टीएमसी ने भाजपा नेताओं के खिलाफ चुनाव आयोग में की शिकायत, आरोप गंभीर
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी ने भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- मातृशक्ति भरोसा कार्ड योजना के तहत धन वितरण की जा रही है।
- आचार संहिता का उल्लंघन लोकतंत्र के लिए खतरा है।
- चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की गई है।
- भ्रष्ट आचरण के खिलाफ सख्त कदम उठाने का समय है।
कोलकाता, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आज चुनाव आयोग में स्मृति ईरानी, सुवेंदु अधिकारी और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ आधिकारिक शिकायत प्रस्तुत की है। उन पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने, भ्रष्टाचार में शामिल होने और भारतीय न्याय संहिता, २०२३ के अंतर्गत दंडनीय अपराधों का आरोप लगाया गया है।
टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को एक पत्र में बताया कि १५ अप्रैल को सुवेंदु अधिकारी, स्मृति ईरानी और भाजपा के अन्य नेताओं ने 'मातृशक्ति भरोसा कार्ड' नामक एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत, वे कार्डधारकों को प्रतिमाह सीधे तीन हजार रुपए देने का वादा कर रहे हैं। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर योजना के फॉर्म भी वितरित किए जा रहे हैं।
टीएमसी के पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि इस प्रकार के कार्य आचार संहिता और भारतीय चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का गंभीर उल्लंघन हैं। इस तरह की घोषणाएं महिला लाभार्थियों को फॉर्म भरने और जमा करने के लिए प्रेरित कर रही हैं, जिसके बाद उन्हें आर्थिक लाभ दिया जा रहा है, चाहे वह सीधे बैंक ट्रांसफर के माध्यम से हो या नकद में।
तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि इस वितरण की प्रकृति, समय और तरीका स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि यह कोई सामान्य या परोपकारी कार्य नहीं है, बल्कि चुनावी मौसम के नज़दीक की गई एक सोची-समझी गतिविधि है, जिसका उद्देश्य मतदाताओं को किसी विशेष राजनीतिक दल के पक्ष में प्रभावित करना है।
भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने बुधवार को कोलकाता में यह योजना लॉन्च की और कार्ड वितरित किए। इस घटनाक्रम के बाद, टीएमसी ने कहा कि ऐसे कार्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की नींव को कमजोर करते हैं, क्योंकि यह मतदाता की स्वतंत्र पसंद को प्रभावित करता है और चुनाव लड़ने वाले दलों के बीच समान अवसर को भंग करता है।
टीएमसी का कहना है कि इस तरह के कार्य भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आते हैं और इन पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वह एमसीसी के उल्लंघनों के लिए सुवेंदु अधिकारी, स्मृति ईरानी और भाजपा के अन्य नेताओं को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करे।
आदर्श आचार संहिता और भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के उल्लंघन के लिए तथा बीएनएस, २०२३ की धारा ६१(२)/१७३/१७४ और आरपीए, १९५१ की धारा १२३ के तहत दंडनीय अपराधों के लिए इन नेताओं के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाए।