बांसुरी स्वराज का कांग्रेस पर तीखा हमला: भर्ती घोटाले, ब्रिक्स और पंजाब बिजली संकट पर घेरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद बांसुरी स्वराज ने 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर कई मोर्चों पर तीखा प्रहार किया — उत्तराखंड भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी से लेकर ब्रिक्स समिट में कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति और पंजाब के बिजली संकट तक। स्वराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की तथाकथित 'मोहब्बत की दुकान' में वास्तव में भ्रष्टाचार का कारोबार चलता है।
भर्ती घोटाले और ईडी की छापेमारी
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सहयोगियों के परिसरों पर ईडी की छापेमारी के बाद बांसुरी स्वराज ने सीधे कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, 'ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी की 'मोहब्बत की दुकान' में सिर्फ भ्रष्टाचार का ही कारोबार होता है।'
स्वराज के अनुसार, वीपीडीओ परीक्षा घोटाले के सिलसिले में ईडी ने रावत के तत्कालीन और मौजूदा निजी सहायकों (PA) के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति और एसेट्स बरामद किए। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस सरकार की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठते हैं।
सांसद ने छत्तीसगढ़ का भी हवाला दिया, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) को CGPSC भर्ती पेपर लीक मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्सिंग भर्ती में कमीशनखोरी के आरोपों का भी उल्लेख किया, जहाँ कांग्रेस के एक नेता के बेटे पर कमीशन लेने का आरोप कथित तौर पर लगा है। स्वराज ने पूछा कि इन सब मुद्दों पर राहुल गांधी की चुप्पी क्यों है।
ब्रिक्स समिट और राष्ट्रीय हित का सवाल
कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के ब्रिक्स समिट के डिनर में शामिल न होने पर बांसुरी स्वराज ने कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, किंतु राष्ट्रीय हित के मामले में किसी भी दल को संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठना चाहिए।
मीडिया रिपोर्टों के हवाले से स्वराज ने बताया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पहले डिनर निमंत्रण स्वीकार कर लिया था, लेकिन बाद में कथित राजनीतिक दबाव के चलते उन्होंने सरकार को सूचित किया कि वे शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस के तीनों मुख्यमंत्रियों की इस अनुपस्थिति को BJP ने राष्ट्रीय हित पर दलगत राजनीति को तरजीह देने का उदाहरण बताया।
पंजाब में बिजली संकट
पंजाब में बिजली आपूर्ति की बदहाल स्थिति पर स्वराज ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि AAP ने 24 घंटे निर्बाध बिजली देने का वादा किया था, लेकिन अब उद्योगों को प्रतिदिन 14 घंटे तक की बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।
स्वराज का आरोप है कि पंजाब सरकार को पहले से पता था कि धान के मौसम में सिंचाई के लिए बिजली की माँग में भारी वृद्धि होगी, बावजूद इसके वे पर्याप्त बंदोबस्त करने में नाकाम रहे। यह विफलता किसानों और उद्यमियों दोनों के लिए गंभीर आर्थिक नुकसान का कारण बन रही है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बांसुरी स्वराज का यह बहु-मुद्दा हमला BJP की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें विपक्षी शासित राज्यों में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं को राष्ट्रीय बहस में केंद्रित किया जाता है। गौरतलब है कि ये बयान ऐसे समय आए हैं जब कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की आहट है और भर्ती घोटाले युवा मतदाताओं के बीच एक संवेदनशील मुद्दा बन चुके हैं।
कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भविष्य में इन मुद्दों पर संसद और राज्य विधानसभाओं में राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।