जम्मू-कश्मीर सरकार 14-15 अप्रैल को कश्मीर ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन करेगी
सारांश
Key Takeaways
- कश्मीर ट्रैवल मार्ट-2026 14-15 अप्रैल को आयोजित होगा।
- लगभग 250 स्टेकहोल्डर्स भाग लेंगे।
- इवेंट का उद्देश्य कश्मीर के टूरिज्म को बढ़ावा देना है।
- स्थानीय संस्कृति और मेहमाननवाजी का अनुभव साझा किया जाएगा।
- सरकार बेहतर आधारभूत संरचना पर कार्य कर रही है।
श्रीनगर, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को जानकारी दी कि जम्मू-कश्मीर सरकार 14 और 15 अप्रैल को कश्मीर ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन करने जा रही है। इस कार्यक्रम में देश के 20 से अधिक राज्यों से लगभग 250 स्टेकहोल्डर्स भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “जम्मू-कश्मीर टूरिज्म 14-15 अप्रैल को कश्मीर ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन करेगा, जिसमें देशभर के लगभग 250 स्टेकहोल्डर्स शामिल होंगे।”
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान क्राफ्ट सफारी, क्यूरेटेड डेस्टिनेशन टूर और बिजनेस-टू-बिजनेस एंगेजमेंट के माध्यम से कश्मीर के टूरिज्म की सम्पूर्ण संभावनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवसर पर स्टेकहोल्डर्स कश्मीर की संस्कृति, विरासत और गर्मजोशी से भरी मेहमाननवाजी का अनुभव कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इसे टूरिज्म लिंक को मजबूत करने और कश्मीर को एक प्रमुख ग्लोबल ट्रैवल डेस्टिनेशन के रूप में प्रमोट करने की एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर की टूरिज्म इंडस्ट्री की ताकत 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन क्षेत्र में हुए आतंकी हमले के बाद सामने आई। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने 25 पर्यटकों और एक स्थानीय टट्टू मालिक सहित 26 निर्दोष लोगों की जान ले ली थी।
इस घटना ने टूरिज्म इंडस्ट्री को प्रारंभिक झटका दिया और पर्यटक घाटी से दूर हो गए। आतंकी हमले के एक महीने से अधिक समय बाद, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घाटी में सुरक्षा की स्थिति को सुधारने के लिए 27 मई 2025 को पहलगाम में एक विशेष कैबिनेट बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य घाटी में सुरक्षा को बढ़ाना और टूरिज्म को पुनः बढ़ावा देना था।
घाटी में हुए इस हमले ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में चिंता और भय उत्पन्न किया, लेकिन सरकार ने सुरक्षा उपायों और टूरिज्म प्रमोशन के माध्यम से विश्वास बहाल करने की कोशिश की। कश्मीर ट्रैवल मार्ट-2026 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम समझा जा रहा है।
सरकार की निरंतर कोशिशों और स्थानीय लोगों की हिम्मत की वजह से हालात जल्दी ही सुधार गए और पर्यटक फिर से घाटी में आने लगे। 2025 में जम्मू और कश्मीर में 1.77 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो इस क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास योजना के अंतर्गत टूरिज्म सेक्टर में निरंतर वृद्धि को दर्शाता है। इनमें से 36,000 से अधिक पर्यटक विदेशी थे।
इस शानदार प्रतिक्रिया से उत्साहित होकर जम्मू और कश्मीर सरकार को उम्मीद है कि इस वर्ष और अधिक पर्यटक आएंगे। इसके लिए सरकार नए डेस्टिनेशन खोल रही है और केंद्र शासित प्रदेश में आने वाले लोगों के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, परिवहन, यात्रा की सुविधाएँ और अन्य संबंधित सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।