पश्चिम बंगाल में सुरक्षा का संकट: अनुराग ठाकुर का गंभीर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- अनुराग ठाकुर का कहना है कि बंगाल में कोई भी सुरक्षित नहीं है।
- टीएमसी पर आरोप लगाया गया है कि उसने कानून को कमजोर किया है।
- चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं।
कोलकाता, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर भाजपा ने टीएमसी सरकार पर हमले को और तेज कर दिया है। भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को यह दावा किया कि बंगाल में कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है।
अनुराग ठाकुर ने उत्तर दिनाजपुर में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, "बंगाल में कौन सुरक्षित है? हम यहाँ किसी विशेष व्यक्ति की बात नहीं कर रहे हैं। यहाँ महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। यहाँ युवा सुरक्षित नहीं हैं। हम, आम जनता, यहाँ सुरक्षित नहीं हैं। अधिकारी और कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संस्था है, जो संविधान और कानून के अनुसार चुनाव कराता है। यदि कोई अनियमितता हो रही है तो नकली मतदाताओं को हटाना और सही मतदाताओं को सुनिश्चित करना उसका कार्य है। उन्होंने यह भी पूछा कि अगर चुनाव आयोग कानून के अनुसार कार्य कर रहा है, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसका विरोध क्यों करती हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कानून को कमजोर किया है और उनकी सरकार ने अधिकारियों को डराने-धमकाने का काम किया है।
वहीं, नदिया जिले में चुनाव ड्यूटी पर तैनात एक राज्य सरकार के अधिकारी को कथित तौर पर टीएमसी के लिए प्रचार करने के आरोप में निलंबित किए जाने पर भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यदि इस मामले में कोई सरकारी अधिकारी शामिल है, तो चुनाव आयोग को इस पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें 7 साल के लिए निलंबित कर देना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का कार्य न करे।"
जगन्नाथ सरकार ने आगे कहा कि ममता बनर्जी की सरकार डरी हुई है। इस बार वे हार रही हैं, इसलिए उनका प्रशासन, पुलिस, बीडीओ और टीएमसी सभी का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने राणाघाट में मालदा के एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) विवाद पर कहा कि जजों के साथ बदसलूकी के पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि पुलिस निष्क्रिय क्यों थी? हालांकि, चुनाव आयोग मौजूद है, लेकिन टीएमसी के प्रति वफादार पुलिस अधिकारी आयोग के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।