असम में कुंकी चौधरी को चुनावी नियमों के उल्लंघन पर तलब किया गया

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असम में कुंकी चौधरी को चुनावी नियमों के उल्लंघन पर तलब किया गया

सारांश

गुवाहाटी में एजेपी की उम्मीदवार कुंकी चौधरी को 9 अप्रैल के मतदान में नियमों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने तलब किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • कुंकी चौधरी को तलब किया गया है चुनावी नियमों के उल्लंघन के आरोप में।
  • पुलिस ने पूछताछ के लिए समन जारी किया है।
  • आरोपों में मतदाता संपर्क का मामला शामिल है।
  • चौधरी ने आरोपों को राजनीतिक बताया है।
  • जांच में सहयोग न करने पर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

गुवाहाटी, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम जातीय परिषद (एजेपी) की उम्मीदवार कुंकी चौधरी को ९ अप्रैल को आयोजित मतदान के दौरान चुनावी नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में पुलिस ने तलब किया है। अधिकारियों ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी।

पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पानबाजार पुलिस स्टेशन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत एक नोटिस जारी करते हुए कुंकी चौधरी को १२ अप्रैल की सुबह ११ बजे पूछताछ के लिए ऑफिसर-इन-चार्ज के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में जांच चल रही है, और इसमें उनकी भूमिका को लेकर उचित आधार मौजूद हैं। यह समन गुवाहाटी सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के संबंध में पानबाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के बाद जारी किया गया है।

इस मामले में चौधरी के साथ-साथ उनकी सोशल मीडिया टीम के सदस्यों को भी आरोपित किया गया है। शिकायत के अनुसार, मतदान के दिन एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने अनिवार्य ४८ घंटे की 'मौन अवधि' के बावजूद निर्वाचन क्षेत्र में मौजूद रहने का आरोप लगाया है।

एफआईआर के अनुसार, कुंकी चौधरी एक समूह के साथ मतदान केंद्र में गईं और मतदाताओं के साथ इस तरह से बातचीत की जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी। इसके अलावा, मतदान केंद्रों के पास प्रतिबंधित क्षेत्रों में उम्मीदवार से जुड़े वाहनों की मौजूदगी और मतदान परिसर के अंदर उनके सुरक्षा कर्मियों का अनधिकृत प्रवेश भी आरोपित किया गया है।

जांचकर्ताओं ने मौन अवधि के दौरान मतदाता संपर्क के कुछ उदाहरणों का भी उल्लेख किया है, और इन आरोपों की पुष्टि के लिए डिजिटल और वीडियो प्रमाण प्रस्तुत किए गए हैं।

पुलिस ने चौधरी को निर्देश दिया है कि वे जांच में सहयोग करें, साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न करें, और जांच के दौरान जारी किए गए सभी निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि समन का उत्तर न देने पर कानूनी परिणाम हो सकते हैं, जिसमें संभावित गिरफ्तारी भी शामिल है।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कुंकी चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक बयान में पुष्टि की कि उनके और उनकी टीम के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कुछ सहयोगियों को रात भर हिरासत में रखा गया था, और कहा कि वह अपना बयान दर्ज कराने के लिए पहले ही पुलिस स्टेशन जा चुकी हैं। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी महिला का बयान दर्ज करते समय उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए।

आरोपों से इनकार करते हुए कुंकी चौधरी ने कहा कि उनका चुनाव प्रचार अभियान चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का पालन करता है। उन्होंने इस कार्रवाई को 'राजनीति से प्रेरित' बताया और यह दावा किया कि यह उनके दल को मिल रहे बढ़ते जनसमर्थन के कारण है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि असम में चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। कुंकी चौधरी के खिलाफ उठे आरोप गंभीर हैं और इसकी जांच आवश्यक है। सभी पक्षों को उचित सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

कुंकी चौधरी को क्यों तलब किया गया?
उन्हें 9 अप्रैल के मतदान के दौरान चुनावी नियमों के उल्लंघन के आरोप में तलब किया गया है।
क्या आरोप हैं कुंकी चौधरी पर?
उन पर मतदान केंद्र में अनधिकृत प्रवेश और मतदाताओं के साथ बातचीत करने के आरोप हैं।
पुलिस ने क्या निर्देश दिए हैं?
पुलिस ने कुंकी चौधरी को जांच में सहयोग करने और सभी निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है।
कुंकी चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया में क्या कहा?
उन्होंने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि उनका चुनाव प्रचार आयोग के दिशानिर्देशों का पालन करता है।
क्या इस मामले में गिरफ्तारी हो सकती है?
समन का जवाब न देने पर कानूनी परिणाम हो सकते हैं, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है।
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