10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

असम विधानसभा चुनाव: कुंकी चौधरी ने आचार संहिता उल्लंघन मामले में पुलिस के समक्ष किया पेशी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
असम विधानसभा चुनाव: कुंकी चौधरी ने आचार संहिता उल्लंघन मामले में पुलिस के समक्ष किया पेशी

सारांश

कुंकी चौधरी, एजेपी की नेता और उम्मीदवार, ने गुवाहाटी में चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पुलिस के सामने पेश होकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। क्या यह उनकी चुनावी रणनीति को प्रभावित करेगा?

मुख्य बातें

कुंकी चौधरी ने असम विधानसभा चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पुलिस के सामने पेशी दी।
पुलिस ने संक्षिप्त पूछताछ के बाद उन्हें रिहा किया।
चुनाव आयोग आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्ती से नजर रख रहा है।
कुंकी चौधरी एजेपी की एक प्रमुख उम्मीदवार हैं।
इस घटना से असम के चुनावी माहौल में हलचल मच गई है।

गुवाहाटी, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम जातीय परिषद (एजेपी) की प्रमुख और चुनावी उम्मीदवार कुंकी चौधरी ने रविवार को गुवाहाटी के पानबाजार पुलिस स्टेशन में असम विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता (एमसीसी) के कथित उल्लंघन से संबंधित एक मामले में पेशी दी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुंकी चौधरी से आरोपों को लेकर संक्षिप्त पूछताछ की गई और फिर उन्हें रिहा कर दिया गया।

उन्हें चुनाव दिशानिर्देशों के उल्लंघन की शिकायतों के आधार पर तलब किया गया, हालांकि अधिकारियों ने उल्लंघन के विस्तृत विवरण का खुलासा नहीं किया है।

यह घटनाक्रम उस दौरान हुआ है जब चुनाव आयोग के अधिकारी असम में चुनाव अवधि के दौरान राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा आयोग (एमसीसी) के सख्त अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी कर रहे हैं।

हाल के दिनों में कई उम्मीदवार और राजनीतिक कार्यकर्ता भी ऐसे उल्लंघनों के लिए जांच के दायरे में आए हैं।

कुंकी चौधरी एजेपी (अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक दल) की उम्मीदवार हैं, जिसका गठन नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी आंदोलन के बाद एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल के रूप में हुआ था।

यह क्षेत्रीय दल असम के राजनीतिक परिदृश्य में स्वदेशी पहचान और क्षेत्रीय आकांक्षाओं की आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।

चौधरी जमीनी स्तर की राजनीति में सक्रिय हैं और स्थानीय समुदायों से जुड़े मुद्दों पर उनकी भागीदारी के लिए जानी जाती हैं।

उनकी उम्मीदवारी क्षेत्रीय और युवा-प्रेरित आंदोलनों से जुड़े नेताओं को मैदान में उतारकर एजेपी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

इससे पहले, कथित एमसीसी उल्लंघन के संबंध में पुलिस ने उन्हें तलब किया था।

मामला अभी भी जांच के अधीन है, और आगे की कार्रवाई, यदि कोई हो, तो जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

अधिकारियों ने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने और सभी उम्मीदवारों द्वारा मतदान प्रक्रिया के दौरान चुनाव नियमों का सख्ती से पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर असम में चल रहे चुनावी माहौल के संदर्भ में। यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग अपने नियमों के पालन के प्रति कितना गंभीर है। यह घटनाक्रम उन उम्मीदवारों के लिए चेतावनी हो सकती है जो आचार संहिता का उल्लंघन कर सकते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुंकी चौधरी किस पार्टी की उम्मीदवार हैं?
कुंकी चौधरी असम जातीय परिषद (एजेपी) की उम्मीदवार हैं।
क्यों कुंकी चौधरी को पुलिस के सामने पेश होना पड़ा?
उन्हें असम विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में पेश होना पड़ा।
क्या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी?
मामला अभी भी जांच के अधीन है, और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
आचार संहिता उल्लंघन का क्या महत्व है?
आचार संहिता का उल्लंघन चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है, इसलिए चुनाव आयोग इसके प्रति गंभीर है।
क्या यह घटना अन्य उम्मीदवारों पर भी असर डालेगी?
यह घटना अन्य उम्मीदवारों के लिए चेतावनी हो सकती है कि उन्हें चुनाव नियमों का पालन करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले