गुजरात के कच्छ में ISIS विचारधारा से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर चरमपंथी सामग्री फैलाने का आरोप
सारांश
Key Takeaways
गुजरात के कच्छ जिले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने 2 मई 2026 को इस्लामिक स्टेट (ISIS) की विचारधारा से प्रभावित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पर सोशल मीडिया पर कई फर्जी पहचानों के ज़रिए भड़काऊ और चरमपंथी सामग्री फैलाने का आरोप है। यह कार्रवाई कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान के तहत की गई है।
कौन है आरोपी
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान भुज तालुका के लोदाई गांव निवासी फकीरामद गगड़ा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अनेक फर्जी खातों का उपयोग करता था, जिनके माध्यम से वह कथित तौर पर ISIS से संबंधित दुष्प्रचार और राष्ट्र-विरोधी सामग्री साझा करता था।
क्या था आरोपी का तरीका
पुलिस के अनुसार, फकीरामद गगड़ा सोशल मीडिया पर 'खिलाफत' और 'जिहाद' की अवधारणाओं को बढ़ावा देने वाली भड़काऊ पोस्ट प्रकाशित करता था। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ राष्ट्र की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए सीधा खतरा हैं। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कथित तौर पर चरमपंथी विचारधारा का समर्थन करने वाली सामग्री बरामद हुई है, जो मामले में अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
SOG का ऑपरेशन कैसे हुआ
पश्चिम कच्छ-भुज की SOG टीम ने विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि इस प्रकार की ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों पर SOG की कार्रवाई हाल के वर्षों में तेज़ हुई है।
कानूनी कार्रवाई और जांच की स्थिति
इस मामले में पद्धर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों की व्यापकता और उसके संभावित संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ ऑनलाइन कट्टरपंथ के प्रसार पर विशेष नज़र रख रही हैं।
आगे क्या होगा
जांच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी के अन्य संगठनों या व्यक्तियों से किसी प्रकार के संबंध तो नहीं थे। अधिकारियों ने बताया कि मामले से जुड़े अधिक तथ्य जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे। इस गिरफ्तारी को ऑनलाइन चरमपंथ के खिलाफ सुरक्षा बलों की सतर्कता का प्रमाण माना जा रहा है।