पश्चिम बंगाल चुनाव: मतदान के दिन एजेंटों की बैठने की स्थिति में कोई बदलाव नहीं, चुनाव आयोग का बयान
सारांश
Key Takeaways
- मतदान के दिन एजेंटों की बैठने की व्यवस्था अपरिवर्तित रहेगी।
- पश्चिम बंगाल में सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
- महिला सुरक्षा कर्मियों की संख्या में वृद्धि की गई है।
कोलकाता, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान यह दावा किया जा रहा है कि मतदान के दिन विभिन्न राजनीतिक दलों के मतदान एजेंटों को मतदान केंद्र के अंदर बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस पर राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण दिया है।
राज्य चुनाव आयोग के द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग को यह जानकारी मिली है कि कुछ मीडिया संगठनों द्वारा यह गलत संदेश फैलाया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान मतदान के दिन विभिन्न राजनीतिक दलों के एजेंटों को मतदान केंद्र के अंदर बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बयान में आगे कहा गया है कि यह स्पष्ट है कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान के दिन एजेंटों की बैठने की व्यवस्था के संबंध में कोई नया दिशानिर्देश जारी नहीं किया है, इसलिए मतदान के दिन एजेंटों के संबंध में पूर्व के दिशानिर्देश unchanged रहेंगे।
इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य में अब तक की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। लगभग 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों के जवान राज्य में तैनात किए गए हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग 2,40,000 है।
यह तैनाती पिछले चुनावों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है, जो प्रशासन की सुरक्षा को लेकर गंभीरता को दर्शाता है।
इस बार महिला सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर है। जानकारी के अनुसार, लगभग 20,000 महिला अर्धसैनिक जवान, यानी लगभग 200 कंपनियां, चुनाव ड्यूटी में लगाई गई हैं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों पर मतदान दो चरणों में होगा। पहला चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरा चरण 29 अप्रैल को शेष 142 सीटों के लिए आयोजित किया जाएगा। मतगणना और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।