चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस को दी दो टूक चेतावनी, चुनाव होगा भय-हिंसा रहित
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में चुनाव भय और हिंसा रहित होंगे।
- चुनाव आयोग ने टीएमसी को सख्त चेतावनी दी है।
- 2,40,000 अर्धसैनिक जवान चुनावी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं।
- महिलाओं की सुरक्षा के लिए 20,000 महिला जवान तैनात हैं।
- मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा।
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार काफी हलचल देखी जा रही है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा भी टीएमसी की शिकायतों को लेकर चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग कर रहा है। इस स्थिति के बीच, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी को बुधवार को एक स्पष्ट संदेश भेजा है।
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, "चुनाव आयोग की तृणमूल कांग्रेस के लिए स्पष्ट चेतावनी है। पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भय, हिंसा, धमकी, प्रलोभन, छापे और बूथ जामिंग के बिना ही होंगे।"
इससे पहले, मंगलवार 7 मार्च को राज्य चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा था कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह गलत संदेश फैलाया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान मतदान के दिन विभिन्न राजनीतिक दलों के मतदान एजेंटों को मतदान केंद्र के अंदर बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान के दिन एजेंटों के बैठने से संबंधित कोई नया दिशानिर्देश जारी नहीं किया है, इसलिए मतदान के दिन एजेंटों के संबंध में पूर्व दिशानिर्देश अपरिवर्तित रहेंगे।
यह ध्यान देने योग्य है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य में सबसे बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं, जिसमें लगभग 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों के 2,40,000 जवान तैनात हैं।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी रिकॉर्ड संख्या में महिला अर्धसैनिक जवान तैनात की गई हैं। जानकारी के अनुसार, लगभग 20,000 महिला अर्धसैनिक जवान चुनाव ड्यूटी पर तैनात की गई हैं।
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर मतदान दो चरणों में होगा। पहला चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर होगा, जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को शेष 142 सीटों के लिए होगा। मतगणना और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।