पीएम शहबाज शरीफ सऊदी अरब, तुर्किए और कतर दौरे पर, ईरान-अमेरिका वार्ता असफल
सारांश
Key Takeaways
- पीएम शहबाज का दौरा महत्वपूर्ण है।
- अमेरिका और ईरान की वार्ता असफल रही।
- दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय शांति और सहयोग है।
- पाकिस्तान मध्यस्थता की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
- सऊदी अरब, तुर्किए और कतर के साथ संबंधों को मजबूत करना है।
इस्लामाबाद, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला चरण इस्लामाबाद में संपन्न हुआ। लेकिन, इस वार्ता का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला और दोनों पक्षों के बीच यह बैठक असफल रही। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि वार्ता का एक और चरण भी इस्लामाबाद में होने की संभावना है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को सऊदी अरब, तुर्किए और कतर की यात्रा पर निकलेंगे।
प्रधानमंत्री शहबाज चार दिन में तीन देशों की यात्रा करेंगे। पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने विदेश मंत्रालय के हवाले से जानकारी दी कि शहबाज शरीफ आज सऊदी अरब, तुर्किए और कतर के आधिकारिक दौरे पर इस्लामाबाद से जेद्दा के लिए रवाना होंगे।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ 15-18 अप्रैल तक सऊदी अरब, कतर और तुर्किए के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे।"
डॉन ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा। शहबाज शरीफ क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान सहित सऊदी नेतृत्व के साथ बैठक करेंगे।
इसके बाद, पीएम शहबाज तुर्किए जाएंगे और पीएम रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात करेंगे। फिर वह कतर की यात्रा करेंगे।
सऊदी अरब और कतर में पाकिस्तानी पीएम द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। तुर्किए में, वह पांचवें अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम में भाग लेकर पाकिस्तान का पक्ष रखेंगे।
यह दौरा उस समय हो रहा है जब ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर दूसरे राउंड की वार्ता होने वाली है। इससे पहले कतर, मिस्र और तुर्किए ने पाकिस्तान में ईरान के साथ पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर बैठक की थी।
इसके अलावा, अटकलें यह भी लगाई जा रही हैं कि पीएम शहबाज विदेश दौरे पर अमेरिका-ईरान के बीच विफल बातचीत की स्थिति से अवगत करवा सकते हैं। पाकिस्तान ने मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका को गंभीरता से लिया है और वह चाहता था कि वह दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारकर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को बेहतर बनाए।
हालांकि, जब अमेरिका और ईरान की बैठक पाकिस्तान में हुई, तो उसका कोई परिणाम नहीं निकला। इससे पाकिस्तान की स्थिति एक बार फिर से कमजोर हुई। दरअसल, बैठक के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया, उसने सबका ध्यान खींचा।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का पोस्ट तब सुर्खियों में आया, जब एक्स पर उनके पोस्ट की हिस्ट्री में एक शब्द ड्राफ्ट दिखाई दिया। इस पोस्ट के बाद से यह अटकलें तेज हो गईं कि क्या यह पोस्ट शहबाज शरीफ ने खुद लिखा था या यह अमेरिका द्वारा भेजा गया ड्राफ्ट था, जिसे उन्होंने बिना पढ़े कॉपी-पेस्ट किया।