असम में कांग्रेस को बड़ा झटका: 100 से अधिक कार्यकर्ता एजीपी में शामिल
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस में बढ़ती असंतोष की भावना।
- 100 से अधिक कार्यकर्ताओं का एजीपी में शामिल होना।
- राजनीतिक समीकरणों में तेजी से परिवर्तन।
- पिंकू कलिता का एजीपी में शामिल होना।
- स्थानीय नेताओं का बढ़ता प्रभाव।
गुवाहाटी, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम में आने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस को एक गंभीर झटका लगा है। राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई के करीबी सहयोगी सहित 100 से अधिक कार्यकर्ता कांग्रेस को छोड़कर असम गण परिषद (एजीपी) में शामिल हो गए हैं।
इस बदलाव में कालियाबोर यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पिंकू कलिता भी शामिल हैं, जिनका यह कदम क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिंकू कलिता ने अपने समर्थकों के साथ एजीपी में प्रवेश किया। इस अवसर पर राज्य के वरिष्ठ नेता और मंत्री केशव महंता भी उपस्थित थे।
केशव महंता ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कालियाबोर में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एजीपी में आना क्षेत्र में बदलते राजनीतिक माहौल का संकेत है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस द्वारा कालियाबोर सीट को अपने सहयोगी रायजोर दल को देने के निर्णय से स्थानीय कार्यकर्ताओं में असंतोष था। इसी कारण कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।
पिंकू कलिता ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय कालियाबोर के लोगों के हित में किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने जमीनी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाओं को अनदेखा किया।
उन्होंने यह भी कहा कि एजीपी, एनडीए का हिस्सा होने के नाते असम के हितों की रक्षा और राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
यह घटनाक्रम कालियाबोर की राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकता है, जिसे अब तक कांग्रेस का मजबूत गढ़ समझा जाता रहा है। चुनाव नजदीक आते ही असम में दल-बदल और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।