29 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सेंसेक्स 45 अंक फिसला, निफ्टी 24,061 पर सपाट; फार्मा-हेल्थकेयर में खरीदारी, IT-डिफेंस दबाव में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सेंसेक्स 45 अंक फिसला, निफ्टी 24,061 पर सपाट; फार्मा-हेल्थकेयर में खरीदारी, IT-डिफेंस दबाव में

सारांश

मिलेजुले वैश्विक संकेतों और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोमवार को भारतीय बाज़ार सपाट खुले। सेंसेक्स 45 अंक फिसला, निफ्टी लगभग स्थिर रहा। फार्मा-हेल्थकेयर में खरीदारी, IT-डिफेंस दबाव में। कतर में संभावित वार्ता से तनाव कम होने की उम्मीद।

मुख्य बातें

सेंसेक्स सोमवार को 45 अंक की गिरावट के साथ 77,055 और निफ्टी 5 अंक की बढ़त के साथ 24,061 पर खुला।
निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर शीर्ष गेनर; निफ्टी आईटी , निफ्टी डिफेंस और निफ्टी एनर्जी लाल निशान में।
अमेरिका-ईरान के बीच नए सैन्य तनाव के बाद दोनों देश हमले रोकने पर सहमत; मंगलवार को कतर में बैठक संभव।
WTI क्रूड 1.23% उछलकर $70.07 और ब्रेंट क्रूड 0.98% बढ़कर $73.30 प्रति बैरल पर।
डाओ जोन्स शुक्रवार को 0.09% और नैस्डैक 0.24% की गिरावट के साथ बंद हुए।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 29 जून को शुरुआती कारोबार में 45 अंक की मामूली गिरावट के साथ 77,055 पर था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 5 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,061 पर टिका रहा। मिलेजुले वैश्विक संकेतों और अमेरिका-ईरान तनाव की पृष्ठभूमि में भारतीय बाज़ार की शुरुआत सपाट रही।

कौन से सेक्टर आगे, कौन से पीछे

शुरुआती कारोबार में निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांक शीर्ष पर रहे। निफ्टी फिन सर्विस, निफ्टी सर्विसेज़, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी पीएसयू बैंक भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे।

दूसरी ओर, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी पीएसई, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी ऑटो लाल निशान में थे।

सेंसेक्स पैक: गेनर्स और लूज़र्स

सेंसेक्स की प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में इटरनल, सन फार्मा, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, एचयूएल, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल रहे।

गिरावट वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, इन्फोसिस, टीसीएस, एमएंडएम, बीईएल, भारती एयरटेल और एलएंडटी प्रमुख रहे।

एशियाई और अमेरिकी बाज़ारों का हाल

एशियाई बाज़ारों में मिलाजुला रुख देखा गया। टोक्यो, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे, जबकि शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक में तेज़ी रही। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाज़ार नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे — डाओ जोन्स 0.09% की कमज़ोरी के साथ और नैस्डैक 0.24% की गिरावट के साथ बंद हुआ था।

अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल पर असर

बाज़ार की सतर्कता की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच फिर से भड़की सैन्य तनातनी है। हालाँकि रिपोर्टों के अनुसार दोनों देश एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं और मंगलवार को कतर में बैठक संभव है।

मध्य पूर्व के इस तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। रिपोर्ट लिखे जाने तक WTI क्रूड 1.23% की तेज़ी के साथ $70.07 प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.98% की मज़बूती के साथ $73.30 प्रति बैरल पर था।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी कच्चे तेल की अधिकांश ज़रूरतें आयात से पूरी करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें व्यापार घाटे और मुद्रास्फीति दोनों पर दबाव बना सकती हैं। आने वाले सत्रों में वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कतर वार्ता के नतीजे बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए कच्चे तेल में हर एक डॉलर की बढ़त चालू खाते के घाटे और खुदरा महँगाई दोनों पर असर डालती है। फार्मा की बढ़त रक्षात्मक निवेश की मानसिकता को दर्शाती है, जो संकेत देती है कि बड़े निवेशक जोखिम से बच रहे हैं। कतर वार्ता के नतीजे और अमेरिकी बाज़ारों की अगली चाल इस हफ्ते बाज़ार की दिशा के लिए निर्णायक होगी।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

29 जून को सेंसेक्स और निफ्टी किस स्तर पर खुले?
सेंसेक्स 45 अंक की मामूली गिरावट के साथ 77,055 पर और निफ्टी 5 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,061 पर खुला। दोनों सूचकांकों की शुरुआत मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच सपाट रही।
आज फार्मा शेयरों में खरीदारी क्यों हो रही है?
वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक रक्षात्मक सेक्टरों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर शीर्ष गेनर बने। ऐसे माहौल में फार्मा और हेल्थकेयर को 'सेफ हेवन' माना जाता है।
अमेरिका-ईरान तनाव का भारतीय बाज़ार पर क्या असर है?
अमेरिका-ईरान के बीच नए सैन्य तनाव ने एशियाई बाज़ारों में अनिश्चितता बढ़ाई है और कच्चे तेल की कीमतें चढ़ाई हैं। भारत के लिए यह दोहरी चुनौती है — महँगा तेल आयात बिल और बाज़ार में निवेशकों की सतर्कता।
कच्चे तेल की कीमत आज कितनी है?
रिपोर्ट के अनुसार WTI क्रूड 1.23% की तेज़ी के साथ $70.07 प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.98% की मज़बूती के साथ $73.30 प्रति बैरल पर था। मध्य पूर्व में तनाव के कारण तेल की कीमतों में यह उछाल आया है।
एशियाई बाज़ारों में आज का रुख कैसा रहा?
एशियाई बाज़ारों में मिलाजुला कारोबार रहा — टोक्यो, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे, जबकि शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक में तेज़ी देखी गई। इससे पहले शुक्रवार को डाओ जोन्स 0.09% और नैस्डैक 0.24% की गिरावट के साथ बंद हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले