कजरी तीज 2026: ओम बिड़ला, अर्जुन राम मेघवाल समेत कई नेताओं ने माताओं-बहनों को दीं शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने कजरी तीज के पावन अवसर पर देशभर की माताओं-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित कीं। भाद्रपद कृष्ण तृतीया को मनाया जाने वाला यह पर्व सुहाग, सौभाग्य और पारिवारिक सुख-समृद्धि की कामना का प्रतीक है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कजरी तीज को लोक-संस्कृति का सुंदर प्रतीक बताया। उन्होंने लिखा कि यह त्योहार माताएं-बहनें सुहाग की लंबी उम्र की कामना से रखती हैं और यह परिवार की खुशी तथा सुख-समृद्धि के मूल भाव को दर्शाता है। बिड़ला ने विशेष रूप से अपने संसदीय क्षेत्र के बूंदी जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ लगने वाला पारंपरिक मेला राजस्थान की जीवंत विरासत, लोक-कला और उत्सवधर्मिता का अद्भुत दर्शन कराता है। उन्होंने प्रार्थना की कि 'माता पार्वती और भगवान शिव की कृपा सभी पर सदैव बनी रहे।'
केंद्रीय मंत्रियों की शुभकामनाएं
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर लिखा कि कजरी तीज सौभाग्य और सुहाग की मंगलकामनाओं से जुड़ा पावन पर्व है। उन्होंने मां गौरी और भगवान महादेव से सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की। केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी एक्स पर पोस्ट कर समस्त माताओं-बहनों को बधाई दी और मां गौरी की कृपा से हर घर में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
अन्य नेताओं के संदेश
BJP नेता तरुण चुघ ने कजरी तीज को 'अखंड सौभाग्य एवं माँ गौरी की उपासना का पावन पर्व' बताते हुए शुभकामनाएं दीं और भगवान भोलेनाथ तथा माता पार्वती की कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और आरोग्यता की मंगलकामना की। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने भी एक्स पर पोस्ट कर इस त्योहार को माताओं-बहनों के अखंड सौभाग्य व अटूट आस्था का प्रतीक बताया और मां गौरी एवं भगवान शिव से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
कजरी तीज का महत्व
गौरतलब है कि कजरी तीज मुख्यतः राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में धूमधाम से मनाई जाती है। यह पर्व भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को आता है और इसमें विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं। बूंदी का कजरी तीज मेला विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जो राजस्थान की लोक-संस्कृति और परंपरा का जीवंत उदाहरण माना जाता है।
आगे का परिदृश्य
देशभर में नेताओं की इन शुभकामनाओं ने कजरी तीज को एक राष्ट्रीय सांस्कृतिक चर्चा का केंद्र बना दिया है। यह परंपरा भारत की विविध लोक-संस्कृतियों को राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित करती रहती है।