31 अगस्त 2026
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मांड्या जेल सुपरिटेंडेंट शांथम्मा का तबादला, विचाराधीन कैदी को VIP सुविधा देने का आरोप

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मांड्या जेल सुपरिटेंडेंट शांथम्मा का तबादला, विचाराधीन कैदी को VIP सुविधा देने का आरोप

सारांश

मांड्या जेल में जमीन घोटाले के आरोपी कैदी को अस्पताल में गर्लफ्रेंड के साथ रहने देने और जेल के भीतर कथित 'रेट लिस्ट' के आरोपों के बाद कर्नाटक के DGP ने सुपरिटेंडेंट शांथम्मा को बल्लारी सेंट्रल जेल ट्रांसफर किया। कांस्टेबल चंदन पहले ही निलंबित हो चुके हैं।

मुख्य बातें

कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (जेल) आलोक कुमार ने मांड्या जिला जेल की सुपरिटेंडेंट शांथम्मा को तत्काल प्रभाव से बल्लारी सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया।
विचाराधीन कैदी मोहम्मद हुसैन (जमीन घोटाला) को कथित तौर पर बिना अदालत को सूचित किए मांड्या एमआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मांड्या जिला सत्र न्यायाधीश सी.
चंद्रशेखर के औचक दौरे में कैदी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कथित तौर पर पाया गया।
करीब 80 कैदियों के हस्ताक्षर वाली अर्जी में जेल में विशेष सुविधाओं की कथित 'रेट लिस्ट' का खुलासा हुआ।
डीएआर कांस्टेबल चंदन को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

कर्नाटक के मांड्या जिला जेल की सुपरिटेंडेंट शांथम्मा को 31 अगस्त को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया, जब एक विचाराधीन कैदी को कथित तौर पर अनुचित विशेष सुविधाएं दिए जाने का मामला सामने आया। राज्य के पुलिस महानिदेशक (जेल) आलोक कुमार ने यह आदेश जारी करते हुए शांथम्मा को अगले आदेश तक बल्लारी सेंट्रल जेल में विशेष ड्यूटी पर भेजा है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह कार्रवाई जमीन घोटाले के आरोपी और विचाराधीन कैदी मोहम्मद हुसैन — जो एडीएलआर अधिकारी बताए जाते हैं — से जुड़े मामले में की गई है। आरोप है कि हुसैन को पीठ दर्द का हवाला देकर मांड्या एमआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि कथित तौर पर उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। इससे भी गंभीर बात यह है कि अस्पताल में भर्ती करने से पहले संबंधित अदालत को सूचित नहीं किया गया था।

मांड्या जिला सत्र न्यायाधीश सी. चंद्रशेखर के औचक दौरे के दौरान यह खुलासा हुआ कि कैदी हुसैन अस्पताल में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कथित तौर पर मौजूद था। न्यायाधीश ने मौके पर ही जेल सुपरिटेंडेंट शांथम्मा से पूछताछ की।

जेल में 'रेट लिस्ट' के आरोप

यह घटना मांड्या जेल में व्यापक अनियमितताओं के आरोपों के बीच सामने आई है। करीब 80 कैदियों के हस्ताक्षर वाली एक अर्जी मीडिया में सामने आई, जिसमें जेल के भीतर विभिन्न सुविधाओं के लिए कथित 'रेट लिस्ट' का विवरण दिया गया था। इस अर्जी में कैदियों के हस्ताक्षर, अंगूठे के निशान और उनके विचाराधीन कैदी नंबर भी शामिल थे।

कथित सूची में विशेष कोठरियों और अन्य सुविधाओं के लिए मासिक भुगतान का उल्लेख था। इन आरोपों ने जेल प्रशासन की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

कांस्टेबल पर भी गिरी गाज

इसी मामले की कड़ी में, इससे पहले जिला आर्म्ड रिजर्व (डीएआर) के कांस्टेबल चंदन को निलंबित किया जा चुका है। आरोप है कि चंदन ने अस्पताल में भर्ती कैदी हुसैन को वार्ड में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रहने की अनुमति दी। उन पर ड्यूटी में लापरवाही का आरोप लगाया गया है।

प्रशासनिक आदेश का विवरण

पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार के आदेश के अनुसार, संबंधित जेल अधीक्षक को शांथम्मा के कार्यभार छोड़ने और बल्लारी सेंट्रल जेल में रिपोर्ट करने की अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपनी होगी। यह स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू बताया गया है।

आगे की कार्रवाई

इस पूरे प्रकरण ने कर्नाटक की जेल व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। यह देखना बाकी है कि क्या मांड्या जेल में कथित 'रेट लिस्ट' की जाँच के लिए कोई स्वतंत्र विभागीय जाँच शुरू की जाती है और क्या अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल सिर्फ एक अधिकारी की लापरवाही का नहीं, बल्कि पूरी निगरानी-व्यवस्था की विफलता का है। 80 कैदियों की 'रेट लिस्ट' वाली अर्जी — अगर सत्य है — यह संकेत देती है कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि एक स्थापित व्यवस्था है। तबादला एक त्वरित प्रशासनिक प्रतिक्रिया है, लेकिन जब तक स्वतंत्र विभागीय जाँच नहीं होती और जवाबदेही तय नहीं होती, यह कार्रवाई ऊपरी लीपापोती से ज्यादा नहीं दिखती।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मांड्या जेल सुपरिटेंडेंट शांथम्मा का तबादला क्यों हुआ?
विचाराधीन कैदी मोहम्मद हुसैन को कथित तौर पर अनुचित विशेष सुविधाएं देने और बिना अदालत को सूचित किए अस्पताल में भर्ती कराने के मामले में कर्नाटक के DGP (जेल) आलोक कुमार ने शांथम्मा को तत्काल प्रभाव से बल्लारी सेंट्रल जेल ट्रांसफर किया। जिला सत्र न्यायाधीश के औचक दौरे में यह मामला उजागर हुआ था।
मांड्या जेल में 'रेट लिस्ट' का मामला क्या है?
करीब 80 कैदियों के हस्ताक्षर वाली एक अर्जी मीडिया में सामने आई, जिसमें जेल के भीतर विशेष कोठरियों और अन्य सुविधाओं के लिए कथित मासिक भुगतान की 'रेट लिस्ट' का विवरण था। इस अर्जी में कैदियों के अंगूठे के निशान और विचाराधीन कैदी नंबर भी शामिल थे।
कैदी मोहम्मद हुसैन कौन है और उस पर क्या आरोप है?
मोहम्मद हुसैन एडीएलआर अधिकारी बताए जाते हैं और वे जमीन घोटाले के मामले में मांड्या जिला जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद हैं। उन पर आरोप है कि उन्हें पीठ दर्द का हवाला देकर अस्पताल भेजा गया जबकि कथित तौर पर उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।
इस मामले में कांस्टेबल चंदन पर क्या कार्रवाई हुई?
डीएआर कांस्टेबल चंदन को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। आरोप है कि उन्होंने अस्पताल में भर्ती कैदी हुसैन को वार्ड में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रहने की अनुमति दी।
शांथम्मा को किस जेल में भेजा गया है और अब आगे क्या होगा?
शांथम्मा को अगले आदेश तक बल्लारी सेंट्रल जेल में विशेष ड्यूटी पर भेजा गया है। संबंधित जेल अधीक्षक को कार्यभार हस्तांतरण की अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है। कथित 'रेट लिस्ट' की स्वतंत्र जाँच के बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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