27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बंगाल चुनाव: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी और भाजपा के नेताओं पर एमसीसी का उल्लंघन करने का आरोप लगाया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बंगाल चुनाव: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी और भाजपा के नेताओं पर एमसीसी का उल्लंघन करने का आरोप लगाया

सारांश

कोलकाता में टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी और भाजपा के अन्य नेताओं पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। क्या यह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करेगा?

मुख्य बातें

टीएमसी की शिकायत: भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी पर आरोप।
आदर्श आचार संहिता: उल्लंघन का गंभीर मामला।
चुनावी माहौल: दबाव और दुश्मनी का माहौल।
संविधान का आर्टिकल 324: चुनाव आयोग की जिम्मेदारी।
निष्पक्षता: चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा आवश्यक।

कोलकाता, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी और अन्य नेताओं तथा समर्थकों के खिलाफ मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी) के उल्लंघन की शिकायत चीफ इलेक्शन ऑफिसर से की है।

टीएमसी ने अपने शिकायती पत्र में उल्लेख किया कि चुनाव शेड्यूल की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू होने के समय, शुभेंदु अधिकारी की एक रैली पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के 210-नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के बोयल-II ग्राम पंचायत इलाके से गुजरी। इसमें यह कहा गया कि जब यह रैली टीएमसी के उम्मीदवार पवित्र कर के निवास के सामने से गुजरी, तब अधिकारी और भाजपा के अन्य नेता/समर्थक नारेबाज़ी कर रहे थे, जिसमें उम्मीदवार को 'चोर' कहा गया।

टीएमसी ने यह भी कहा कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा ने आम जनता को डराने, मैनिपुलेट करने और उनके चुनावी अधिकारों के फ्री इस्तेमाल में हस्तक्षेप करने के इरादे से धमकाने के ऐसे तरीके अपनाए हैं। उम्मीदवार के घर के आसपास एक दुश्मनी भरा और दबाव वाला चुनावी माहौल बना दिया गया, जिससे चुनावी अधिकारों के स्वतंत्र उपयोग में रुकावट आई।

टीएमसी ने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियाँ चुनावी माहौल को बिगाड़ती हैं और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को कमजोर करती हैं। अगर इन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वोटरों में डर का माहौल बनेगा, जिससे वे अपने चुनावी अधिकारों का स्वतंत्रता से इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, धमकाने और गाली-गलौज जैसे कार्यों से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के बीच समानता का अवसर नहीं मिलेगा।

टीएमसी ने कहा कि भारत के संविधान के आर्टिकल 324 के अंतर्गत, भारत के चुनाव आयोग की यह जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि चुनाव स्वतंत्रता से और सही तरीके से हों। कोई भी ऐसा कार्य जो इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है, उस पर तुरंत और आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनाव आयोग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीएमसी ने किसके खिलाफ शिकायत की है?
टीएमसी ने भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी और अन्य नेताओं के खिलाफ शिकायत की है।
शिकायत में क्या आरोप लगाया गया है?
आरोप है कि शुभेंदु अधिकारी और उनके समर्थकों ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
टीएमसी का मुख्य आरोप क्या है?
टीएमसी का आरोप है कि भाजपा ने चुनावी माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया है।
भारत के संविधान के किस आर्टिकल के तहत कार्रवाई की जा सकती है?
भारत के संविधान के आर्टिकल 324 के तहत चुनाव आयोग को कार्रवाई करने की जिम्मेदारी है।
क्या यह घटना चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है?
हाँ, यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले