13 अगस्त 2026
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सेंसेक्स 180 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,340 पर; रियल्टी-IT पर दबाव, ऑटो-मीडिया में तेज़ी

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सेंसेक्स 180 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,340 पर; रियल्टी-IT पर दबाव, ऑटो-मीडिया में तेज़ी

सारांश

वैश्विक तनावों और कच्चे तेल की अनिश्चितता के बीच सेंसेक्स 180 अंक लुढ़का और निफ्टी 24,340 पर आ गया। रियल्टी और IT सेक्टर सबसे अधिक दबाव में रहे, जबकि ब्रेंट क्रूड में 1% से अधिक की गिरावट ने कुछ राहत दी। मज़बूत घरेलू संकेतक और वैश्विक जोखिम के बीच बाज़ार सीमित दायरे में झूलता रहा।

मुख्य बातें

बीएसई सेंसेक्स 13 अगस्त को 180 अंक (0.24%) गिरकर 77,775 के आसपास ट्रेड करता रहा।
निफ्टी 50 95.75 अंक (0.39%) फिसलकर 24,340.20 पर आया।
निफ्टी रियल्टी 0.81% और निफ्टी आईटी 0.69% — सबसे अधिक नुकसान में।
निफ्टी मीडिया 0.61% और निफ्टी ऑटो 0.39% चढ़े — शीर्ष लाभ में।
ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक गिरकर 87.75 डॉलर/बैरल ; WTI क्रूड 81.90 डॉलर/बैरल पर।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए पहला लक्ष्य 24,540–24,666 , अगला 24,850–25,100 ।

बीएसई सेंसेक्स गुरुवार, 13 अगस्त को शुरुआती कारोबार में 180 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,775 के आसपास ट्रेड करता नज़र आया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 95.75 अंक (0.39 प्रतिशत) फिसलकर 24,340.20 पर आ गया। वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी चिंता के बीच मुंबई के दोनों प्रमुख सूचकांकों ने मिश्रित रुख के साथ कारोबार शुरू किया और बाद में दबाव में आ गए।

बाज़ार का शुरुआती रुख

सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,966.35 से 145.56 अंक (0.18 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 78,111.91 पर खुला था। निफ्टी 50 भी पिछले बंद 24,435.95 से मामूली 4.35 अंक की गिरावट के साथ 24,431.60 पर सपाट खुला। हालांकि शुरुआती घंटे में ही दोनों सूचकांकों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

सेक्टोरल प्रदर्शन

निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे मज़बूत सेक्टर रहा, इसके बाद निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.39 प्रतिशत की तेज़ी दर्ज हुई। दूसरी ओर, ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.81 प्रतिशत टूटा — सबसे बड़ा नुकसान — जबकि निफ्टी आईटी 0.69 प्रतिशत कमज़ोर हुआ। पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंकिंग इंडेक्स में भी 0.61 प्रतिशत तक की गिरावट रही।

व्यापक बाज़ार में निफ्टी मिडकैप 0.15 प्रतिशत नीचे आया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.33 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निफ्टी50 में सर्वाधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में ग्रासिम इंडस्ट्रीज़, अल्ट्राटेक सीमेंट और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ शामिल रहे।

कच्चे तेल में नरमी, राहत के संकेत

अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार से कुछ राहत मिली। ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 87.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 1.64 प्रतिशत फिसलकर 81.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, तेल कीमतों में यह नरमी महंगाई और कंपनियों की लागत संबंधी चिंताओं को कुछ हद तक कम कर सकती है।

तकनीकी दृष्टिकोण

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, बुधवार के सत्र में निफ्टी ने 20-दिवसीय मूविंग एवरेज के पास मज़बूती दिखाई और चार्ट पर हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया, जिससे निकट अवधि का तकनीकी दृष्टिकोण कुछ बेहतर हुआ है। उनके अनुमान के मुताबिक, पहले चरण में निफ्टी 24,540 से 24,666 अंकों तक बढ़ सकता है, और उसके बाद 24,850 से 25,100 का स्तर भी संभव है। हालांकि 24,490 के आसपास मुनाफावसूली और समेकन (कंसोलिडेशन) देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों का नज़रिया

बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि निकट अवधि में भारतीय बाज़ार एक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। एक ओर जीएसटी संग्रह, माल ढुलाई, ऑटोमोबाइल बिक्री और बैंक ऋण वृद्धि जैसे उच्च-आवृत्ति संकेतक अर्थव्यवस्था की मज़बूती को दर्शा रहे हैं और आने वाली तिमाहियों में कॉरपोरेट आय को समर्थन देने की उम्मीद है। दूसरी ओर, वैश्विक जोखिम और कच्चे तेल की दिशा को लेकर अनिश्चितता निवेशकों को सतर्क बनाए हुए है। विश्लेषकों के अनुसार, आगे बाज़ार की दिशा घरेलू आर्थिक मज़बूती, कॉरपोरेट नतीजों और विदेशी-घरेलू निवेश प्रवाह पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 87 डॉलर का स्तर अभी भी भारत के आयात बिल के लिए असहज है। असली सवाल यह है कि जीएसटी और ऑटो जैसे घरेलू संकेतक कब तक विदेशी दबाव को थामे रख सकते हैं — और अगर वैश्विक जोखिम और गहरे हुए तो यह 'सीमित दायरा' टूट सकता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 अगस्त को सेंसेक्स कितना गिरा?
13 अगस्त को सेंसेक्स 180 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,775 के आसपास ट्रेड करता नज़र आया। निफ्टी 50 भी 95.75 अंक (0.39 प्रतिशत) फिसलकर 24,340.20 पर आ गया।
आज बाज़ार में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?
वैश्विक अनिश्चितताएँ और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी चिंता गिरावट की प्रमुख वजह रही। रियल्टी और IT सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव रहा, जबकि पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी 0.61 प्रतिशत तक टूटे।
कौन-से सेक्टर आज बढ़त में रहे?
निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.39 प्रतिशत चढ़ा। निफ्टी स्मॉलकैप में भी 0.33 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।
कच्चे तेल की कीमतों का बाज़ार पर क्या असर पड़ा?
ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 87.75 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 1.64 प्रतिशत फिसलकर 81.90 डॉलर प्रति बैरल पर आया। तेल कीमतों में इस नरमी से महंगाई और कंपनियों की लागत संबंधी चिंताएँ कुछ कम हो सकती हैं।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी का अगला लक्ष्य क्या है?
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी पहले चरण में 24,540 से 24,666 अंकों तक बढ़ सकता है, और उसके बाद 24,850 से 25,100 का स्तर भी संभव है। हालांकि 24,490 के आसपास मुनाफावसूली और समेकन देखने को मिल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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