ईरान में विमान गिरने के बाद अमेरिका की साख दांव पर, सर्च ऑपरेशन जारी
सारांश
Key Takeaways
- ईरान के ऊपर अमेरिकी लड़ाकू विमान गिरा, लापता पायलट की खोज जारी।
- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा।
- बचाव अभियान में ईरान की तरफ से हमले हुए।
- डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि स्थिति गंभीर हो सकती है।
- ईरान ने लापता अमेरिकी कर्मी के लिए इनाम की घोषणा की।
वाशिंगटन, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका तेजी से लापता पायलट की खोज में जुटा हुआ है। यह पायलट उस एफ-15 लड़ाकू विमान में था, जिसे ईरान के ऊपर गिराया गया। इस घटना के परिणामस्वरूप अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और भी बढ़ गया है, जिससे स्थिति और खतरनाक होती जा रही है।
शनिवार को अमेरिकी सेना ने उस पायलट की खोज के लिए एक सर्च और रेस्क्यू अभियान आरंभ किया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को दुश्मन की गोलीबारी में अमेरिका के दो लड़ाकू विमान गिराए गए थे। इनमें से एक पायलट को बचा लिया गया, जबकि दूसरा अब भी लापता है।
यह पहली बार है जब इस युद्ध के दौरान किसी अमेरिकी विमान को ईरान की सीमा के अंदर गिराया गया है। इससे पेंटागन की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह युद्ध को और गहरा कर सकता है।
बचाव कार्य भी आसान नहीं है। इस मिशन में शामिल अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर भी ईरान द्वारा हमला किया गया, जिससे कुछ लोग घायल हो गए। ईरान के सरकारी मीडिया ने लापता अमेरिकी कर्मी को पकड़ने के लिए इनाम की भी घोषणा की है।
इस बीच, एक ए-10 जेट पर भी हमला किया गया, लेकिन उसका पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा और बाद में उसे बचा लिया गया।
दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोले, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि “समय तेजी से खत्म हो रहा है और 48 घंटे में हालात बहुत खराब हो सकते हैं।”
इसके जवाब में, ईरान की सेना ने भी कड़ी चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो “नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।”
यह तनाव विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा है, जो विश्व के लिए तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में इस मार्ग पर रोक लगा दी है। पहले अमेरिका ने दावा किया था कि उसके पास आसमान पर पूरी पकड़ है, लेकिन अब इस विमान के गिरने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली कितनी मजबूत है।
लापता पायलट की खोज दुश्मन के इलाके में की जा रही है, जो बेहद जोखिम भरा है। खबरें हैं कि स्थानीय ईरानी लोग भी अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर गोली चला रहे हैं, और कई समूह उस लापता सैनिक को खोजने में जुटे हैं।
यह मामला अमेरिका के लिए राजनीतिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अगर लापता पायलट को पकड़ लिया जाता है, तो ईरान के साथ बातचीत की कोशिशों पर असर पड़ सकता है।
इस बीच, सूचनाएं हैं कि इजरायल ने उन क्षेत्रों में हमले रोक दिए हैं, जहां लापता अमेरिकी कर्मी के होने की आशंका है और वह अमेरिका के साथ खुफिया जानकारी भी साझा कर रहा है। यह संघर्ष अब छठे हफ्ते में पहुंच चुका है और लगातार फैलता जा रहा है। ईरान, लेबनान और अन्य स्थानों पर भी हमलों की खबरें सामने आ रही हैं।