नंदीग्राम में टीएमसी ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप, चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की गुहार
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कोलकाता, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में पुलिस पर उत्पीड़न और दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल के राज्य चुनाव आयोग को एक पत्र भेजा है।
पत्र में कहा गया है कि 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले नंदीग्राम ब्लॉक-1 में टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगातार छापेमारी और डराने-धमकाने की घटनाएं हो रही हैं।
टीएमसी का दावा है कि 5 अप्रैल से पुलिस उनके नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के घरों पर बार-बार छापे मार रही है। कई प्रमुख नेता डर के कारण अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हुए हैं। पार्टी ने यह भी बताया कि रात के समय बिना वारंट और उचित कारण के तलाशी और स्थानीय लोगों को धमकाने की घटनाएं हो रही हैं।
टीएमसी ने कहा कि इन कार्रवाइयों का चुनाव प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, और यह चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है। पार्टी ने इसे सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करार दिया है और कहा कि चुनाव के समय प्रशासन और पुलिस को निष्पक्ष रहना चाहिए।
टीएमसी ने यह भी आरोप लगाया कि इन घटनाओं के पीछे नंदीग्राम के वर्तमान विधायक सुवेंदु अधिकारी का प्रभाव हो सकता है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति को कमजोर करना है।
टीएमसी ने चेतावनी दी कि इस माहौल का लाभ उठाकर बूथ कैप्चरिंग, फर्जी वोटिंग और मतदाताओं को डराने जैसी संभावित चुनावी गड़बड़ियों को अंजाम दिया जा सकता है।
पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि पुलिस की अवैध कार्रवाई की जांच की जाए, प्रशासन और पुलिस को तुरंत कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए जाएं, और नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
टीएमसी ने कहा कि इस मुद्दे की तत्काल सुनवाई और कार्रवाई आवश्यक है, ताकि नंदीग्राम में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया जा सके।