असम में कांग्रेस-रायजोर दल का गठबंधन समाप्त, अखिल गोगोई ने नेताओं के अहंकार को बताया कारण

Click to start listening
असम में कांग्रेस-रायजोर दल का गठबंधन समाप्त, अखिल गोगोई ने नेताओं के अहंकार को बताया कारण

सारांश

असम में विपक्षी राजनीति को एक बड़ा झटका लगा है। अखिल गोगोई ने बताया कि रायजोर दल और कांग्रेस के बीच गठबंधन औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है, जिसका मुख्य कारण सीट बंटवारे को लेकर मतभेद हैं।

Key Takeaways

  • असम में विपक्षी गठबंधन का टूटना
  • सीट बंटवारे को लेकर मतभेद
  • अखिल गोगोई का कांग्रेस नेताओं पर आरोप
  • स्वतंत्र चुनाव लड़ने की संभावना
  • राजनीतिक विश्लेषकों की राय

गुवाहाटी, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी राजनीति को महत्वपूर्ण झटका लगा है। अखिल गोगोई ने रविवार को बताया कि उनकी पार्टी रायजोर दल और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (एआईसीसी) के बीच प्रस्तावित गठबंधन औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है।

रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई ने इस टूट का जिम्मेदार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गौरव गोगोई और रकीबुल हुसैन को ठहराया। उन्होंने कहा कि उनके “अहंकार” के कारण सीट बंटवारे की बातचीत बाधित हुई।

पत्रकारों से बातचीत में गोगोई ने कहा कि गठबंधन मुख्यतः सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेदों के कारण टूट गया। एक विधानसभा क्षेत्र को लेकर विवाद ने बातचीत को गंभीरता से प्रभावित किया।

गोगोई ने कहा कि कई दौर की चर्चाओं के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व उनकी पार्टी को पहले दिए गए आश्वासनों का सम्मान नहीं कर सका। उनके अनुसार, कांग्रेस ने ही गठबंधन का प्रस्ताव लेकर उनसे संपर्क किया था और समर्थन मांगा था।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने केवल 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की थी, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें केवल नौ सीटें देने की पेशकश की, जिसे उनकी पार्टी ने अस्वीकृत कर दिया।

गोगोई ने यह भी दावा किया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पहले ही संकेत दिया था कि ढींग विधानसभा क्षेत्र रायजोर दल को दिया जाएगा। उनके अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने भी बातचीत के दौरान यही आश्वासन दिया था।

अखिल गोगोई ने आरोप लगाया कि एआईसीसी और प्रद्युत बोरदोलोई ने उनकी पार्टी को यह बताया था कि ढींग विधानसभा सीट उन्हें दी जाएगी, लेकिन बाद में गौरव गोगोई और रकीबुल हुसैन ने इस पर सहमति देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इसी सीट को लेकर उत्पन्न विवाद के कारण दोनों दलों के बीच प्रस्तावित गठबंधन अंततः समाप्त हो गया।

रायजोर दल प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि दलगांव में प्रस्तावित गठबंधन के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन स्वतःस्फूर्त नहीं था।

उनके अनुसार, यह विरोध असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सीधे निर्देशों के तहत किया गया था। उन्होंने दावा किया कि दलगांव में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व के निर्देशों का पालन कर रहे थे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम असम में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका है। राज्य में भाजपा विरोधी दलों के बीच व्यापक गठबंधन बनाने की कोशिशें चल रही थीं, लेकिन बातचीत विफल होने के बाद अब रायजोर दल के स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरने की संभावना बढ़ गई है।

Point of View

इससे भाजपा विरोधी दलों के बीच संभावित गठबंधन की कोशिशें और भी कमजोर हो गई हैं।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

असम में कांग्रेस और रायजोर दल का गठबंधन क्यों टूट गया?
गठबंधन मुख्यतः सीट बंटवारे को लेकर मतभेदों के कारण समाप्त हुआ, जिसमें कांग्रेस के नेताओं के अहंकार की भूमिका रही।
अखिल गोगोई ने किस पर आरोप लगाया?
अखिल गोगोई ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गौरव गोगोई और रकीबुल हुसैन पर आरोप लगाया कि उनके अहंकार के कारण बातचीत सफल नहीं हो पाई।
क्या रायजोर दल स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगा?
जी हां, गठबंधन के टूटने के बाद रायजोर दल के स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरने की संभावना बढ़ गई है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध का कारण क्या था?
गोगोई के अनुसार, दलगांव में प्रदर्शन कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों के तहत हुआ था।
असम में आगामी विधानसभा चुनावों का क्या महत्व है?
ये चुनाव असम में भाजपा विरोधी दलों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हैं, लेकिन गठबंधन टूटने से उनकी एकता को नुकसान पहुंचा है।
Nation Press