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नीट पेपर लीक पर हरीश रावत का हमला: 'युवाओं को नौकरी से रोकने की सोची-समझी साजिश'

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नीट पेपर लीक पर हरीश रावत का हमला: 'युवाओं को नौकरी से रोकने की सोची-समझी साजिश'

सारांश

हरीश रावत ने नीट पेपर लीक को व्यवस्थागत साजिश बताते हुए भाजपा पर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को जायज़ ठहराते हुए उन्होंने सरकार से पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की गारंटी माँगी।

मुख्य बातें

हरीश रावत ने 31 मई को हरिद्वार में नीट पेपर लीक को युवाओं को नौकरी से रोकने की सोची-समझी साजिश करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश पेपर लीक की घटनाएं भाजपा-शासित राज्यों में हुई हैं।
उत्तराखंड में परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बावजूद खामियों का हवाला देकर परीक्षाएं रद्द किए जाने पर चिंता जताई।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को उचित बताया।
राहुल गांधी के नीट पर दिए बयान का पूर्ण समर्थन किया।
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर उन्हें नारी शक्ति का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 31 मई को हरिद्वार में नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे महज प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं को रोज़गार से वंचित रखने की एक सुनियोजित साजिश करार दिया। रावत ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को भी उचित ठहराया।

मुख्य आरोप: व्यवस्थागत साजिश

हरीश रावत ने कहा, "यह भाजपा की पहचान बन गई है। नीट और कई अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। कहीं सिस्टम फेल हो रहा है तो कहीं दूसरी अनियमितताएं हो रही हैं। ऐसा लगता है कि यह लोगों को नौकरी मिलने से रोकने और सरकार का खर्च बढ़ने से बचने की एक सोची-समझी कोशिश है। यह सब सरकार की देखरेख में हो रहा है।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाएं बार-बार हुई हैं और आलोचकों के अनुसार अधिकांश मामले भाजपा-शासित राज्यों में सामने आए हैं।

उत्तराखंड की स्थिति पर चिंता

उत्तराखंड का विशेष उल्लेख करते हुए रावत ने कहा कि राज्य में परीक्षाएं आयोजित तो होती हैं, लेकिन कई पद रिक्त रह जाते हैं। उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के बावजूद प्रक्रियागत खामियों का हवाला देकर परीक्षाएं रद्द कर दी जाती हैं — जो युवाओं के मनोबल पर गहरी चोट करता है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बेरोज़गारी को लेकर युवाओं में गहरी नाराज़गी है।

राहुल गांधी के बयान का समर्थन

रावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नीट पेपर लीक पर दिए गए बयान का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने जो कहा है, वह बिल्कुल सही है। यह माँग पूरे देश में उठाई जा रही है और यह कई अभिभावकों की भावनाओं को दर्शाती है।" उन्होंने परीक्षा नीति की व्यापक समीक्षा और मौजूदा खामियों को दूर करने की माँग भी दोहराई।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग

रावत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को जायज़ ठहराते हुए कहा कि सरकार को इस संकट की नैतिक ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, "सरकार को छात्रों को भरोसा दिलाना चाहिए कि भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाएं — जिनमें नीट भी शामिल है — निष्पक्ष और पारदर्शी होंगी।" उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और ठोस सुधारात्मक कदमों की भी अपील की।

अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धांजलि

इसी अवसर पर रावत ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर उन्हें नारी शक्ति का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, "यह राष्ट्रीय गौरव का दिन है। अहिल्याबाई होल्कर कोई साधारण व्यक्तित्व नहीं थीं — उन्होंने न केवल मंदिरों का निर्माण कराया, बल्कि प्रजा की भलाई के लिए अनुकरणीय कार्य किए।" रावत ने आज की महिलाओं से उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा लेने की अपील की।

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक का मामला इस समय राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है और विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है। आने वाले दिनों में संसद में भी यह मुद्दा गूँजने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पेपर लीक की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संस्थागत सुधार कब होंगे। परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और डिजिटल सुरक्षा मानकों को अनिवार्य बनाने की माँग वर्षों से उठती रही है, पर ठोस कार्रवाई नदारद है। विपक्ष का दबाव तब तक प्रभावी नहीं होगा जब तक वह केवल इस्तीफे की माँग तक सीमित रहे — असली एजेंडा परीक्षा सुधार विधेयक और स्वतंत्र जाँच तंत्र का होना चाहिए।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरीश रावत ने नीट पेपर लीक को साजिश क्यों बताया?
हरीश रावत ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाएं रद्द होने की घटनाएं युवाओं को रोज़गार से वंचित रखने और सरकारी खर्च बचाने की सुनियोजित कोशिश लगती हैं। उनके अनुसार यह सब सरकार की देखरेख में हो रहा है।
हरीश रावत ने किसके इस्तीफे की माँग की?
रावत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को जायज़ ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार को नीट और अन्य परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की नैतिक ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।
उत्तराखंड में परीक्षाओं को लेकर क्या समस्या बताई गई?
रावत ने कहा कि उत्तराखंड में परीक्षाएं आयोजित होती हैं, लेकिन कई पद रिक्त रह जाते हैं। उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के बावजूद प्रक्रियागत खामियों का हवाला देकर परीक्षाएं रद्द कर दी जाती हैं।
राहुल गांधी के किस बयान का हरीश रावत ने समर्थन किया?
रावत ने नीट पेपर लीक पर राहुल गांधी के बयान का पूर्ण समर्थन किया और कहा कि यह माँग पूरे देश में उठाई जा रही है और अभिभावकों की भावनाओं को दर्शाती है। उन्होंने इसे सही और समयोचित बताया।
हरीश रावत ने सरकार से क्या माँगें रखीं?
रावत ने परीक्षा नीति की व्यापक समीक्षा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य में निष्पक्ष व पारदर्शी परीक्षाओं की गारंटी की माँग रखी। उन्होंने युवाओं से एकजुट होकर इस माँग को मज़बूती से उठाने की अपील भी की।
राष्ट्र प्रेस
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