29 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोलकाता में डेंगू उन्मूलन अभियान: KMC और मेट्रो रेलवे का संयुक्त अभियान 3 सितंबर तक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोलकाता में डेंगू उन्मूलन अभियान: KMC और मेट्रो रेलवे का संयुक्त अभियान 3 सितंबर तक

सारांश

कोलकाता नगर निगम और मेट्रो रेलवे ने एस्प्लेनेड से डेंगू उन्मूलन का संयुक्त अभियान शुरू किया है, जो 3 सितंबर तक चलेगा। मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इसे जन आंदोलन बताया और गंदगी फेंकने पर ₹400 तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

मुख्य बातें

KMC और मेट्रो रेलवे कोलकाता ने 29 अगस्त को डेंगू उन्मूलन का संयुक्त विशेष अभियान शुरू किया, जो 3 सितंबर तक चलेगा।
अभियान एस्प्लेनेड मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर सभी मेट्रो स्टेशनों, दक्षिण पूर्वी रेलवे स्टेशनों और ट्रेन कार शेड क्षेत्रों तक फैलेगा।
प्रतिबंधित प्लास्टिक या गंदगी फेंकने पर ₹200 से ₹400 तक जुर्माने का प्रावधान।
परित्यक्त परिसरों के मालिकों को नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 496 के तहत नोटिस जारी किए जाएंगे।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने अभियान को जन आंदोलन बताया; सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर राज्यव्यापी विस्तार की योजना।

कोलकाता नगर निगम (KMC) और मेट्रो रेलवे कोलकाता ने 29 अगस्त को शहर में डेंगू उन्मूलन के लिए एक संयुक्त विशेष अभियान की शुरुआत की, जो 3 सितंबर तक चलेगा। यह अभियान एस्प्लेनेड मेट्रो स्टेशन क्षेत्र से प्रारंभ हुआ और शहर के सभी मेट्रो स्टेशनों तथा दक्षिण पूर्वी रेलवे के विभिन्न स्टेशनों तक विस्तारित होगा।

अभियान का दायरा और संचालन

KMC प्रशासक स्मिता पांडे और मेट्रो रेलवे कोलकाता की प्रधान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (PCMO) रीना मुखर्जी संयुक्त रूप से इस अभियान का नेतृत्व कर रही हैं। अभियान के तहत मेट्रो स्टेशनों और उनके आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ ट्रेन कार शेड क्षेत्रों में भी सफाई और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

रेलवे आवास क्षेत्रों में उन परित्यक्त ज़मीनों या परिसरों के मालिकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जहाँ झाड़ियों के कारण पानी जमा हो रहा है या जमा होने की संभावना है। ये नोटिस नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 496 के तहत जारी किए जाएंगे।

जुर्माने और सख्त कार्रवाई का प्रावधान

अभियान के अंतर्गत प्रतिबंधित प्लास्टिक या गंदगी कहीं भी फेंकने पर ₹200 से ₹400 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। कहीं भी थूकने या गंदगी फेंकने पर जुर्माने के साथ-साथ दोषी को सख्त चेतावनी दी जाएगी और उसे वह स्थान साफ करने के लिए कहा जाएगा। इस घटना को कैमरे में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाएगा।

मंत्री की अपील: जन आंदोलन बनाना ज़रूरी

पश्चिम बंगाल के नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल अभियान के शुभारंभ पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा, 'यह केवल सरकार की लड़ाई नहीं है; इसे जन आंदोलन में बदलना होगा। आम जनता के जागरूक हुए बिना डेंगू का उन्मूलन नहीं हो सकता।'

मंत्री पॉल ने यह भी कहा कि फुटपाथों पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए और व्यापारियों को कम से कम दो-तिहाई जगह आवागमन के लिए खाली रखनी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि घरों या टंकियों में पानी जमा न होने दें और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।

आगे की योजना: केवल मानसून तक सीमित नहीं

अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल मानसून के मौसम या कुछ दिनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी जारी रखा जाएगा। बताया गया है कि इसे सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग जैसे अन्य सरकारी विभागों के साथ मिलकर राज्य भर में संचालित किया जाएगा। यह पहल ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में वृद्धि एक वार्षिक चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस बार KMC व मेट्रो रेलवे का संयुक्त अभियान संस्थागत सहयोग का एक सकारात्मक संकेत है। हालाँकि, सवाल यह है कि क्या छह दिन का अभियान और जुर्माने की धमकी दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन ला सकती है, जबकि पिछले वर्षों में भी ऐसे अभियान चलते रहे हैं। असली परीक्षा तब होगी जब सिंचाई और लोक निर्माण विभाग जैसे विभाग ज़मीनी स्तर पर समन्वय करें — क्योंकि डेंगू के लार्वा अक्सर सरकारी परिसरों में ही पनपते हैं। जन जागरूकता की बात सही है, लेकिन जवाबदेही का ढाँचा नागरिकों से पहले सरकारी एजेंसियों पर लागू होना चाहिए।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता डेंगू उन्मूलन अभियान क्या है और कब तक चलेगा?
यह KMC और मेट्रो रेलवे कोलकाता का संयुक्त विशेष अभियान है, जो 29 अगस्त को एस्प्लेनेड मेट्रो स्टेशन से शुरू हुआ और 3 सितंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य शहर में डेंगू के मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करना और नागरिकों में जागरूकता फैलाना है।
इस अभियान में गंदगी फेंकने पर क्या जुर्माना है?
प्रतिबंधित प्लास्टिक या गंदगी कहीं भी फेंकने पर ₹200 से ₹400 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। दोषी को जगह साफ करने के लिए भी कहा जाएगा और घटना को कैमरे में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाएगा।
अभियान में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
अभियान शहर के सभी मेट्रो स्टेशनों और उनके आसपास के क्षेत्रों, दक्षिण पूर्वी रेलवे के विभिन्न स्टेशनों और ट्रेन कार शेड क्षेत्रों में चलाया जाएगा। रेलवे आवास क्षेत्रों में परित्यक्त परिसरों के मालिकों को भी नोटिस भेजे जाएंगे।
क्या यह अभियान केवल मानसून तक सीमित है?
नहीं, अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल मानसून के मौसम तक सीमित नहीं रहेगा और भविष्य में भी जारी रखा जाएगा। इसे सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर राज्य भर में संचालित करने की योजना है।
डेंगू से बचाव के लिए नागरिकों को क्या करना चाहिए?
मंत्री अग्निमित्रा पॉल के अनुसार नागरिकों को घरों या टंकियों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करनी चाहिए। फुटपाथों पर अतिक्रमण न करें और व्यापारी कम से कम दो-तिहाई जगह आवागमन के लिए खाली रखें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 1 साल पहले