बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की जीत की संभावना बढ़ी, कांग्रेस ने उम्मीदवार वापस लिया
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस लिया।
- सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत की संभावना।
- मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं का सहयोग।
- पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का सम्मान।
- चुनाव 23 अप्रैल को होगा।
मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बारामती विधानसभा उपचुनाव में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विकास हुआ है। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आज घोषणा की है कि कांग्रेस इस उपचुनाव में अपना उम्मीदवार वापस लेगी। पहले पार्टी ने आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया था, जो उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ चुनावी मैदान में थे।
यह निर्णय उस समय आया है जब नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और चुनावी माहौल में हलचल मची हुई थी। बारामती सीट पर मतदान 23 अप्रैल को होना है, लेकिन कांग्रेस के इस कदम के बाद चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
हर्षवर्धन सपकाल ने बताया कि मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे अनुरोध किया था कि इस चुनाव को निर्विरोध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों की भावनाओं का सम्मान करते हुए पार्टी ने यह निर्णय लिया है।
यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद आयोजित किया जा रहा है। उनके विमान हादसे में निधन के बाद यह सीट रिक्त हुई थी। कई राजनीतिक दल और नेता यह चाहते थे कि उनकी विरासत का सम्मान करते हुए इस चुनाव को बिना किसी मुकाबले के कराया जाए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वयं हर्षवर्धन सपकाल को फोन कर सहयोग की अपील की थी। एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने भी कांग्रेस हाईकमान से बातचीत की थी। इसके अलावा, लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से अपने उम्मीदवार को वापस लेने की अपील की थी।
कुछ समय पहले ही उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी व्यक्तिगत रूप से सपकाल से यही अनुरोध किया था। वहीं, एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने भी सपकाल से मिलकर कांग्रेस उम्मीदवार को वापस लेने की मांग की ताकि चुनाव निर्विरोध हो सके।
यह ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस चाहती थी कि अजित पवार के विमान हादसे की जांच के लिए एफआईआर दर्ज की जाए और गहराई से जांच हो। इसलिए कांग्रेस ने बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अब कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस लेने का निर्णय लिया है।