टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोपों की बौछार: अमित शाह का बयान
सारांश
Key Takeaways
- भ्रष्टाचार: अमित शाह ने टीएमसी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
- महिलाओं की सुरक्षा: भाजपा का वादा, महिलाएं सुरक्षित रहेंगी।
- यूसीसी: समान नागरिक संहिता को लागू करने का आश्वासन।
- चुनाव में हस्तक्षेप: टीएमसी के असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी।
- राजनीतिक बदलाव: जनता अब बदलाव चाहती है।
कोलकाता, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में एक चुनावी रैली में टीएमसी पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में जितने भी बड़े भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं, उनमें टीएमसी नेताओं की संलिप्तता है।
बीरभूम जिले के बोलपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, "कैश-फॉर-क्वेरी से लेकर कैश-फॉर-जॉब, मवेशी तस्करी से लेकर कोयला तस्करी, पीडीएस घोटाले से लेकर अवैध जमीन कब्जाने तक, किसी भी भ्रष्टाचार का नाम लीजिए, हर जगह टीएमसी नेताओं का हस्तक्षेप मिलेगा।"
उन्होंने कहा कि इस 'कुशासन' से लोग थक चुके हैं और अब विधानसभा चुनाव के माध्यम से बदलाव लाने के लिए तैयार हैं।
अमित शाह ने अपने भाषण में यह भी कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम उस व्यवस्था को समाप्त करेंगे जिसमें कुछ लोग एक साथ चार-चार शादियां करते हैं।"
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद वे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को रात में बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है।
गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो महिलाएं रात के १ बजे भी सुरक्षित रूप से दोपहिया वाहन चला सकेंगी। उन्होंने कहा, "आरजी कर मेडिकल कॉलेज, कासबा लॉ कॉलेज और दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज में हुई घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। हमारे शासन में महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी।"
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि टीएमसी के असामाजिक तत्व २३ और २९ अप्रैल को होने वाले मतदान में हस्तक्षेप करने की कोशिश करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमित शाह ने कहा, "उन्हें सलाह है कि मतदान के दिन घर में ही रहें, नहीं तो ५ मई के बाद उन्हें पकड़ा जाएगा।"