उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक घटनाएं, शिशुपाल सिंह ने उठाई गंभीर चिंता

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उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक घटनाएं, शिशुपाल सिंह ने उठाई गंभीर चिंता

सारांश

उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो गई है, जहां कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर भ्रष्टाचार और हत्याओं का आरोप लगाया है। जानें क्या कह रहे हैं शिशुपाल सिंह और प्रीतम सिंह।

मुख्य बातें

उत्तराखंड में अपराधों का बढ़ता ग्राफ कांग्रेस नेताओं का सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप राहुल गांधी का स्थानीय मुद्दों पर ध्यान भाजपा नेताओं का कांग्रेस में शामिल होना एलपीजी की कमी की समस्या

देहरादून, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता शिशुपाल सिंह और विधायक प्रीतम सिंह ने उत्तराखंड सरकार पर भ्रष्टाचार, एलपीजी की कमी और कानून-व्यवस्था के बिगड़ने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिशुपाल सिंह ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि राहुल गांधी जनता के साथ जुड़े रहते हैं और जब भी कुछ अनुचित होता है, तो अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। उत्तराखंड के मामलों में राहुल गांधी ने हमेशा संवेदनशीलता दिखाई है। अंकिता भंडारी हत्याकांड और पेपर लीक प्रकरण में राहुल गांधी ने उत्तराखंड की आवाज को मुखरता से उठाया है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब अपराधियों का आश्रय स्थल बन गया है। यहां सड़कों पर हत्याएं हो रही हैं, गला रेता जा रहा है, बोरियों में लाशें मिल रही हैं, और खुली गोलीबारी हो रही है। पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। सरकार की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास होने के बावजूद, दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं।

विधायक प्रीतम सिंह ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि उत्तराखंड में गैस की भारी कमी है और कुछ समय में यहां भी लाइन लगने लगेगी। प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। विधानसभा में हमने कानून व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति पर चर्चा की थी। सरकार मजबूत कानून व्यवस्था के दावे कर रही है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां रोजाना हत्याएं हो रही हैं। बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को सरकार रोकने में पूरी तरह असफल रही है।

हाल ही में कई भाजपा नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के संदर्भ में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भाजपा में नहीं थे। इस पर विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि अगर वे कांग्रेस में शामिल हो गए हैं, तो भाजपा और सरकार में इतनी बेचैनी क्यों है? भाजपा की बेचैनी स्पष्ट दिखाई दे रही है। 2027 में उत्तराखंड में परिवर्तन के संकेत हैं। यह सिर्फ शुरुआत है, भाजपा और सरकार देखें कि क्या होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या है?
उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जहां हत्याएं और अन्य आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।
शिशुपाल सिंह ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
शिशुपाल सिंह ने सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था के बिगड़ने और एलपीजी की कमी के आरोप लगाए हैं।
राहुल गांधी का उत्तराखंड में क्या योगदान है?
राहुल गांधी ने उत्तराखंड में विभिन्न मुद्दों पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और स्थानीय मुद्दों को उठाया है।
भाजपा नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने पर क्या प्रतिक्रिया है?
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नेता भाजपा में नहीं थे, परंतु कांग्रेस में शामिल होने पर भाजपा की बेचैनी स्पष्ट है।
उत्तराखंड में गैस की कमी के बारे में क्या कहा गया है?
विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में गैस की कमी है और जल्द ही यहां लाइन लगने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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