तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को चार विभागों के अनुदान पर बहस, CM विजय देंगे जवाब
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार, 1 सितंबर को वीकेंड के अवकाश के बाद बजट सत्र फिर शुरू होगा, जिसमें दिव्यांगजन कल्याण, निषेध एवं आबकारी, समाज कल्याण एवं महिला अधिकार तथा कृषि एवं किसान कल्याण — इन चार अहम विभागों के लिए अनुदान की माँगों पर विस्तृत चर्चा होगी। 2026-27 वित्त वर्ष के बजट सत्र में सदन अब तक 32 विभागों की अनुदान माँगों पर बहस पूरी कर चुका है।
बजट सत्र की पृष्ठभूमि
तमिलनाडु सरकार ने 5 अगस्त को विधानसभा में 2026-27 का आम बजट और 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया था। 7, 10 और 11 अगस्त को सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के सदस्यों ने इन दोनों बजटों पर आम चर्चा में भाग लिया।
वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद ने 12 अगस्त को आम बहस का जवाब दिया। इसके बाद 17 अगस्त से विभागवार अनुदान चर्चा का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब तक जारी है।
सोमवार की कार्यवाही का क्रम
सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी, जिसमें मंत्री सदस्यों के सवालों का जवाब देंगे। इसके बाद चारों विभागों की अनुदान माँगों पर बहस होगी।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक दिव्यांगों के लिए कल्याणकारी योजनाओं, राज्य की आबकारी नीति के क्रियान्वयन, महिला सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों तथा किसानों की सहायता से जुड़े मुद्दे उठाने की उम्मीद है।
कौन मंत्री देंगे किस विभाग का जवाब
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, जिनके पास दिव्यांगजन कल्याण विभाग का प्रभार है, उस विभाग से संबंधित सवालों और मुद्दों का जवाब देंगे। निषेध एवं आबकारी मंत्री के. विग्नेश, समाज कल्याण एवं महिला अधिकार मंत्री के. जगदीशवरी तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देंगे।
नई घोषणाओं की उम्मीद
बहस का जवाब देने से पहले मंत्रियों द्वारा अपने विभागों से संबंधित नई योजनाओं, नीतिगत उपायों और विकास पहलों की घोषणा किए जाने की संभावना है। बहस के बाद सदन अनुदान माँगों पर मतदान करेगा, जिससे सरकार को चालू वित्त वर्ष में विभागीय खर्चों की स्वीकृति मिलेगी।
आगे क्या होगा
शेष विभागों की अनुदान माँगों पर चर्चा आने वाले दिनों में जारी रहेगी। विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाने और विभागीय व्यय प्रस्तावों की जाँच करने का यह महत्वपूर्ण अवसर है।