15 सितंबर 2026
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बांसुरी स्वराज का कांग्रेस पर तीखा हमला: भर्ती घोटाले, ब्रिक्स और पंजाब बिजली संकट पर घेरा

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बांसुरी स्वराज का कांग्रेस पर तीखा हमला: भर्ती घोटाले, ब्रिक्स और पंजाब बिजली संकट पर घेरा

सारांश

BJP सांसद बांसुरी स्वराज का कांग्रेस पर एक साथ तीन मोर्चों पर हमला — उत्तराखंड में ईडी छापेमारी, ब्रिक्स डिनर बहिष्कार और पंजाब में 14 घंटे बिजली कटौती। 'मोहब्बत की दुकान में भ्रष्टाचार का कारोबार' — यह एक लाइन BJP की चुनावी भाषा की नई धार बन सकती है।

मुख्य बातें

BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने 15 सितंबर 2026 को कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, ब्रिक्स और बिजली संकट को लेकर एक साथ हमला बोला।
उत्तराखंड वीपीडीओ परीक्षा घोटाले में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व और मौजूदा PA के ठिकानों पर छापेमारी कर ज्ञात आय से अधिक संपत्ति बरामद की।
छत्तीसगढ़ में पूर्व CM भूपेश बघेल के पूर्व OSD को CGPSC पेपर लीक मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है।
कांग्रेस के तीनों मुख्यमंत्री ब्रिक्स समिट के डिनर में शामिल नहीं हुए; मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रेवंत रेड्डी ने पहले स्वीकृति दी थी, बाद में मना कर दिया।
पंजाब में उद्योगों को प्रतिदिन 14 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है; BJP ने AAP सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद बांसुरी स्वराज ने 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर कई मोर्चों पर तीखा प्रहार किया — उत्तराखंड भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी से लेकर ब्रिक्स समिट में कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति और पंजाब के बिजली संकट तक। स्वराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की तथाकथित 'मोहब्बत की दुकान' में वास्तव में भ्रष्टाचार का कारोबार चलता है।

भर्ती घोटाले और ईडी की छापेमारी

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सहयोगियों के परिसरों पर ईडी की छापेमारी के बाद बांसुरी स्वराज ने सीधे कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, 'ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी की 'मोहब्बत की दुकान' में सिर्फ भ्रष्टाचार का ही कारोबार होता है।'

स्वराज के अनुसार, वीपीडीओ परीक्षा घोटाले के सिलसिले में ईडी ने रावत के तत्कालीन और मौजूदा निजी सहायकों (PA) के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति और एसेट्स बरामद किए। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस सरकार की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठते हैं।

सांसद ने छत्तीसगढ़ का भी हवाला दिया, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) को CGPSC भर्ती पेपर लीक मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्सिंग भर्ती में कमीशनखोरी के आरोपों का भी उल्लेख किया, जहाँ कांग्रेस के एक नेता के बेटे पर कमीशन लेने का आरोप कथित तौर पर लगा है। स्वराज ने पूछा कि इन सब मुद्दों पर राहुल गांधी की चुप्पी क्यों है।

ब्रिक्स समिट और राष्ट्रीय हित का सवाल

कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के ब्रिक्स समिट के डिनर में शामिल न होने पर बांसुरी स्वराज ने कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, किंतु राष्ट्रीय हित के मामले में किसी भी दल को संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठना चाहिए।

मीडिया रिपोर्टों के हवाले से स्वराज ने बताया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पहले डिनर निमंत्रण स्वीकार कर लिया था, लेकिन बाद में कथित राजनीतिक दबाव के चलते उन्होंने सरकार को सूचित किया कि वे शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस के तीनों मुख्यमंत्रियों की इस अनुपस्थिति को BJP ने राष्ट्रीय हित पर दलगत राजनीति को तरजीह देने का उदाहरण बताया।

