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तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को चार विभागों के अनुदान पर बहस, CM विजय देंगे जवाब

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तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को चार विभागों के अनुदान पर बहस, CM विजय देंगे जवाब

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को फिर शुरू होगा। 32 विभागों की बहस पूरी होने के बाद अब दिव्यांगजन कल्याण, आबकारी, समाज कल्याण और कृषि विभागों की अनुदान माँगों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय समेत चार मंत्री जवाब देंगे।

मुख्य बातें

तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार, 1 सितंबर को बजट सत्र फिर से शुरू होगा।
सदन अब तक 2026-27 वित्त वर्ष के बजट सत्र में 32 विभागों की अनुदान माँगों पर बहस पूरी कर चुका है।
सोमवार को दिव्यांगजन कल्याण , निषेध एवं आबकारी , समाज कल्याण एवं महिला अधिकार तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभागों पर चर्चा होगी।
जोसेफ विजय दिव्यांगजन कल्याण विभाग से जुड़े मुद्दों पर जवाब देंगे।
विभागवार अनुदान चर्चा 17 अगस्त से शुरू हुई थी; मंत्रियों द्वारा नई योजनाओं की घोषणा भी संभव।

तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार, 1 सितंबर को वीकेंड के अवकाश के बाद बजट सत्र फिर शुरू होगा, जिसमें दिव्यांगजन कल्याण, निषेध एवं आबकारी, समाज कल्याण एवं महिला अधिकार तथा कृषि एवं किसान कल्याण — इन चार अहम विभागों के लिए अनुदान की माँगों पर विस्तृत चर्चा होगी। 2026-27 वित्त वर्ष के बजट सत्र में सदन अब तक 32 विभागों की अनुदान माँगों पर बहस पूरी कर चुका है।

बजट सत्र की पृष्ठभूमि

तमिलनाडु सरकार ने 5 अगस्त को विधानसभा में 2026-27 का आम बजट और 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया था। 7, 10 और 11 अगस्त को सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के सदस्यों ने इन दोनों बजटों पर आम चर्चा में भाग लिया।

वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद ने 12 अगस्त को आम बहस का जवाब दिया। इसके बाद 17 अगस्त से विभागवार अनुदान चर्चा का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब तक जारी है।

सोमवार की कार्यवाही का क्रम

सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी, जिसमें मंत्री सदस्यों के सवालों का जवाब देंगे। इसके बाद चारों विभागों की अनुदान माँगों पर बहस होगी।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक दिव्यांगों के लिए कल्याणकारी योजनाओं, राज्य की आबकारी नीति के क्रियान्वयन, महिला सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों तथा किसानों की सहायता से जुड़े मुद्दे उठाने की उम्मीद है।

कौन मंत्री देंगे किस विभाग का जवाब

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, जिनके पास दिव्यांगजन कल्याण विभाग का प्रभार है, उस विभाग से संबंधित सवालों और मुद्दों का जवाब देंगे। निषेध एवं आबकारी मंत्री के. विग्नेश, समाज कल्याण एवं महिला अधिकार मंत्री के. जगदीशवरी तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देंगे।

नई घोषणाओं की उम्मीद

बहस का जवाब देने से पहले मंत्रियों द्वारा अपने विभागों से संबंधित नई योजनाओं, नीतिगत उपायों और विकास पहलों की घोषणा किए जाने की संभावना है। बहस के बाद सदन अनुदान माँगों पर मतदान करेगा, जिससे सरकार को चालू वित्त वर्ष में विभागीय खर्चों की स्वीकृति मिलेगी।

आगे क्या होगा

शेष विभागों की अनुदान माँगों पर चर्चा आने वाले दिनों में जारी रहेगी। विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाने और विभागीय व्यय प्रस्तावों की जाँच करने का यह महत्वपूर्ण अवसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि बजट आवंटन ज़मीनी स्तर पर कितना प्रभावी रहा है। आबकारी नीति पर बहस हमेशा राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है — खासकर तब जब राज्य में शराब से जुड़े सामाजिक मुद्दे बार-बार उठते हैं। विधायकों को मिला यह अवसर केवल खर्च की मंजूरी नहीं, बल्कि जवाबदेही का एक अहम पड़ाव है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को किन विभागों की अनुदान माँगों पर चर्चा होगी?
सोमवार को दिव्यांगजन कल्याण, निषेध एवं आबकारी, समाज कल्याण एवं महिला अधिकार तथा कृषि एवं किसान कल्याण — इन चार विभागों की अनुदान माँगों पर बहस होगी। यह 2026-27 वित्त वर्ष के चल रहे बजट सत्र का हिस्सा है।
तमिलनाडु का 2026-27 बजट सत्र कब शुरू हुआ और अब तक क्या हुआ?
तमिलनाडु सरकार ने 5 अगस्त को आम बजट और 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया। आम बहस के बाद 17 अगस्त से विभागवार चर्चा शुरू हुई और अब तक 32 विभागों की अनुदान माँगों पर बहस पूरी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय किस विभाग पर जवाब देंगे?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के पास दिव्यांगजन कल्याण विभाग का प्रभार है और वे सोमवार को उस विभाग से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा में जवाब देंगे।
अनुदान माँगों पर बहस का क्या महत्व है?
अनुदान माँगों पर बहस विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दे उठाने और विभागीय व्यय प्रस्तावों की जाँच करने का अवसर देती है। बहस के बाद सदन मतदान करता है, जिससे सरकार को चालू वित्त वर्ष में संबंधित विभागों के खर्च की संवैधानिक स्वीकृति मिलती है।
क्या सोमवार की बहस में नई योजनाओं की घोषणा भी होगी?
बहस का जवाब देने से पहले मंत्रियों द्वारा अपने विभागों से संबंधित नई योजनाओं, नीतिगत उपायों और विकास पहलों की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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