हरीश रावत का भाजपा पर पलटवार: भर्ती घोटाले, महंगाई और एसआईआर पर सीधा हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 27 सितंबर 2026 को देहरादून में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उन आरोपों पर कड़ा पलटवार किया, जो भर्ती घोटाले को लेकर उनकी सरकार के कार्यकाल पर लगाए जा रहे थे। रावत ने न केवल अपनी सरकार का बचाव किया, बल्कि महंगाई, बेरोजगारी और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे मुद्दों पर भाजपा और चुनाव आयोग को भी घेरा।
भर्ती घोटाले पर रावत का जवाब
हरीश रावत ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अधीनस्थ चयन आयोग के गठन के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में 'एरर ऑफ जजमेंट' हुआ था और इसके लिए राज्य की जनता से सार्वजनिक माफी भी मांगी गई थी। उन्होंने कहा, "हम गलत आदमी को चेयरमैन बना बैठे, जिसने गड़बड़ी की। हमने ही उससे इस्तीफा लिया, हमने ही एसआईटी गठित की और तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई।"
रावत के अनुसार, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनाई गई इस कमेटी में आईजी कार्मिक और एडिशनल सेक्रेटरी लॉ को भी सदस्य बनाया गया था। परीक्षाओं में गंभीर अनियमितता उजागर होने के बाद उन्हें निरस्त करने का निर्णय भी तत्कालीन सरकार ने ही लिया था।
भाजपा को राजनीतिक चुनौती
रावत ने कहा कि अब उन्हीं मामलों को आधार बनाकर उनकी सरकार पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि वह उस समय व्यक्तिगत रूप से नहीं बल्कि कांग्रेस के मुख्यमंत्री के तौर पर नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा, "तुमने ललकारा, तुमने पुकारा, हम चले आए। अब देखते हैं, तुम्हारा मुकाबला करते हैं।" रावत ने यह भी बताया कि डॉक्टरों की सलाह के बावजूद, स्वास्थ्य लाभ के लिए दिल्ली में रुकने की जगह भाजपा के आरोपों का जवाब देने के लिए वे राजनीतिक मैदान में लौटे हैं।
महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर भी भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि आम परिवारों के लिए बच्चों की स्कूल फीस और चिकित्सा खर्च उठाना दिन प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है, जबकि युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा। रावत ने आलोचना की कि सरकार जनता को 2047 के विकसित भारत का सपना दिखा रही है, लेकिन वर्तमान में बेरोजगारी और महंगाई जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने यह भी कहा कि कई युवाओं की आय इतनी नहीं है कि वे अपने परिवार का ठीक से भरण पोषण कर सकें।
एसआईआर और चुनाव आयोग पर सवाल
रावत ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि एसआईआर का दुरुपयोग करके मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाई गई आपत्तियां अभी भी बरकरार हैं। रावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का भी समर्थन किया।
भाजपा पर पुराने मामलों में पलटवार
रावत ने भाजपा के भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों को बोफोर्स, कोयला घोटाला और कॉमनवेल्थ जैसे मामलों का हवाला देते हुए बेबुनियाद बताया। आदर्श हाउसिंग मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण सहित उन मामलों से जुड़े नेता अब भाजपा में हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर चुनाव आयोग के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। रावत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाती रहेगी और भाजपा के हर आरोप का राजनीतिक जवाब दिया जाएगा।