ईरान ने अमेरिका के ए-10 युद्धक विमान को भी मार गिराया, पायलट की खोज जारी
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने अमेरिकी युद्धक विमान एफ-15 और ए-10 को गिराया।
- दो पायलटों में से एक को बचाया गया, जबकि दूसरा लापता है।
- व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति ट्रंप को जानकारी दी है।
- ईरान ने अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़ने पर इनाम की घोषणा की है।
- संघर्ष का कोई स्पष्ट समाधान नहीं है।
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच का संघर्ष आज 36वें दिन में प्रवेश कर गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बार-बार कहा है कि ईरान की न तो वायुसेना बची है और न ही नौसेना, लेकिन युद्ध क्षेत्र में अमेरिकी सेना को हो रहे लगातार नुकसान इस दावे को गलत साबित कर रहे हैं। ईरान ने पहले अमेरिकी युद्धक विमान एफ-15 को गिराने के बाद अब ए-10 विमान को भी हवा में मार गिराया।
वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, एफ-15ई जेट के गिरने के बाद पायलट को बचाने के लिए भेजे गए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को भी ईरान ने निशाना बनाया।
पहला विमान, दो सीटों वाला यूएस एफ-15ई जेट था, जिसे ईरान में गिराया गया। अमेरिकी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी विशेष बलों ने इसके दो क्रू मेंबर में से एक को सुरक्षित कर लिया है, जबकि दूसरा अभी भी लापता है।
अमेरिका को यह नुकसान शुक्रवार को हुआ। इसमें दो पायलट को बचा लिया गया, जबकि तीसरा अभी लापता है।
वॉशिंगटन पोस्ट ने जानकारी दी है कि अमेरिका का दूसरा विमान ए-10 वॉर्थोग फाइटर एयरक्राफ्ट ईरानी हमले का शिकार बना, जिसके बाद पायलट ने इसे कुवैत के हवाई क्षेत्र में लाकर खुद को इजेक्ट कर दिया।
अमेरिकी अधिकारी के हवाले से वॉशिंगटन पोस्ट ने बताया कि एफ-15ई के खोज और बचाव की कोशिशों में शामिल दो अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर भी ईरानी फायरिंग की चपेट में आ गए। हालांकि, हेलीकॉप्टर में सवार अमेरिकी कर्मी घायल हुए, लेकिन दोनों विमान सुरक्षित रूप से अपने अड्डे पर लौट आए।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस घटना की जानकारी दी गई है। एनबीसी न्यूज से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि एफ-15 के नुकसान का बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
यह घटना ट्रंप के उस बयान के एक हफ्ते बाद हुई है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान की सेना इतनी कमजोर हो गई है कि अमेरिकी विमान वास्तव में तेहरान और उनके देश के अन्य हिस्सों के ऊपर उड़ रहे हैं। उन्होंने कहा था, "वे इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते।"
एनबीसी न्यूज ने ईरान के सरकारी चैनल के हवाले से बताया कि ईरानी टेलीविजन रिपोर्टर ने कहा कि जो कोई भी अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़ता है, उसे एक कीमती इनाम दिया जाएगा। एक ईरानी गवर्नर ने भी यह वादा किया कि जो कोई भी दुश्मन की सेना को पकड़ता या मारता है, उसकी सराहना की जाएगी।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि वह दक्षिण-पश्चिमी ईरान में उस स्थान के पास तलाशी ले रहा है, जहां विमान गिरा था। ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की लड़ाई को शासन बदलने से घटाकर उनके पायलटों की तलाश कर दिया गया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ईरान को लगातार 37 बार हराने के बाद उन्होंने जो शानदार बिना-रणनीति वाली लड़ाई शुरू की थी, उसे अब 'शासन बदलने' से घटाकर 'अरे! क्या कोई हमारे पायलट ढूंढ सकता है? प्लीज?' कर दिया गया है। वाह। क्या जबरदस्त तरक्की है। एकदम जीनियस।"