असम में लुमडिंग-बदरपुर ट्रैक क्षतिग्रस्त, त्रिपुरा-मिजोरम-मणिपुर की रेल सेवा एक महीने से ठप
सारांश
मुख्य बातें
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के अंतर्गत आने वाले लुमडिंग-बदरपुर पहाड़ी सेक्शन पर भारी बारिश और जमीन धंसने के कारण रेलवे ट्रैक को व्यापक नुकसान पहुँचा है, जिससे त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर का शेष भारत से रेल संपर्क लगभग एक महीने से बाधित है। असम के दिमा हसाओ जिले में स्थित न्यू हरंगाजाओ स्टेशन के निकट 300 मीटर लंबे हिस्से में दो रेलवे ट्रैक धंस जाने से यह संकट उत्पन्न हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
NFR के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, न्यू हरंगाजाओ स्टेशन के पास लाइन 1 और लाइन 2 के नीचे की जमीन धंस गई, जिससे लुमडिंग डिवीजन के इस रणनीतिक सेक्शन पर ट्रेनों का सामान्य परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। फिलहाल प्रभावित हिस्से से केवल लाइन 3 पर कड़ी निगरानी और सुरक्षा उपायों के साथ सीमित परिचालन जारी है।
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित सेक्शन पर रात के समय यात्री ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। दिन के समय केवल विनियमित परिस्थितियों में और निरंतर निगरानी के साथ ट्रेनों को गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
रद्द और प्रभावित ट्रेनें
मरम्मत कार्य के चलते NFR ने गुवाहाटी-सिलचर एक्सप्रेस और गुवाहाटी-दुल्लाबचेरा एक्सप्रेस सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया है। दक्षिणी असम, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर को जोड़ने वाली अनेक अन्य ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है या उन्हें आंशिक रूप से रद्द किया गया है। कोलकाता-अगरतला एक्सप्रेस, जिसे 9 अगस्त को यात्रा शुरू करनी थी, उसे भी लुमडिंग डिवीजन में विनियमित किया गया।
मरम्मत कार्य की स्थिति
NFR के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में मजदूर, रेलवे कर्मचारी और इंजीनियरिंग टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं और भारी मशीनें तैनात की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मरम्मत का काम सुरक्षित रूप से पूरा होने के बाद नियमित ट्रेन सेवा फिर से शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन हम यह नहीं कह सकते कि सामान्य सेवा कब बहाल होगी।' लगातार मध्यम से भारी बारिश इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
त्रिपुरा के परिवहन मंत्री सुशांत चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार के अधिकारी NFR के अधिकारियों और इंजीनियरों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि मरम्मत कार्य पूरा होते ही सामान्य रेल सेवा बहाल की जा सके।
वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) समेत विपक्षी दलों ने रेल मंत्रालय और त्रिपुरा सरकार पर आरोप लगाया है कि इस रणनीतिक सेक्शन की मरम्मत में पर्याप्त तत्परता नहीं दिखाई गई। आलोचकों का कहना है कि लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन पूर्वोत्तर के चार राज्यों की जीवनरेखा है और इसकी उपेक्षा लाखों लोगों को प्रभावित करती है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह व्यवधान ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में मानसून अपने चरम पर है और यात्री, व्यापारी तथा आपूर्ति श्रृंखलाएँ सभी प्रभावित हो रही हैं। दिमा हसाओ जिला (पूर्व में नॉर्थ कछार हिल्स) भौगोलिक रूप से दुर्गम है, जिससे मरम्मत कार्य और जटिल हो जाता है। गौरतलब है कि यह सेक्शन हर साल मानसून में क्षति के प्रति संवेदनशील रहा है, जो दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की मजबूती पर सवाल उठाता है। NFR के अनुसार मरम्मत पूरी होने के बाद ही सामान्य सेवा बहाल होगी, लेकिन कोई निश्चित समयसीमा अभी तक नहीं दी गई है।