क्या टीएमसी के गुंडों ने कोलकाता में राजनीतिक आतंक फैलाया? : अमित मालवीय
सारांश
Key Takeaways
- राजनीतिक आतंक का फैलाव
- टीएमसी द्वारा हिंसा के आरोप
- भाजपा का कड़ा विरोध
- 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी
कोलकाता, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने रविवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा पश्चिम बंगाल में हिंसा फैलाने का गंभीर आरोप लगाया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि चुनावी हार के भय के कारण टीएमसी के गुंडों ने फिर से कोलकाता की सड़कों पर राजनीतिक आतंक फैला दिया है। उन्होंने दक्षिण कोलकाता के बेहाला क्षेत्र में भाजपा की 'परिवर्तन संकल्प सभा' के दौरान हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटना का उल्लेख किया।
मालवीय ने लिखा, "आने वाली हार के डर से, टीएमसी के गुंडों ने एक बार फिर कोलकाता की सड़कों पर राजनीतिक आतंक फैला दिया है। भाजपा के चुनाव सह-प्रभारी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के बेहाला पश्चिम में परिवर्तन संकल्प सभा में वोटरों को संबोधित करने के कुछ मिनटों बाद, टीएमसी के कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर घुस आए, तोड़फोड़ की और उनके जाने के बाद एक भीड़भाड़ वाले बाजार के बीच सभा के स्टेज में आग लगा दी।"
उन्होंने बताया कि यह चौंकाने वाली घटना शाम को दक्षिण कोलकाता के बेहाला में महत्वपूर्ण डायमंड हार्बर रोड पर हुई। मालवीय ने इसे 'राजनीति नहीं, संगठित हिंसा' करार दिया और कहा कि टीएमसी ने बंगाल को आतंक का अड्डा बना दिया है। ममता बनर्जी के गुंडे राज्य में उत्पात मचा रहे हैं और सत्ता में बने रहने के प्रयास में लोकतंत्र को जला रहे हैं।
यह घटना तब हुई है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 202६ की तैयारी जोरों पर है। भाजपा लगातार टीएमसी पर हिंसा और राजनीतिक दबाव के आरोप लगा रही है।
बिप्लब कुमार देब ने सभा में राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की और परिवर्तन की अपील की थी। कार्यक्रम के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं के कथित तौर पर स्टेज तोड़ने और आग लगाने से तनाव फैल गया।
भाजपा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने दावा किया कि यह टीएमसी की ओर से चुनावी हिंसा की नई कड़ी है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश है।