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क्या आतिशी के बयान की जांच का अधिकार केवल विधानसभा अध्यक्ष को है? : बांसुरी स्वराज

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क्या आतिशी के बयान की जांच का अधिकार केवल विधानसभा अध्यक्ष को है? : बांसुरी स्वराज

सारांश

दिल्ली विधानसभा में आतिशी के विवादास्पद बयान पर बांसुरी स्वराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। क्या विधानसभा अध्यक्ष ही जांच का अधिकार रखते हैं? जानिए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी पहलू।

मुख्य बातें

आतिशी ने सिख गुरुओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
जांच का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के पास है।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने सरकार की आलोचना की है।
सोशल मीडिया पर चल रहे विवाद को लेकर चिंता जताई गई है।
आतिशी को माफी मांगने की सलाह दी गई है।

नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नई दिल्ली से भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने रविवार को कहा कि अगर दिल्ली विधानसभा में दिए गए किसी बयान की जांच होनी है, तो यह केवल विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता का कानूनी अधिकार है।

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी द्वारा सिख गुरुओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि आतिशी को बचाने की जल्दबाजी में पंजाब पुलिस का गलत इस्तेमाल किया गया और ऐसे मामले की जांच के आदेश दिए गए, जो उसके अधिकार क्षेत्र में ही नहीं आता।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की यह आदत बन गई है कि वह लोकतंत्र, मीडिया और आलोचना को दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करती है लेकिन जब अपनी गलती की बात आती है तो पार्टी और भी ज्यादा घमंड दिखाती है।

bंसुरी स्वराज ने कहा, “6 जनवरी को गुरु तेग बहादुर की 350वीं जयंती पर चर्चा के दौरान आतिशी ने सिख गुरुओं के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। माफी मांगने के बजाय वह अब गायब हैं।”

उन्होंने बताया कि कानून के तहत दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष को किसी भी विधायक के बयान की जांच कराने का अधिकार है। अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा भेजी गई विधानसभा की रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच में यह सामने आया कि वीडियो में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई थी।

भाजपा सांसद ने कहा कि आतिशी ने विधानसभा में सिख गुरुओं का अपमान किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आतिशी कहां हैं? वे गोवा में पदाधिकारियों की घोषणा के समय भी मौजूद नहीं थीं, पंजाब में भी नहीं हैं और कई महीनों से उनके विधानसभा क्षेत्र के लोग भी उन्हें ढूंढ रहे हैं।

उन्होंने कहा, "हैरानी की बात है कि 6 जनवरी को आतिशी ने दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं का अपमान किया और 7 जनवरी को मंत्री कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया, उसी दिन पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।"

उन्होंने सवाल किया, “पंजाब पुलिस का दिल्ली विधानसभा से क्या लेना-देना है?”

बांसुरी स्वराज ने कहा कि जालंधर मामले में सच्चाई यह है कि केस केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ दर्ज किया गया है, न कि कपिल मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ। विधानसभा अध्यक्ष की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि वीडियो में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है, इसलिए आतिशी को तुरंत माफी मांगनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूँ कि यह मुद्दा न केवल राजनीतिक है बल्कि सामाजिक भी है। आतिशी के बयान और उसके बाद की घटनाओं ने हमें यह सोचने पर मजबूर किया है कि क्या राजनीति में नैतिकता का कोई स्थान है? हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे नेता अपने शब्दों के प्रति जिम्मेदार रहें।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आतिशी ने सिख गुरुओं के बारे में क्या कहा?
आतिशी ने सिख गुरुओं के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद विवाद हुआ।
बांसुरी स्वराज का क्या कहना है?
बांसुरी स्वराज ने कहा कि जांच का अधिकार केवल विधानसभा अध्यक्ष का है।
क्या पंजाब पुलिस का दिल्ली विधानसभा से कोई संबंध है?
बांसुरी स्वराज ने सवाल उठाया कि पंजाब पुलिस का दिल्ली विधानसभा से क्या लेना-देना है?
राष्ट्र प्रेस
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