29 अगस्त 2026
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एचडीएफसी बैंक के एमडी-सीईओ शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर को सेवानिवृत्त, उत्तराधिकारी की तलाश तेज़

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एचडीएफसी बैंक के एमडी-सीईओ शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर को सेवानिवृत्त, उत्तराधिकारी की तलाश तेज़

सारांश

देश के सबसे बड़े निजी बैंक के शीर्ष पर बड़ा बदलाव आने वाला है। शशिधर जगदीशन ने पुनर्नियुक्ति से इनकार कर दिया है और 26 अक्टूबर 2026 को विदाई लेंगे। एचडीएफसी-एचडीएफसी बैंक के ऐतिहासिक विलय को अंजाम देने वाले नेता के जाने के बाद उत्तराधिकारी की तलाश अब बैंक की सबसे अहम प्राथमिकता है।

मुख्य बातें

शशिधर जगदीशन ने एचडीएफसी बैंक के एमडी एवं सीईओ पद पर पुनर्नियुक्ति से इनकार किया।
वे 26 अक्टूबर 2026 को कारोबारी समय समाप्त होने तक अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
बोर्ड ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन जगदीशन अपने फैसले पर अटल रहे।
जगदीशन ने अक्टूबर 2020 में पदभार संभाला था और एचडीएफसी लिमिटेड के साथ ऐतिहासिक विलय को सफलतापूर्वक पूरा कराया।
बैंक का शेयर शुक्रवार को ₹719.50 पर बंद हुआ; 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹1,020.50 रहा।
उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी, जिसमें RBI की मंजूरी भी आवश्यक होगी।

एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन ने 26 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होने का फैसला किया है और एक और कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति से इनकार कर दिया है। बैंक ने शनिवार, 29 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिए यह जानकारी दी। निदेशक मंडल द्वारा उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश की गई, लेकिन जगदीशन अपने निर्णय पर अटल रहे।

बोर्ड की प्रतिक्रिया और औपचारिक स्वीकृति

एचडीएफसी बैंक के निदेशक मंडल ने शनिवार को आयोजित बैठक में जगदीशन के पत्र पर औपचारिक रूप से संज्ञान लिया, जिसमें उन्होंने पुनर्नियुक्ति न चाहने की बात स्पष्ट की थी। बोर्ड ने उनके नेतृत्व, समर्पण और बैंक की वृद्धि में निभाई गई भूमिका की सराहना की। बैंक के बयान के अनुसार, "जगदीशन ने संगठन की स्थिरता, विकास और भारत के कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े विलयों में से एक को सफलतापूर्वक पूरा कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।" बोर्ड ने उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

जगदीशन की विरासत: ऐतिहासिक विलय और दो दशक की सेवा

जगदीशन ने अक्टूबर 2020 में एचडीएफसी बैंक के एमडी एवं सीईओ का पदभार संभाला था। उन्होंने बैंक के दीर्घकालिक प्रमुख आदित्य पुरी का स्थान लिया था, जिन्होंने दो दशक से अधिक समय तक बैंक का नेतृत्व किया था। उनके कार्यकाल की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक का ऐतिहासिक विलय रहा, जिसने भारत के सबसे बड़े वित्तीय सेवा समूहों में से एक का निर्माण किया। यह सौदा भारतीय कॉर्पोरेट जगत के सर्वाधिक महत्वपूर्ण विलयों में गिना जाता है।

जगदीशन पिछले दो दशकों से अधिक समय से एचडीएफसी बैंक से जुड़े रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। संस्था के भीतर लंबे अनुभव और वित्तीय क्षेत्र की गहरी समझ उनके शीर्ष नेतृत्व तक के सफर की पहचान रही है।

उत्तराधिकारी चयन की प्रक्रिया

जगदीशन के निर्णय के बाद एचडीएफसी बैंक ने उनके उत्तराधिकारी के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर तेज़ करने का फैसला किया है। बैंक ने स्पष्ट किया कि नए एमडी एवं सीईओ की नियुक्ति 26 अक्टूबर 2026 से पहले सुनिश्चित की जाएगी। जगदीशन उस तारीख को कारोबारी समय समाप्त होने तक अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। गौरतलब है कि नए नेतृत्व का चयन ऐसे समय में हो रहा है जब बैंक एचडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय के बाद विस्तारित कारोबार का पूरा लाभ उठाने की दिशा में काम कर रहा है।

शेयर बाज़ार पर असर

शुक्रवार को एचडीएफसी बैंक का शेयर ₹719.50 पर बंद हुआ। पिछले 52 सप्ताह में शेयर ने ₹1,020.50 का उच्चतम और ₹707 का न्यूनतम स्तर छुआ है। यह घोषणा बाज़ार बंद होने के बाद आई, इसलिए निवेशकों की प्रतिक्रिया अगले कारोबारी सत्र में दिखेगी।

आगे क्या होगा

बैंक के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसे नेता को चुनना है जो विलय के बाद की एकीकरण प्रक्रिया को आगे ले जा सके और एचडीएफसी बैंक की विकास रणनीति को नई दिशा दे सके। उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मंजूरी भी आवश्यक होगी, जो इस प्रक्रिया को और महत्वपूर्ण बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि बैंक का शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर से करीब 30% नीचे है। आदित्य पुरी के बाद जगदीशन को बड़े जूते भरने थे, और अब उनके उत्तराधिकारी के सामने दोहरी विरासत होगी। RBI की मंजूरी की अनिवार्यता इस प्रक्रिया को और संवेदनशील बनाती है, क्योंकि नियामक की प्राथमिकताएं हमेशा बोर्ड की पसंद से मेल नहीं खातीं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शशिधर जगदीशन एचडीएफसी बैंक से कब सेवानिवृत्त होंगे?
शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर 2026 को कारोबारी समय समाप्त होने तक एमडी एवं सीईओ के रूप में कार्यरत रहेंगे और उसके बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उन्होंने एक और कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति से स्वयं इनकार किया है।
जगदीशन ने पुनर्नियुक्ति क्यों नहीं ली?
बैंक की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, जगदीशन ने स्वयं यह निर्णय लिया और निदेशक मंडल द्वारा उन्हें मनाने के प्रयासों के बावजूद अपने फैसले पर कायम रहे। उन्होंने इनकार के व्यक्तिगत कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताए हैं।
एचडीएफसी बैंक का नया एमडी-सीईओ कौन होगा?
अभी तक किसी उत्तराधिकारी का नाम तय नहीं हुआ है। बैंक ने कहा है कि नए एमडी एवं सीईओ की नियुक्ति 26 अक्टूबर 2026 से पहले सुनिश्चित करने के लिए चयन प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा, जिसमें भारतीय रिज़र्व बैंक की मंजूरी भी आवश्यक होगी।
शशिधर जगदीशन की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?
उनके कार्यकाल की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक का ऐतिहासिक विलय है, जिसे भारतीय कॉर्पोरेट जगत के सबसे बड़े विलयों में गिना जाता है। इसके अलावा उन्होंने अक्टूबर 2020 में आदित्य पुरी के बाद बैंक की स्थिरता और विकास को बनाए रखा।
इस घोषणा का एचडीएफसी बैंक के शेयर पर क्या असर पड़ेगा?
घोषणा बाज़ार बंद होने के बाद आई, इसलिए शेयर पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दिखी। शुक्रवार को शेयर ₹719.50 पर बंद हुआ था, जो 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹1,020.50 से काफी नीचे है। निवेशकों की प्रतिक्रिया अगले कारोबारी सत्र में सामने आएगी।
राष्ट्र प्रेस
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