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एचडीएफसी बैंक के अगले CEO की रेस में कैजाद भरूचा सबसे आगे, अक्टूबर 2026 में जगदीशन के जाने के बाद संभाल सकते हैं कमान

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एचडीएफसी बैंक के अगले CEO की रेस में कैजाद भरूचा सबसे आगे, अक्टूबर 2026 में जगदीशन के जाने के बाद संभाल सकते हैं कमान

सारांश

एचडीएफसी बैंक में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी शुरू हो गई है। अक्टूबर 2026 में शशिधर जगदीशन के जाने के बाद कैजाद भरूचा सबसे प्रबल दावेदार हैं, लेकिन 15 वर्ष की सेवा सीमा के चलते उनका कार्यकाल तीन साल से कम रह सकता है — और यही पेच पूरी दौड़ को दिलचस्प बनाता है।

मुख्य बातें

कैजाद भरूचा , उप प्रबंध निदेशक, एचडीएफसी बैंक के अगले MD & CEO पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं।
मौजूदा प्रमुख शशिधर जगदीशन का कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त होगा और उन्होंने पुनर्नियुक्ति न लेने का फैसला किया है।
RBI के नियमों के तहत बैंक को 2-3 उम्मीदवारों की वरीयता सूची केंद्रीय बैंक को भेजनी होगी; अंतिम नियुक्ति RBI की मंजूरी के बाद होगी।
भरूचा जून 2014 से बोर्ड में हैं; 15 वर्ष की सेवा सीमा के कारण जून 2029 के बाद कार्यकाल विस्तार के लिए RBI की विशेष अनुमति ज़रूरी होगी।
यह बदलाव ऐसे समय में है जब बैंक एचडीएफसी लिमिटेड के साथ ऐतिहासिक विलय के बाद एकीकरण की प्रक्रिया में है।

एचडीएफसी बैंक के उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा बैंक के अगले प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, मौजूदा प्रमुख शशिधर जगदीशन के अक्टूबर 2026 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति न लेने के फैसले से यह संभावना और मजबूत हुई है।

उत्तराधिकार की प्रक्रिया कैसे होगी

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत निजी क्षेत्र के बैंकों को CEO पद के लिए दो से तीन संभावित उम्मीदवारों के नाम वरीयता क्रम में केंद्रीय बैंक को स्वीकृति हेतु भेजने होते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, एचडीएफसी बैंक जगदीशन के कार्यकाल की समाप्ति के बाद RBI को जो सूची भेजेगा, उसमें कैजाद भरूचा का नाम प्राथमिकता में सबसे ऊपर हो सकता है। अंतिम नियुक्ति RBI की मंजूरी के बाद ही होगी।

RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंक की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति को मौजूदा प्रमुख का कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम छह महीने पहले उत्तराधिकार प्रक्रिया शुरू करनी होती है, और इसमें आंतरिक तथा बाहरी दोनों प्रकार के उम्मीदवारों पर विचार अनिवार्य है।

कैजाद भरूचा: अनुभव और पृष्ठभूमि

कैजाद भरूचा एचडीएफसी बैंक के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। वह जून 2014 से बैंक के निदेशक मंडल का हिस्सा हैं और वर्तमान में उप प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। बैंक के संचालन, जोखिम प्रबंधन और व्यवसायिक रणनीति में उनकी निर्णायक भूमिका के चलते उन्हें स्वाभाविक उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है।

नियामकीय चुनौती: कार्यकाल सीमा का पेच

हालांकि, भरूचा के संभावित कार्यकाल को लेकर एक अहम नियामकीय बाधा भी सामने आ सकती है। नियमों के अनुसार किसी पूर्णकालिक निदेशक की लगातार सेवा अवधि 15 वर्षों तक सीमित होती है। चूंकि भरूचा जून 2014 में बोर्ड में शामिल हुए थे, इसलिए वे जून 2029 में इस सीमा तक पहुँच जाएंगे।

ऐसे में यदि वह अक्टूबर 2026 में CEO बनते हैं, तो उनका संभावित कार्यकाल तीन वर्ष से भी कम रह सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, यदि RBI विशेष अनुमति देता है तो इस अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं है।

2020 की उत्तराधिकार प्रक्रिया से तुलना

गौरतलब है कि 2020 में दीर्घकालीन प्रमुख आदित्य पुरी के सेवानिवृत्त होने के बाद भी उत्तराधिकार प्रक्रिया में शशिधर जगदीशन सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे थे और अंततः उन्हें CEO नियुक्त किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब एचडीएफसी बैंक एचडीएफसी लिमिटेड के साथ हुए ऐतिहासिक विलय के बाद अपने विस्तारित कारोबार के एकीकरण और विस्तार की प्रक्रिया में है।

नए CEO का चुनाव क्यों अहम है

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि बैंक अन्य उम्मीदवारों के नामों पर भी विचार कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस महत्वपूर्ण दौर में नए CEO का चयन बैंक की भविष्य की रणनीति, विकास की गति और निवेशकों के विश्वास के लिए निर्णायक साबित होगा। अगले कुछ महीनों में नामांकन समिति की गतिविधियों और RBI के रुख पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तीन साल से कम का संभावित कार्यकाल रणनीतिक निरंतरता के लिए एक वास्तविक जोखिम है। बड़ा सवाल यह है कि क्या RBI किसी ऐसे CEO को दीर्घकालिक विस्तार देगा जो विलय के बाद की जटिल एकीकरण यात्रा का नेतृत्व करे — और यदि नहीं, तो क्या बोर्ड किसी बाहरी उम्मीदवार पर दांव लगाने का साहस दिखाएगा, जैसा 2020 में नहीं हुआ था।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एचडीएफसी बैंक का अगला CEO कौन होगा?
रिपोर्टों के अनुसार, उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा अगले MD & CEO पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार हैं। हालांकि अंतिम नियुक्ति RBI की मंजूरी के बाद ही होगी और बैंक अन्य उम्मीदवारों पर भी विचार कर सकता है।
शशिधर जगदीशन कब रिटायर होंगे?
शशिधर जगदीशन का कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त होगा। उन्होंने पुनर्नियुक्ति न लेने का फैसला किया है, जिससे उत्तराधिकार प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कैजाद भरूचा के CEO बनने में क्या बाधा है?
RBI के नियमों के तहत किसी पूर्णकालिक निदेशक की लगातार सेवा अवधि 15 वर्षों तक सीमित होती है। भरूचा जून 2014 से बोर्ड में हैं, इसलिए जून 2029 में यह सीमा पूरी हो जाएगी — यानी अक्टूबर 2026 में CEO बनने पर उनका कार्यकाल तीन साल से कम रह सकता है।
एचडीएफसी बैंक में CEO नियुक्ति की प्रक्रिया क्या है?
RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंक की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति को कार्यकाल समाप्ति से कम से कम छह महीने पहले उत्तराधिकार प्रक्रिया शुरू करनी होती है। बैंक 2-3 उम्मीदवारों की वरीयता सूची RBI को भेजता है और अंतिम नियुक्ति केंद्रीय बैंक की मंजूरी के बाद होती है।
एचडीएफसी बैंक के नए CEO का चुनाव इतना अहम क्यों है?
एचडीएफसी बैंक अभी एचडीएफसी लिमिटेड के साथ ऐतिहासिक विलय के बाद अपने विस्तारित कारोबार के एकीकरण की प्रक्रिया में है। ऐसे में नए CEO का चयन बैंक की भविष्य की रणनीति, विकास की गति और निवेशकों के विश्वास के लिए निर्णायक माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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