विनय कुलकर्णी अयोग्य घोषित: भाजपा नेता हत्याकांड में उम्रकैद के बाद धारवाड़ सीट रिक्त

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विनय कुलकर्णी अयोग्य घोषित: भाजपा नेता हत्याकांड में उम्रकैद के बाद धारवाड़ सीट रिक्त

सारांश

विनय कुलकर्णी — कर्नाटक के वह कांग्रेस विधायक जो हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने के बाद भी पद पर बने रहे — अब आधिकारिक रूप से अयोग्य घोषित हो गए हैं। धारवाड़ सीट रिक्त होने के साथ राज्य में उपचुनाव की राह खुल गई है, और कांग्रेस सरकार पर देरी के सवाल अभी भी बने हुए हैं।

Key Takeaways

विनय कुलकर्णी को 2 मई 2026 को कर्नाटक विधानसभा की अधिसूचना के ज़रिए अयोग्य घोषित किया गया। अयोग्यता 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी — जिस दिन विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। रिहाई के बाद भी 6 वर्ष तक अयोग्यता लागू रहेगी, जब तक सजा पर अदालती रोक न लगे। धारवाड़ विधानसभा सीट आधिकारिक रूप से रिक्त; उपचुनाव की संभावना। मामला 2016 का है — भाजपा नेता योगेश गौड़ा की धारवाड़ के एक जिम में हत्या। कुलकर्णी फिलहाल बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद; दोषसिद्धि के खिलाफ अपील दाखिल।

कर्नाटक कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को 2 मई 2026 को विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया, जब कर्नाटक विधानसभा ने आधिकारिक अधिसूचना जारी की। यह कार्रवाई 15 अप्रैल को बेंगलुरु की एक विशेष अदालत द्वारा भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद की गई। इस फैसले के साथ ही धारवाड़ विधानसभा सीट आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित हो गई है।

अयोग्यता का कानूनी आधार

कर्नाटक विधानसभा सचिव एम.के. विशालाक्षी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कुलकर्णी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191(1)(ई) तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत दोषसिद्धि की तिथि से अयोग्य हो गए हैं। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनकी रिहाई के बाद भी छह वर्ष तक यह अयोग्यता लागू रहेगी, जब तक किसी सक्षम अदालत द्वारा सजा पर रोक नहीं लगाई जाती।

दोषसिद्धि बेंगलुरु सिटी के अतिरिक्त सिटी सिविल एवं सत्र न्यायाधीश (सीसीएच-82) द्वारा विशेष मामला संख्या 565/2021 में सुनाई गई थी। कुलकर्णी इस मामले में आरोपी संख्या 15 थे और उनके साथ 16 अन्य लोगों को भी उम्रकैद की सजा हुई।

हत्याकांड की पृष्ठभूमि

भाजपा नेता योगेश गौड़ा की 15 जून 2016 को धारवाड़ शहर के एक जिम में हमलावरों के एक समूह ने हत्या कर दी थी। माना जाता है कि उन्होंने राजनीतिक रूप से कुलकर्णी को चुनौती दी थी, जिसके बाद यह घटना हुई। उस समय कुलकर्णी सिद्धारमैया सरकार में कैबिनेट मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री थे। नाम सामने आने के बावजूद शुरुआत में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

गौरतलब है कि बाद में भाजपा ने इस मामले को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया। पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने चुनावी सभाओं में कहा था कि भाजपा सत्ता में आई तो कुलकर्णी को जेल भेजा जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार ने मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया।

गिरफ्तारी से सजा तक का सफर

कुलकर्णी को वर्ष 2020 में गिरफ्तार किया गया और 2021 में जमानत मिली। उन पर गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगने के बाद सीबीआई ने जमानत रद्द करने की माँग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्होंने आत्मसमर्पण किया और बाद में सुप्रीम कोर्ट से पुनः जमानत हासिल की। उन्होंने नौ महीने से अधिक समय जेल में बिताया। फिलहाल वे बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं और दोषसिद्धि को चुनौती देते हुए अपील दाखिल कर चुके हैं।

विधानसभा अध्यक्ष और राजनीतिक प्रतिक्रिया

विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर ने सोमवार को मंगलुरु में पत्रकारों से कहा था,

Point of View

जबकि कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8 के तहत अयोग्यता दोषसिद्धि की तिथि से स्वतः लागू होती है। यह मामला उजागर करता है कि सत्तारूढ़ दल अपने विधायकों को बचाने के लिए प्रक्रियागत देरी का सहारा लेते हैं। कांग्रेस सरकार पर विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सवाल इसीलिए वाजिब ठहरते हैं। धारवाड़ उपचुनाव अब कर्नाटक की राजनीति में एक नई परीक्षा बनेगा — यह देखना होगा कि कांग्रेस इस सीट को बचा पाती है या नहीं।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

कर्नाटक विधायक विनय कुलकर्णी को अयोग्य क्यों घोषित किया गया?
विनय कुलकर्णी को भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में 15 अप्रैल 2026 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत दो वर्ष या अधिक की सजा पर विधायक पद से स्वतः अयोग्यता लागू होती है।
धारवाड़ विधानसभा सीट पर अब क्या होगा?
धारवाड़ सीट आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित हो गई है। कर्नाटक विधानसभा की अधिसूचना के बाद चुनाव आयोग उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। उपचुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
योगेश गौड़ा हत्याकांड क्या है?
भाजपा नेता योगेश गौड़ा की 15 जून 2016 को धारवाड़ के एक जिम में हमलावरों के एक समूह ने हत्या कर दी थी। माना जाता है कि उन्होंने राजनीतिक रूप से कुलकर्णी को चुनौती दी थी। मामला बाद में सीबीआई को सौंपा गया।
विनय कुलकर्णी की अयोग्यता कितने समय तक लागू रहेगी?
अधिसूचना के अनुसार, रिहाई के बाद भी 6 वर्ष तक अयोग्यता लागू रहेगी। यह तभी समाप्त होगी जब कोई सक्षम अदालत उनकी सजा पर रोक लगाए। फिलहाल उन्होंने दोषसिद्धि को चुनौती देते हुए अपील दाखिल की है।
क्या कांग्रेस सरकार ने अयोग्यता में देरी की?
विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अयोग्यता में देरी को लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए। विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर ने कहा था कि सजा की आधिकारिक सूचना मिलने तक कार्रवाई संभव नहीं, हालाँकि कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अयोग्यता दोषसिद्धि की तिथि से स्वतः लागू होती है।
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