जम्मू-कश्मीर का पहला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल IFFJ&K 2026: उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को करेंगे लोगो अनावरण
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के इतिहास में पहली बार आयोजित होने जा रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (IFFJ&K) 2026 की तैयारियाँ औपचारिक रूप से शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शुक्रवार, 25 जुलाई 2026 को श्रीनगर के रॉयल स्प्रिंग्स गोल्फ कोर्स में शाम साढ़े पाँच बजे इस फेस्टिवल के लोगो का अनावरण करेंगे, जिसके साथ ही इस ऐतिहासिक आयोजन की आधिकारिक उलटी गिनती शुरू हो जाएगी। यह फेस्टिवल 7 से 10 सितंबर 2026 के बीच मुख्य रूप से शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC), श्रीनगर में आयोजित किया जाएगा।
लोगो अनावरण समारोह
लोगो अनावरण कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, फिल्म उद्योग से जुड़े प्रमुख हस्तियों और रचनात्मक क्षेत्र के महत्वपूर्ण सदस्यों के शामिल होने की उम्मीद है। यह समारोह IFFJ&K के आधिकारिक शुभारंभ का प्रतीक होगा और जम्मू-कश्मीर को वैश्विक सिनेमाई मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है।
फेस्टिवल का उद्देश्य और दायरा
IFFJ&K 2026 का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और रचनात्मक पेशेवरों को एक साझा मंच देना है। अधिकारियों के अनुसार, इस आयोजन के ज़रिए जम्मू-कश्मीर की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध कहानियों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँचाने की कोशिश की जाएगी। फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के साथ-साथ भारतीय सिनेमा, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, स्टूडेंट फिल्म, एनिमेशन और क्षेत्रीय फिल्मों को भी स्थान मिलेगा।
मुख्य आयोजन SKICC में होगा, जबकि जम्मू-कश्मीर के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर ओपन-एयर स्क्रीनिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएँगे। कुछ गतिविधियाँ 11 सितंबर 2026 तक जारी रह सकती हैं।
प्रतियोगिता और पुरस्कार
फिल्म निर्माताओं के लिए प्रतियोगिता प्रविष्टियाँ 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी हैं और 31 जुलाई 2026 तक स्वीकार की जाएँगी। पुरस्कार श्रेणियों में बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट एक्टर (पुरुष) और बेस्ट एक्टर (महिला) शामिल हैं। दुनिया भर के फिल्म निर्माता अपनी फिल्में प्रतियोगिता के लिए भेज सकते हैं।
आयोजन और आर्थिक प्रभाव
इस महोत्सव का आयोजन जम्मू-कश्मीर सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (DIPR) और नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) के सहयोग से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, फेस्टिवल से फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र को भी मज़बूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय फिल्म, मीडिया और रचनात्मक उद्योग से जुड़े पेशेवरों को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।
आगे की राह
फेस्टिवल के दौरान इंडस्ट्री फोरम, तकनीकी कार्यशालाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएँगे, जिनका उद्देश्य फिल्म उद्योग के पेशेवरों के बीच नेटवर्किंग को बढ़ावा देना और जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक सिनेमाई विरासत को नई ऊर्जा देना है। यह आयोजन जम्मू-कश्मीर को सिनेमा और कला के क्षेत्र में एक उभरते हुए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक प्रयास है।