कोलकाता में भाजपा के चुनाव कार्यालय पर टीएमसी गुंडों का हमला, पुलिस ने किया मूक दर्शक: अमित मालवीय
सारांश
Key Takeaways
- कोलकाता में भाजपा कार्यालय पर टीएमसी गुंडों का हमला हुआ।
- अमित मालवीय ने पुलिस की निष्क्रियता की आलोचना की।
- टीएमसी पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया।
- भाजपा कार्यकर्ताओं ने मारपीट का आरोप लगाया।
- भाजपा का कहना है कि टीएमसी की हताशा बढ़ती जा रही है।
कोलकाता, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में विधानसभा उपचुनाव को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक गंभीर पोस्ट में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है।
अमित मालवीय ने 'एक्स' पर लिखा, "कोलकाता, जिसे कभी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, अब दरार के संकेत दिखा रहा है और उनकी हताशा साफ नजर आ रही है। बेहाला पश्चिम के परनाश्री में स्थित भाजपा के चुनाव कार्यालय पर टीएमसी उम्मीदवार रत्ना चटर्जी की उपस्थिति में टीएमसी के गुंडों ने हमला किया।"
उन्होंने कहा कि पुलिस घटनास्थल पर मौजूद थी, लेकिन उसने हिंसा को रोकने या हस्तक्षेप करने का कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस के कुछ तत्व खुले तौर पर टीएमसी का समर्थन कर रहे हैं।
मालवीय ने आगे लिखा, "यह बात अब और भी स्पष्ट होती जा रही है कि कोलकाता पुलिस के कुछ तत्व टीएमसी का साथ दे रहे हैं। हम भारत के चुनाव आयोग से अनुरोध करते हैं कि वे तुरंत कार्रवाई करें और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बिना किसी देरी के सजा दिलाएं।"
उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता का उल्लेख करते हुए कहा, "पश्चिम बंगाल की जनता को कानून-व्यवस्था और न्याय का हक है, गुंडागर्दी का नहीं।"
यह घटना बेहाला पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में हुई। परनाश्री क्षेत्र में भाजपा का चुनाव कार्यालय स्थापित किया गया था। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि टीएमसी उम्मीदवार रत्ना चटर्जी के इशारे पर उनके गुंडों ने कार्यालय पर हमला किया, तोड़फोड़ की और कार्यकर्ताओं को मारपीट का निशाना बनाया। पुलिस की निष्क्रियता ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
भाजपा का कहना है कि टीएमसी की बढ़ती हताशा का कारण कोलकाता में पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता है। अमित मालवीय ने इस घटना को टीएमसी की हताशा का प्रतीक बताया और कहा कि सत्ताधारी दल अब गुंडागर्दी के जरिए सत्ता बचाने की कोशिश कर रहा है।