पंजाब में बिजली संकट

पंजाब में बिजली आपूर्ति की बदहाल स्थिति पर स्वराज ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि AAP ने 24 घंटे निर्बाध बिजली देने का वादा किया था, लेकिन अब उद्योगों को प्रतिदिन 14 घंटे तक की बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।

स्वराज का आरोप है कि पंजाब सरकार को पहले से पता था कि धान के मौसम में सिंचाई के लिए बिजली की माँग में भारी वृद्धि होगी, बावजूद इसके वे पर्याप्त बंदोबस्त करने में नाकाम रहे। यह विफलता किसानों और उद्यमियों दोनों के लिए गंभीर आर्थिक नुकसान का कारण बन रही है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बांसुरी स्वराज का यह बहु-मुद्दा हमला BJP की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें विपक्षी शासित राज्यों में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं को राष्ट्रीय बहस में केंद्रित किया जाता है। गौरतलब है कि ये बयान ऐसे समय आए हैं जब कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की आहट है और भर्ती घोटाले युवा मतदाताओं के बीच एक संवेदनशील मुद्दा बन चुके हैं।

कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भविष्य में इन मुद्दों पर संसद और राज्य विधानसभाओं में राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राष्ट्रीय हित और बिजली संकट को एक साथ उठाकर वे युवाओं, राष्ट्रवादी मतदाताओं और उद्योग जगत तीनों को संबोधित करती हैं। लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि ईडी की इन छापेमारियों को BJP सरकार के कार्यकाल में ही निर्देशित किया गया है, जो विपक्षी आरोपों के लिए 'जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग' का मुद्दा खड़ा करता है। ब्रिक्स बहिष्कार पर आरोप तब और पैना लगता है जब भारत की वैश्विक कूटनीति में राज्यों की भागीदारी बढ़ रही है, लेकिन इस प्रकरण की सच्चाई अभी मीडिया रिपोर्टों पर ही आधारित है। असली सवाल यह है कि क्या ये आरोप संसद या न्यायालय में साबित होते हैं, या केवल प्रेस वार्ता तक सीमित रहते हैं।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस पर क्या-क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने 15 सितंबर 2026 को कांग्रेस पर तीन मुद्दों पर हमला बोला — उत्तराखंड में वीपीडीओ परीक्षा घोटाले में ईडी छापेमारी, ब्रिक्स समिट डिनर में कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति, और पंजाब में AAP सरकार द्वारा 14 घंटे की बिजली कटौती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की 'मोहब्बत की दुकान' में केवल भ्रष्टाचार का कारोबार है।
उत्तराखंड वीपीडीओ घोटाले में ईडी की छापेमारी में क्या मिला?
ईडी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के तत्कालीन और मौजूदा निजी सहायकों के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति और एसेट्स बरामद हुए। यह छापेमारी वीपीडीओ परीक्षा घोटाले के सिलसिले में की गई थी।
ब्रिक्स समिट में कांग्रेस के मुख्यमंत्री क्यों नहीं गए?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस के तीनों मुख्यमंत्रियों को ब्रिक्स समिट के डिनर का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन वे शामिल नहीं हुए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कथित तौर पर पहले हाँ कहा, फिर राजनीतिक कारणों से मना कर दिया। BJP ने इसे राष्ट्रीय हित पर दलगत राजनीति को तरजीह देना बताया।
पंजाब में बिजली संकट कितना गंभीर है?
बांसुरी स्वराज के अनुसार, पंजाब में उद्योगों को प्रतिदिन 14 घंटे तक की बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। उनका आरोप है कि AAP सरकार को धान के मौसम में बिजली की बढ़ी माँग का पहले से अनुमान था, फिर भी पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
छत्तीसगढ़ CGPSC पेपर लीक मामले में क्या हुआ?
बांसुरी स्वराज के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व OSD को CGPSC भर्ती पेपर लीक मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है। यह मामला कांग्रेस शासित राज्यों में भर्ती घोटालों की श्रृंखला का हिस्सा बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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