उमर अब्दुल्ला ने विश्व पर्यटन दिवस पर जम्मू-कश्मीर का निमंत्रण दिया, गुलमर्ग में छठी राष्ट्रीय गोल्फ प्रतियोगिता की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 27 सितंबर 2026 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर देश-विदेश के पर्यटकों को जम्मू-कश्मीर आने का खुला आमंत्रण दिया। इस अवसर पर गुलमर्ग स्की रिसॉर्ट में छठी राष्ट्रीय गोल्फ प्रतियोगिता की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं, जो पर्यटन विभाग के वार्षिक कैलेंडर का अब स्थायी हिस्सा बन चुकी है।
मुख्यमंत्री का आह्वान
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू और कश्मीर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि अनुभवों का समूचा संसार है। उन्होंने कहा कि निर्मल पर्वत चोटियाँ, शांत झीलें और हरी-भरी घाटियाँ यहाँ साहसिक खेलों, धार्मिक पर्यटन, एमआईसीई सुविधाओं, विवाह स्थलों, अनछुए ट्रेक और फिल्म शूटिंग — सभी के लिए उपयुक्त परिवेश प्रदान करती हैं।
उन्होंने पर्यटन ढाँचे को मज़बूत करने और टिकाऊ व पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उमर अब्दुल्ला ने ज़ोर देकर कहा कि आतिथ्य क्षेत्र के केंद्र में स्थानीय युवा और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएँ होनी चाहिए, ताकि पर्यटन स्थानीय आजीविका में योगदान दे और विरासत संरक्षित रहे।
गुलमर्ग में छठी राष्ट्रीय गोल्फ प्रतियोगिता
पर्यटन निदेशक सैयद कमर सज्जाद ने बताया कि गुलमर्ग में इस वर्ष छठी राष्ट्रीय स्तर की गोल्फ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह आयोजन पर्यटन विभाग द्वारा पूर्णतः प्रायोजित होगा और विभाग के वार्षिक कैलेंडर में सम्मिलित है।
निदेशक ने स्पष्ट किया कि यह प्रतियोगिता अगले वर्ष भी गुलमर्ग में ही आयोजित की जाएगी, जिससे यह आयोजन एक स्थायी वार्षिक परंपरा का रूप ले रहा है। गौरतलब है कि गुलमर्ग का गोल्फ कोर्स समुद्र तल से लगभग 2,650 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और इसे दुनिया के ऊँचाई पर स्थित प्रमुख गोल्फ कोर्सों में गिना जाता है।
AI पर निर्भरता पर चेतावनी
पर्यटन निदेशक सैयद कमर सज्जाद ने पर्यटन उद्योग में बढ़ती तकनीकी निर्भरता पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर अत्यधिक निर्भरता आगंतुकों के व्यक्तिगत अनुभव की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण आतिथ्य और मानवीय संपर्क को पर्यटन विकास की आधारशिला बताया।
आम जनता और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर का पर्यटन क्षेत्र निरंतर उबरने और विस्तार पाने की राह पर है। गोल्फ टूर्नामेंट जैसे आयोजन न केवल उच्च-मूल्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय होटल, परिवहन और शिल्प उद्योग को भी प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाते हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति में पर्यटन को रोज़गार सृजन के एक प्रमुख माध्यम के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और अवसर देकर इस क्षेत्र को टिकाऊ बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
क्या होगा आगे
गुलमर्ग में छठी राष्ट्रीय गोल्फ प्रतियोगिता के साथ शीतकालीन पर्यटन सत्र की तैयारियाँ भी साथ-साथ चल रही हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, यह आयोजन जम्मू-कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय गोल्फ पर्यटन मानचित्र पर और मज़बूती से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।