शंभू रेलवे ट्रैक विस्फोट केस सुलझा: पंजाब पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता के सहयोगी गुरजिंदर सिंह को किया गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
पंजाब पुलिस ने 2 मई 2026 को पाकिस्तान समर्थित आईएसआई आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख आतंकी घटनाओं — सीआईए मोगा ग्रेनेड हमला, सरहिंद रेलवे ट्रैक विस्फोट और शंभू रेलवे ट्रैक विस्फोट — के मुख्य साजिशकर्ता जगरूप सिंह उर्फ जुपा के प्रमुख सहयोगी को गिरफ्तार कर तीनों मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शनिवार को चंडीगढ़/पटियाला में यह जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुरदासपुर के बिधिपुर निवासी गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेअंत के रूप में हुई है। यह ऑपरेशन अमृतसर स्थित राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी), पठानकोट स्थित काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) और पटियाला जिला पुलिस का संयुक्त प्रयास था। एआईजी एसएसओसी अमृतसर सुखमिंदर सिंह मान के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान में गुरजिंदर को अमृतसर क्षेत्र से दबोचा गया।
शंभू विस्फोट का पूरा घटनाक्रम
यह मामला सोमवार रात पटियाला जिले के शंभू के पास रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट से जुड़ा है, जिसमें जगरूप सिंह उर्फ जुपा की मौत हो गई — वह आईईडी लगाने की कोशिश कर रहा था। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गुरजिंदर विस्फोट के समय घटनास्थल पर मौजूद था, लेकिन दूरी पर खड़े होने के कारण बाल-बाल बच गया। जगरूप की समय से पहले हुए विस्फोट में मौत के बाद ही गुरजिंदर मौके से फरार हुआ।
पुलिस ने इस मामले में पहले ही प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी सहित चार कट्टरपंथी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से एक हैंड ग्रेनेड, दो .30 बोर पिस्तौल, अत्याधुनिक संचार उपकरण और लैपटॉप बरामद किए गए थे। इसके बाद मृतक जगरूप के भाई सतनाम उर्फ सत्ता के खुलासे पर पुलिस ने एक रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी), हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक और उच्च श्रेणी की पिस्तौल सहित भारी मात्रा में आतंकवादी सामग्री बरामद की।
तीन आतंकी घटनाओं का एक ही मॉड्यूल से संबंध
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गुरजिंदर सिंह से पूछताछ में तीनों आतंकी कृत्यों के बीच स्पष्ट संबंध सामने आया है — 7 नवंबर 2025 को सीआईए मोगा पर ग्रेनेड हमला, 23 जनवरी 2026 को सरहिंद रेलवे ट्रैक विस्फोट और 27 अप्रैल 2026 को शंभू विस्फोट। अधिकारियों के अनुसार, ये तीनों कृत्य एक ही आतंकी मॉड्यूल द्वारा मलेशिया स्थित हैंडलर्स के सीधे निर्देशों पर किए गए, जो आगे अमेरिका और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़े हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आईएसआई समर्थित नेटवर्क की सक्रियता को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क थीं।
मॉड्यूल की कार्यप्रणाली
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पटियाला वरुण शर्मा ने बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए इस मॉड्यूल ने रेडियो पर पूरी तरह चुप्पी बनाए रखी और अपनी गतिविधियों के दौरान व्यापक सावधानी बरती। डीजीपी ने यह भी बताया कि गुरजिंदर और जगरूप लंबे समय से एक-दूसरे के सहयोगी थे और शंभू विस्फोट वाले दिन दोनों ने पकड़े जाने से बचने के लिए राजपुरा की यात्रा अलग-अलग की थी।
आगे की जांच जारी
एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने पुष्टि की है कि आगे की जांच जारी है। इस गिरफ्तारी और पहले की बरामदगी के साथ, मोगा, सरहिंद और शंभू में हुई तीनों आतंकी घटनाओं को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, मलेशिया-पाकिस्तान-अमेरिका के हैंडलर नेटवर्क की पहचान इस जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, जो भविष्य में और गिरफ्तारियों का रास्ता खोल सकती है।