असम चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका: सूर्यकांत सरकार का इस्तीफा, मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बीच
सारांश
Key Takeaways
- सूर्यकांत सरकार ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया।
- यह इस्तीफा मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के दौरान हुआ।
- सरकार ने नेतृत्व और संगठनात्मक मुद्दों पर नाराजगी जताई।
- उन्होंने पार्टी के भीतर भेदभाव की ओर इशारा किया।
- उनके समर्थकों का आभार व्यक्त किया।
गुवाहाटी, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में कांग्रेस की असम इकाई को एक बड़ा झटका तब लगा, जब पार्टी के प्रमुख नेता सूर्यकांत सरकार ने सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम के दौरान एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कछार जिले में एक रैली को संबोधित कर रहे थे।
सूर्यकांत सरकार ने कांग्रेस के टिकट पर सिलचर सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है और राज्य में पार्टी के भीतर के कामकाज एवं नेतृत्व को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की।
अपने इस्तीफे में, उन्होंने कहा कि वह 'भारी मन से' यह कदम उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठनात्मक समस्याओं को उठाने की बार-बार कोशिशों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उनकी 'ईमानदारी और लगातार प्रतिबद्धता' के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया।
उन्होंने कुछ पदाधिकारियों में जवाबदेही की कमी को लेकर निराशा व्यक्त की और यह दावा किया कि उनकी चिंताओं को सही महत्व नहीं दिया गया। इसके साथ ही, उन्होंने भेदभाव का भी उल्लेख किया। सरकार ने कहा कि कई बार ऐसा महसूस हुआ कि एक अनुसूचित समुदाय के सदस्य के रूप में उनके मुद्दों को नजरअंदाज किया गया।
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के कार्यों पर सवाल उठाते हुए सूर्यकांत सरकार ने कहा कि विशेष रूप से बराक घाटी में, संगठनात्मक नियुक्तियां और महत्वपूर्ण निर्णय मेरिट और जमीनी स्तर के योगदान के बजाय अन्य कारकों से प्रभावित हो रहे थे।
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी के साथ जुड़े रहना अब बेहद कठिन होता जा रहा है। उन्होंने अपने समर्थकों और मतदाताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका विश्वास और हौसला उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।