किसानों के हित में अडिग है एनडीए सरकार: निर्मला सीतारमण का सीएम स्टालिन पर जवाब
सारांश
Key Takeaways
- निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के आरोपों का जोरदार जवाब दिया।
- केंद्र सरकार किसानों के हित में सकारात्मक कदम उठा रही है।
- राज्यों को अपने नीतियों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने का सुझाव दिया गया है।
- निर्मला सीतारमण ने राजनीति में स्वार्थी दृष्टिकोण की आलोचना की।
- एनडीए सरकार हर किसान के लिए निरंतर प्रयास करेगी।
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं के बीच उत्तरदायी बहस जारी है। इसी क्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बयान पर तीखा जवाब दिया।
निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा की गई टिप्पणी पूर्णतः तथ्यहीन, राजनीतिक प्रेरित और तमिलनाडु के किसानों को भ्रमित करने के लिए जानबूझकर की गई है।
गौरतलब है कि सीएम स्टालिन ने यह आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को धान की खेती के लिए कोई प्रोत्साहन न देने का निर्देश दिया है।
निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को—केवल तमिलनाडु को नहीं—जो सुझाव दिया गया था, वह सिर्फ एक सुझाव था कि वे अपनी राज्य बोनस नीतियों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ें। यह सुझाव सकारात्मक और दूरदर्शी सोच पर आधारित है, जिसका उद्देश्य फसलों में विविधता लाना और दालों तथा तिलहनों जैसी फसलों में आत्मनिर्भरता स्थापित करना है, ताकि किसान उन फसलों की खेती कर सकें जिनकी घरेलू मांग आपूर्ति से कहीं अधिक है।
उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के ऊपर अतिरिक्त बोनस देने का अधिकार हमेशा से राज्य सरकारों का रहा है, और आज भी है। किसी ने भी उनसे यह अधिकार नहीं छीना। मुख्यमंत्री स्टालिन को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और राष्ट्रीय हित में काम करने के बजाय अपने स्वार्थी राजनीतिक हितों के लिए ध्यान भटकाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब देश समाधान की ओर बढ़ता है, तो डीएमके विवाद खड़ा करती है। जब केंद्र सहयोग का हाथ बढ़ाता है, तो डीएमके केवल चुनावी लाभ देखने का अवसर पाती है। संवैधानिक पद पर आसीन मुख्यमंत्री से ऐसे आचरण की अपेक्षा नहीं की जा सकती। तमिलनाडु के किसानों को ऐसी सरकार की जरूरत है, जो उनकी समृद्धि के लिए काम करे, न कि वोटों के लिए उनकी चिंताओं को हथियार बनाए।
उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार हर राज्य के हर किसान के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी, चाहे उस राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार हो। हम इस तरह के मनगढ़ंत विवादों से विचलित नहीं होंगे।