सीएम उमर अब्दुल्ला ने खेलो इंडिया विंटर गेम्स पर दी प्रतिक्रिया, मणिशंकर अय्यर के बयान का जिक्र
सारांश
Key Takeaways
- गुलमर्ग में खेलो इंडिया विंटर गेम्स का आयोजन हो रहा है।
- मौसम की चुनौतियों का सामना करने की आवश्यकता है।
- आर्टिफिशियल स्नो की जरूरत पर जोर दिया गया है।
- गुलमर्ग में विंटर पर्यटन को बढ़ावा देने की बात की गई।
- उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी और मणिशंकर अय्यर के बारे में अपने विचार साझा किए।
गुलमर्ग, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खेलो इंडिया विंटर गेम्स और मणिशंकर अय्यर के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विंटर गेम्स के लिए गुलमर्ग से उत्तम स्थान कहीं नहीं है, लेकिन यह भी सच है कि मौसम के हालात में परिवर्तन आ रहा है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए हमें कुछ कदम उठाने की आवश्यकता है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण बात है कि लगातार छठी बार खेलो इंडिया विंटर गेम्स का आयोजन गुलमर्ग में हो रहा है। फरवरी के महीने में इतनी गर्मी की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन यह एक वास्तविकता है और हमें इस पर कार्यवाही करनी होगी।
उन्होंने आगे कहा कि आजकल दुनिया भर में जितने भी विंटर गेम्स होते हैं, वे बिना आर्टिफिशियल स्नो के संभव नहीं हैं। कल इटली के कोर्टिना में विंटर ओलंपिक का समापन समारोह है। बिना आर्टिफिशियल स्नो के यह ओलंपिक कभी सफल नहीं हो पाते। 1997 के बाद से हर विंटर ओलंपिक्स में आर्टिफिशियल स्नो की आवश्यकता पड़ी है। हमें गुलमर्ग में भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित करनी होंगी, जो खेलों और पर्यटन दोनों के लिए आवश्यक हैं।
गुलमर्ग में विंटर पर्यटन अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है। इसे और अधिक बढ़ावा देने के लिए हमें ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
ममता बनर्जी के बारे में, उन्होंने कहा कि अभी तक इंडिया गठबंधन में इस प्रकार की कोई बैठक आयोजित नहीं हुई है। मुझे नहीं पता कि यह कहां आयोजित हो रहा है। मणिशंकर अय्यर के बयान पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अब तक इंडिया गठबंधन की किसी भी बैठक में लीडरशिप के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि पहले हमें आंतरिक रूप से इस पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के बारे में कहा कि भाजपा का मुकाबला करते समय उन्होंने कौन सी कमी की? राहुल गांधी हमेशा भाजपा को निशाना बनाते हैं। यह विपक्ष के नेता के रूप में उनका कर्तव्य है। अब आप राहुल गांधी से और क्या अपेक्षा कर सकते हैं?