद्धालु ने मंदिर की प्राचीन मान्यता के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "यह मंदिर काफी सालों पुराना है और मैं यहां कई सालों से आ रही हूं। मंदिर की मान्यता काफी प्राचीन है। लोग सालों से यहां आते रहे हैं। आज हनुमान जन्मोत्सव है, इसलिए भीड़ ज्यादा है, लेकिन सामान्य दिनों में भी यहां काफी लोग आते हैं। मंदिर में आकर एक अलग ही सुकून मिलता है। पूजा-पाठ करने से मन को गहरी शांति मिलती है। मैं सभी लोगों से कहूंगी कि इस मंदिर में जरूर आएं और शांति का अनुभव करें।"
उन्होंने कहा कि मंदिर की इतनी मान्यता है कि यहां दर्शन के लिए कई बड़े-बड़े लोग आते हैं। मैंने खुद देखा है कि कई प्रसिद्ध व्यक्ति हनुमान जी के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। चाहे कोई बड़ा व्यक्ति हो या आम आदमी, अगर मंदिर की सच्ची मान्यता है तो लोग जरूर आते हैं।
नासिक से एक श्रद्धालु ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "हनुमान जयंती के अवसर पर यहां धूमधाम से उत्सव मनाया जा रहा है। यह जगह बजरंगबली का जन्मस्थान मानी जाती है। अंजनेरी में आज खास तैयारी की गई है। मैं सभी भक्तों के लिए कामना करता हूं कि सब सुखी रहें और मस्त रहें।"