24 जुलाई 2026
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सेंसेक्स 331 अंक टूटा, निफ्टी 23,767 पर बंद; पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल की आग ने लगातार पाँचवें दिन बाज़ार डुबोया

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सेंसेक्स 331 अंक टूटा, निफ्टी 23,767 पर बंद; पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल की आग ने लगातार पाँचवें दिन बाज़ार डुबोया

सारांश

पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक संकट और ब्रेंट क्रूड के 101 डॉलर तक उछाल ने भारतीय बाज़ार को लगातार पाँचवें दिन झटका दिया। सेंसेक्स हफ्तेभर में 2,100 अंक लुढ़का — यह महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक मार है। अब नज़रें 23,600 के सपोर्ट और 24,000 के रेजिस्टेंस पर टिकी हैं।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 24 जुलाई को 331.62 अंक (0.43%) गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 102 अंक (0.43%) की गिरावट के साथ 23,767.45 पर बंद — लगातार पाँचवाँ नकारात्मक सत्र।
ब्रेंट क्रूड लगातार छठे सत्र में चढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँचा; जुलाई में अब तक ~40% की उछाल।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में ~2,100 अंक (2.7%) और निफ्टी में 2.3% की गिरावट।
निफ्टी मीडिया ( +1.8% ) शीर्ष लाभार्थी; निफ्टी ऑटो ( -1.10% ) सबसे कमज़ोर सेक्टर।
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 23,600–23,650 तत्काल सपोर्ट और 23,950–24,000 रेजिस्टेंस।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स शुक्रवार, 24 जुलाई को 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,059.77 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 भी 102 अंक टूटकर 23,767.45 पर आ गया। पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट और ब्रेंट क्रूड के 101 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँचने के दबाव में यह बाज़ार का लगातार पाँचवाँ नकारात्मक सत्र रहा।

मुख्य घटनाक्रम

सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 76,391.39 से 683.2 अंक नीचे 75,708.19 पर कारोबार शुरू किया और इंट्रा-डे में 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत गिरकर 75,474.43 के दिन के निचले स्तर तक पहुँचा। निफ्टी 50 ने 23,666.35 पर कमज़ोर शुरुआत की और एक समय 23,606.30 के इंट्रा-डे लो को छुआ।

व्यापक बाज़ार में भी दबाव बना रहा — निफ्टी मिडकैप 0.10 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

क्षेत्रवार प्रदर्शन

सेक्टोरल तस्वीर मिलीजुली रही। निफ्टी मीडिया 1.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष लाभार्थी रहा। निफ्टी आईटी में 0.8 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.5 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 0.18 प्रतिशत की तेज़ी दर्ज हुई।

दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो 1.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमज़ोर सेक्टर रहा। निफ्टी एनर्जी 0.57 प्रतिशत, निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी दोनों 0.55 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.46 प्रतिशत, तथा निफ्टी फार्मा और निफ्टी इंफ्रा प्रत्येक 0.4 प्रतिशत लुढ़के।

टॉप गेनर और लूज़र

निफ्टी में सर्वाधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में इटरनल, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), श्रीराम फाइनेंस और बजाज ऑटो शामिल रहे। वहीं, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, सिप्ला, विप्रो, आईटीसी और एचडीएफसी लाइफ शीर्ष लाभ में रहे।

कच्चे तेल का दबाव और साप्ताहिक नुकसान

शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड लगातार छठे सत्र में चढ़ा और सितंबर अनुबंध 101 डॉलर प्रति बैरल को छू गया। इस सप्ताह ब्रेंट में 15 प्रतिशत और पिछले सप्ताह 16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई थी। पिछले तीन महीनों की लगातार गिरावट के बाद जुलाई में अब तक ब्रेंट क्रूड लगभग 40 प्रतिशत ऊपर चढ़ चुका है।

साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में लगभग 2,100 अंक यानी 2.7 प्रतिशत और निफ्टी में 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई — यह कई महीनों का सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

एक बाज़ार विशेषज्ञ के अनुसार, आने वाले सत्रों में 23,650–23,600 का स्तर निफ्टी 50 के लिए तत्काल महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन होगा। यदि सूचकांक इस दायरे से नीचे फिसलता है, तो गिरावट 23,450 और आगे 23,300 तक जा सकती है। ऊपर की ओर 23,950–24,000 का स्तर 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के साथ मेल खाता तत्काल रेजिस्टेंस है — इसे पार करने पर राहत भरी तेज़ी संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चालू खाता घाटे और मुद्रास्फीति तीनों पर एक साथ दबाव बनाता है। गौरतलब है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) पहले से ही मुद्रास्फीति और विकास के बीच संतुलन साध रहा है; कच्चे तेल की यह तेज़ी उसके लिए नई मुश्किल खड़ी करती है। पाँच सत्रों की लगातार गिरावट में खुदरा निवेशकों का मनोबल टूटना स्वाभाविक है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह नहीं बताती कि ऑटो सेक्टर की 1.10 प्रतिशत गिरावट ईंधन लागत की सीधी प्रतिक्रिया है — जो EV संक्रमण की धीमी रफ्तार के संदर्भ में और भी चिंताजनक है। जब तक पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, 24,000 का स्तर पार करना बाज़ार के लिए कठिन परीक्षा बना रहेगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी कितना गिरे?
24 जुलाई को सेंसेक्स 331.62 अंक (0.43%) गिरकर 76,059.77 पर और निफ्टी 50 102 अंक (0.43%) टूटकर 23,767.45 पर बंद हुआ। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों का लगातार पाँचवाँ नकारात्मक सत्र था।
बाज़ार में लगातार गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया, जो जुलाई में अब तक लगभग 40 प्रतिशत ऊपर है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आयात लागत और मुद्रास्फीति की चिंता बढ़ाती हैं, जिससे निवेशकों की धारणा कमज़ोर हुई।
इस सप्ताह बाज़ार में कुल कितना नुकसान हुआ?
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में लगभग 2,100 अंक यानी 2.7 प्रतिशत और निफ्टी 50 में 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह हालिया महीनों का सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन रहा।
निफ्टी के लिए आगे कौन-से स्तर महत्वपूर्ण हैं?
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार 23,650–23,600 का दायरा निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट ज़ोन है। इससे नीचे फिसलने पर 23,450 और 23,300 तक गिरावट संभव है, जबकि 23,950–24,000 का स्तर 50-दिवसीय EMA के साथ तत्काल रेजिस्टेंस है।
किन सेक्टरों ने आज बढ़त और किन्होंने गिरावट दर्ज की?
निफ्टी मीडिया 1.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद आईटी (0.8%), पीएसयू बैंक (0.5%) और बैंक (0.18%) में तेज़ी आई। दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो 1.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमज़ोर रहा, जबकि एनर्जी, मेटल, रियल्टी और ऑयल एंड गैस में भी नुकसान हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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