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सेंसेक्स 32 अंक गिरकर 78,509 पर खुला; आईटी शेयरों में तेजी, बैंकिंग पर दबाव

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सेंसेक्स 32 अंक गिरकर 78,509 पर खुला; आईटी शेयरों में तेजी, बैंकिंग पर दबाव

सारांश

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय बाजार ने सपाट शुरुआत की — आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने संभाला, बैंकिंग ने दबाया। निफ्टी के लिए 24,400 अहम सपोर्ट, ब्रेंट 88 डॉलर पार। FII की वापसी और बेहतर तिमाही नतीजे उम्मीद जगाते हैं।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 11 अगस्त को 32.67 अंक (0.04%) गिरकर 78,509.77 पर खुला; NSE निफ्टी 50 24,575.10 पर।
निफ्टी आईटी 0.63% , निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.66% और निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम 0.73% की बढ़त के साथ शीर्ष पर।
निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.64% और निफ्टी पीएसयू बैंक 0.62% गिरे।
ब्रेंट क्रूड 0.41% बढ़कर 88.08 डॉलर प्रति बैरल पर; WTI 82.52 डॉलर पर।
निफ्टी के लिए 24,400–24,450 सपोर्ट और 24,750–24,800 रेजिस्टेंस जोन।
विदेशी निवेशक दक्षिण कोरिया व ताइवान से पूँजी निकालकर भारत के टेलीकॉम, नवीकरणीय ऊर्जा, कैपिटल गुड्स और फार्मा में लगा रहे हैं।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स मंगलवार, 11 अगस्त को 32.67 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 78,509.77 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 8.70 अंक फिसलकर 24,575.10 पर कारोबार शुरू हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में आई खरीदारी ने बाजार को सपाट स्तर पर थामे रखा।

सेक्टोरल प्रदर्शन: आईटी आगे, बैंकिंग पिछड़ी

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम 0.73 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.66 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे मजबूत रहे। रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और फार्मा सेक्टर में भी सकारात्मक रुख बना रहा।

दूसरी ओर, बैंकिंग क्षेत्र पर दबाव स्पष्ट दिखा। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.64 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.62 प्रतिशत तक लुढ़का। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.02 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.32 प्रतिशत चढ़ा।

प्रमुख घाटे वाले शेयर

निफ्टी50 में सर्वाधिक नुकसान उठाने वाली कंपनियों में मैक्स हेल्थ, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अपोलो हॉस्पिटल, एक्सिस बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एसबीआई लाइफ शामिल रहीं। गौरतलब है कि बैंकिंग शेयरों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की दिलचस्पी अपेक्षाकृत सीमित बनी हुई है, भले ही इनका वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर हो।

कच्चा तेल और वैश्विक संकेत

अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत बढ़कर 88.08 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया, जबकि WTI क्रूड 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 82.52 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। विश्लेषकों के अनुसार, ऊर्जा कीमतों में यह उछाल आयात-निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ा सकता है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा — जापान का निक्केई करीब 2 प्रतिशत चढ़ा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1 प्रतिशत से अधिक मजबूत हुआ, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 0.6 प्रतिशत गिरा। अमेरिकी बाजारों में सोमवार को S&P 500 0.06 प्रतिशत और नैस्डैक 0.32 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुए थे।

विशेषज्ञों का नजरिया

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं, लेकिन जून तिमाही के उम्मीद से बेहतर कॉरपोरेट नतीजे, मजबूत घरेलू उपभोक्ता माँग और रुपये की स्थिरता बाजार को सहारा दे रहे हैं। विश्लेषकों का यह भी कहना है कि विदेशी निवेशक दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों से पूँजी निकालकर भारत में — मुख्यतः टेलीकॉम, नवीकरणीय ऊर्जा, कैपिटल गुड्स और फार्मा में — निवेश बढ़ा रहे हैं।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,400–24,450 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है, जबकि 24,750–24,800 का दायरा प्रमुख रेजिस्टेंस बना हुआ है। 24,800 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट आने पर तेजी और मजबूत हो सकती है।

आगे क्या देखें

आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, FII प्रवाह, रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर बनी रहेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, FCNR (B) जमा योजनाओं में मजबूत प्रवाह रुपये को स्थिर रखने में सहायक हो सकता है, जिससे विदेशी निवेश आकर्षित होने की संभावना बढ़ेगी और वित्त वर्ष 2026-27 में कंपनियों की आय वृद्धि को समर्थन मिल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ FII की वापसी और आईटी में खरीदारी। दिलचस्प बात यह है कि बैंकिंग शेयर आकर्षक वैल्यूएशन के बावजूद विदेशी निवेशकों की पसंद नहीं बन पा रहे, जो संरचनात्मक सतर्कता का संकेत है। ब्रेंट क्रूड का 88 डॉलर पार करना भारत के आयात बिल और चालू खाते के घाटे के लिए दीर्घकालिक चिंता का विषय है, जिसे अल्पकालिक FII प्रवाह से नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ खुले?
BSE सेंसेक्स 32.67 अंक (0.04%) गिरकर 78,509.77 पर और NSE निफ्टी 50 8.70 अंक फिसलकर 24,575.10 पर खुला। दोनों सूचकांकों की शुरुआत लगभग सपाट रही।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर पड़ा?
ब्रेंट क्रूड 0.41% बढ़कर 88.08 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँचने से बाजार पर दबाव बना, लेकिन आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में खरीदारी ने गिरावट को सीमित रखा। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक ऊँची ऊर्जा कीमतें भारत के आयात बिल पर असर डाल सकती हैं।
आज किन सेक्टर्स में तेजी और किनमें गिरावट रही?
निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम (0.73%), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.66%) और निफ्टी आईटी (0.63%) में बढ़त रही। वहीं निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.64%) और निफ्टी पीएसयू बैंक (0.62%) में गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं?
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,400–24,450 का दायरा अहम सपोर्ट जोन है। 24,750–24,800 पर प्रमुख रेजिस्टेंस है और 24,800 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट आने पर तेजी और मजबूत हो सकती है।
विदेशी निवेशक भारत में किन सेक्टर्स में निवेश बढ़ा रहे हैं?
विश्लेषकों के अनुसार, FII दक्षिण कोरिया और ताइवान से पूँजी निकालकर भारत के टेलीकॉम, नवीकरणीय ऊर्जा, कैपिटल गुड्स और फार्मा सेक्टर में निवेश कर रहे हैं। आकर्षक वैल्यूएशन के बावजूद बैंकिंग शेयरों में उनकी दिलचस्पी अभी सीमित बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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