भारत-इजरायल आतंकवाद विरोधी रणनीति: समान खतरे, समान जवाब — पौशाली लास की रिपोर्ट
वॉशिंगटन स्थित जर्नल द एल्गेमाइनर में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, भारत और इजरायल की सुरक्षा साझेदारी मुख्य रूप से आतंकवाद से निपटने, नागरिकों की जान बचाने और आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने पर केंद्रित एक व्यावहारिक सहयोग है। भारतीय-जर्मन अंतरसांस्कृतिक एवं भू-राजनीतिक सलाहकार पौशाली लास ने यह रिपोर्ट 2 मई 2026 को प्रकाशित की, जिसमें दोनों देशों की समानांतर सुरक्षा चुनौतियों और उनके जवाबों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
समान सुरक्षा चुनौतियाँ
रिपोर्ट के अनुसार, आज दोनों देश एक जैसे खतरों का सामना कर रहे हैं — जहाँ दुश्मन नागरिकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करते हैं, सीमा पार से हमले करते हैं और आतंक फैलाने की सुनियोजित रणनीति अपनाते हैं। इसके जवाब में दोनों देशों ने सर्जिकल स्ट्राइक, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और नागरिक नुकसान को न्यूनतम रखने जैसी नीतियाँ अपनाई हैं।
लास ने लिखा कि इजरायल में हाल ही में मनाए गए मेमोरियल डे और स्वतंत्रता दिवस इस बात की याद दिलाते हैं कि राष्ट्र निर्माण की कीमत युद्धभूमि और आम जिंदगी दोनों में चुकानी पड़ती है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच रक्षा और खुफिया सहयोग नई ऊँचाइयों पर पहुँच रहा है।
पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर
लास ने कहा कि एक साल पहले पहलगाम में भारत ने भी यही सच्चाई देखी, जब पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी भारतीय सीमा में घुस आए और महिलाओं व बच्चों के सामने 26 पुरुषों की निर्मम हत्या कर दी। उन्होंने कहा,